वायरल न्यूज़

अजब गजब: भारत का सबसे अनोखा शिव मंदिर, जिसकी सुरक्षा करता है मेंढक, कई बार रंग बदलता है शिवलिंग

  • Authored by: आदित्य साहू
  • Updated Nov 30, 2023, 07:12 PM IST

Mysterious Shiv Mandir: इस मंदिर को तंत्र विद्या के आधार पर बनवाया गया था। चाहमान वंश के राजा बख्श सिंह ने इस मंदिर का निर्माण करवाया था। भगवान शिव इस मंदिर में एक बरसाती मेंढ़क की पीठ पर विराजमान है। इसे मेंढ़क मंदिर के नाम से जाना जाता है।

Image

मेंढक मंदिर (ट्विटर)

Mysterious Shiv Mandir: भारत में लाखों मंदिर हैं। जिसमें से कई ऐसे मंदिर हैं, जो रहस्यमयी हैं। इन मंदिरों में भगवान के भक्तों को चमत्कार देखने को मिलता है। आपने अपने आस-पास कई शिव मंदिर देखे होंगे। इन मंदिरों में आपको नंदी की मूर्ति नजर आई होगी। दूसरी तरफ हम आपको भगवान शिव के एक ऐसे मंदिर के बारे में बताने जा रहे हैं, जिसकी रखवाली मेंढ़क करता है। यह अनोखा मंदिर यूपी में स्थित है, जिसे मेंढ़क मंदिर के नाम से जाना जाता है।

भगवान शिव का बेहद चमत्कारी मंदिर

उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले के ओयल कस्बे में स्थित भगवान शिव का यह मंदिर काफी प्राचीन है। इस मंदिर का निर्माण मंडूक यंत्र के आधार पर हुआ है। मेंढ़क द्वारा रखवाली करने के कारण इसका नाम मेंढ़क मंदिर पड़ा। बता दें कि इस मंदिर की रखवाली की जिम्मेदारी 11 वीं शताब्दी से चाहमान शासकों की थी। चाहमान वंश के राजा बख्श सिंह ने इस मंदिर का निर्माण करवाया था। इस मंदिर को तंत्र विद्या के आधार पर बनवाया गया था।

पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, भगवान शिव इस मंदिर में एक बरसाती मेंढ़क की पीठ पर विराजमान है। इस दौरान मेंढ़क उनकी रखवाली कर रहा है। भारत में यह एकलौता मंदिर है, जिसमें भगवान शिव की रखवाली एक मेंढक कर रहा है। इस मंदिर के बारे में मान्यता है कि जो भक्त सच्चे मन से भगवान शिव की आराधना करता है, उसकी कामना पूरी जरूर होती है। इस मंदिर को लेकर कई सारे चमत्कारी किस्से मशहूर हैं। दीपावली के दिन इस मंदिर की विशेष पूजा-अर्चना की जाती है।

शिवलिंग बदलता है कई बार रंग

इस मंदिर को लेकर एक और बात कही जाती है कि इसमें स्थापित शिवलिंग दिनभर में कई बार रंग बदलता है। इस मंदिर में स्थापित शिवलिंग को नर्मदेश्वर महादेव के नाम से जाना जाता है। बता दें कि यह मंदिर बनाने में संगमरमर का इस्तेमाल हुआ है। इस मंदिर में नंदी भगवान की मूर्ति खड़ी अवस्था में स्थापित की गई है। तंत्रशास्त्र के हिसाब से निर्माण किए गए मंदिर का छत्र इसी पर आधारित है। सूर्य की रोशनी के साथ पहले यह छत्र घूमता था। हालांकि, अब यह छत्र सही रख-रखाव न होने की वजह से खराब हो गया है।

आदित्य साहू
आदित्य साहूauthor

आदित्य साहू टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में स्पोर्ट्स और ट्रेडिंग कंटेंट लिखतें हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स की डिग्री हासिल करने के बाद वह पिछले 10 सालों से मीडिया में सक्रिय हैं। स्पोर्ट्स इवेंट की रियल टाइम कवरेज, डाटा टॉपिक्स और अनोखे कंटेंट आइडियाज को आकर्षक और एंगेजिंग तरीके से प्रस्तुत करना आदित्य की खासियत है। उनकी कॉपी राइटिंग और इंटरेस्टिंग हेडलाइन बनाने की क्षमता उन्हें डिजिटल दुनिया में अलग पहचान देती है। 15,000 से अधिक बायलाइन स्टोरी पब्लिश कर चुके आदित्य का लक्ष्य हर खबर को यूनिक एंगल और स्टोरीटेलिंग के रोचक अंदाज में पेश करना है।

और पढ़ें
End of Article