देश

धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर विपक्ष का भारी हंगामा, लोकसभा 27 जुलाई तक स्थगित, विपक्ष ने ठुकराई रिजिजू की चर्चा की मांग

लोकसभा की कार्यवाही स्थगित होने से पहले संसदीय कार्यमंत्री किरेन रिजिजू ने विपक्ष से बार-बार NEET पेपर लीक एवं शिक्षा में सुधार पर चर्चा शुरू करने की अपील की लेकिन विपक्ष इसके लिए तैयार नहीं हुआ। रिजिजू ने चर्चा में भाग लेने के लिए राहुल गांधी को अपने सांसदों को समझाने की अपील की।

Image

लोकसभा की कार्यवाही 27 जुलाई तक स्थगित।

Photo : ANI

Loksabha adjourned: शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की अपनी मांग से विपक्ष जरा भी पीछे हटने के लिए तैयार नहीं है। प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए वह सरकार पर लगातार दबाव बना रहा है। विपक्ष के शोर-गुल एवं हंगामे की वजह से शुक्रवार को एक बार फिर लोकसभा में कोई कामकाज नहीं हो पाया। लोकसभा की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्ष के सांसदों ने प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए भारी हंगामा किया। इसके बाद लोकसभा की कार्यवाही 12 बजे तक स्थगित हुई। 12 बजे के बाद सदन जब दोबारा बैठा तो विपक्ष ने फिर हंगामा किया। इसके बाद लोकसभा की कार्यवाही 27 जुलाई तक स्थगित कर दी गई है।

विपक्ष चाहे तो अभी शुरू कर सकते हैं चर्चा-रिजिजू

लोकसभा की कार्यवाही स्थगित होने से पहले संसदीय कार्यमंत्री किरेन रिजिजू ने विपक्ष से बार-बार NEET पेपर लीक एवं शिक्षा में सुधार पर चर्चा शुरू करने की अपील की लेकिन विपक्ष इसके लिए तैयार नहीं हुआ। रिजिजू ने चर्चा में भाग लेने के लिए राहुल गांधी को अपने सांसदों को समझाने की अपील की। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि विपक्ष चाहते तो सरकार अभी चर्चा शुरू कर सकती है। उन्होंने कहा कि सरकार तैयार है लेकिन विपक्ष चर्चा से भाग रहा है। रिजिजू ने कहा कि सोनम वांगचुक ने अपना अनशन समाप्त कर दिया है और आज की कैबिनेट की बैठक में सरकार एक सख्त कानून लाने जा रही है।

संसद परिसर में इंडिया ब्लॉक का प्रदर्शन

इससे पहले कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और कई अन्य विपक्षी दलों के नेताओं ने शुक्रवार को प्रदर्शनकारी छात्रों के समर्थन और सरकार के विरोध में संसद परिसर में प्रदर्शन किया तथा शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की। संसद के मकर द्वार के निकट आयोजित इस प्रदर्शन में कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा, तृणमूल कांग्रेस की सांसद सागरिका घोष और कई अन्य दलों के नेता शामिल हुए। उन्होंने 'वी वांट जस्टिस’ (हमें न्याय चाहिए) के नारे लगाए। मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के सांसद जॉन ब्रिटास ने कहा, 'विपक्ष की मांग बहुत स्पष्ट है। हम शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा चाहते हैं।’

राज्यसभा की कार्यवाही 12 बजे तक स्थगित

नीट प्रश्नपत्र लीक मामले में प्रदर्शन करने वाले छात्रों पर पुलिस की कार्रवाई के विरोध में और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर शुक्रवार को राज्यसभा में विपक्षी दलों के सदस्यों के हंगामे के कारण बैठक शुरू होने के कुछ देर बाद दोपहर 12 बजे तक स्थगित कर दी गई।

उच्च सदन की बैठक शुरु होने पर सभापति सी पी राधाकृष्णन ने 26 जुलाई को मनाए जाने वाले कारगिल विजय दिवस का उल्लेख किया। उन्होंने सैन्य बलों के साहस और शौर्य की सराहना करते हुए कहा कि उनकी निगरानी में सीमाएं सुरक्षित हैं। इसके बाद उन्होंने तथा सदस्यों ने कारगिल संघर्ष में सर्वोच्च बलिदान देने वाले सैन्य बलों के कर्मियों को श्रद्धांजलि देते हुए कुछ पल का मौन रखा।

राज्यसभा में प्रधान के खिलाफ नारेबाजी

कारगिल विजय दिवस हर वर्ष 26 जुलाई को मनाया जाता है, लेकिन इस बार 26 जुलाई को रविवार होने के कारण अवकाश होगा और संसद की बैठक नहीं होगी। इसलिए आज शहीदों को श्रद्धांजलि दी गई। शहीदों को श्रद्धांजलि देने के बाद सभापति ने आवश्यक दस्तावेज सदन के पटल पर रखवाए और प्रश्नकाल शुरू करना चाहा। इसी बीच विपक्षी सदस्यों ने नीट प्रश्नपत्र लीक मामले को लेकर सोमवार को राजधानी में प्रदर्शन करने वाले छात्रों पर पुलिस की कार्रवाई के विरोध में तथा शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए सरकार के खिलाफ नारेबाजी और हंगामा शुरू कर दिया।

Alok Rao
आलोक कुमार रावauthor

19 वर्षों से मीडिया जगत में सक्रिय आलोक राव ने प्रिंट, न्यूज एजेंसी, टीवी और डिजिटल चारों ही माध्यमों में काम किया है। इस लंबे अनुभव ने उन्हें समाचारों की समझ, प्रेजेंटेशन, डिटेलिंग और न्यूजरूम डायनेमिक्स में असाधारण दक्षता प्रदान की है। राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों में विशेष रुचि रखने के साथ-साथ जियो-पॉलिटिक्स एवं डिफेंस की स्टोरीज में इनकी खासी दिलचस्पी है। आलोक ने अलग-अलग माध्यमों में काम करते हुए समाचारों की समझ, प्रस्तुति और विश्लेषण में मजबूत दक्षता विकसित की है और अब तक 25,000 से अधिक आर्टिकल तैयार कर चुके हैं। तथ्यों की गहन जांच, मजबूत न्यूज सेंस और तेज निर्णय क्षमता उनकी पत्रकारिता की प्रमुख खासियतें हैं।

और पढ़ें
End of Article