Delhi Students Protest: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पेपर लीक के मामलों में सख्ती दिखाते हुए फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने का ऐलान किया है. इसका मकसद दोषियों को जल्दी और कड़ी सजा दिलाना है. उन्होंने संबंधित अधिकारियों को इस पर तुरंत काम शुरू करने के निर्देश दिए हैं। इसी बीच बॉम्बे हाईकोर्ट ने बड़ा कदम उठाया है। हाईकोर्ट ने औरंगाबाद और नागपुर में दो विशेष फास्ट-ट्रैक कोर्ट गठित किए हैं, जो नीट पेपर लीक और उससे जुड़े मामलों की सुनवाई करेंगे।
जानकारी के अनुसार, इन विशेष अदालतों का गठन केंद्र सरकार के निर्देशों और चार हाईकोर्टों, बॉम्बे, दिल्ली, कलकत्ता और मध्य प्रदेश के अधिकार क्षेत्र में तय की गई प्राथमिकता के आधार पर किया गया है। इसका उद्देश्य परीक्षा से जुड़े गंभीर मामलों का जल्द निपटारा करना है।
फास्ट-ट्रैक कोर्ट का गठन केवल मौजूदा मामले तक नहीं रहेगा सीमित
हालांकि, नीट पेपर लीक मामले में अभी चार्जशीट दाखिल होनी बाकी है, लेकिन इन फास्ट-ट्रैक कोर्ट का गठन केवल मौजूदा मामले तक सीमित नहीं रहेगा। भविष्य में सामने आने वाले अन्य परीक्षा धोखाधड़ी और पेपर लीक से जुड़े मामलों की सुनवाई भी इन अदालतों में की जा सकेगी। सूत्रों के मुताबिक, जब NEET पेपर लीक मामले की चार्जशीट दाखिल होगी, तब उसका ट्रायल भी इन्हीं विशेष अदालतों में चलाया जाएगा। माना जा रहा है कि इससे मामले की सुनवाई में तेजी आएगी और लंबे समय तक लंबित रहने की आशंका कम होगी।
सोशल मीडिया पर उन्होंने लिखा है कि हमारे युवाओं के कल्याण और भविष्य से बड़ा कुछ नहीं है। इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार ने फैसला लिया है कि पेपर लीक से जुड़े मामलों की सुनवाई के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाए जाएंगे। इन अदालतों का मकसद यह होगा कि पेपर लीक के दोषियों को जल्दी और सख्त सजा मिल सके. मामलों के निपटारे में देरी न हो, इसके लिए यह कदम उठाया जा रहा है।
संबंधित अधिकारियों और विभागों को दिए गए जरूरी आदेश: पीएम मोदी
पीएम मोदी ने बताया कि उन्होंने संबंधित अधिकारियों और विभागों को इस बारे में जरूरी निर्देश दे दिए हैं। उनसे कहा गया है कि वे इस फैसले को लागू करने के लिए सभी जरूरी कार्रवाई करें। प्रधानमंत्री ने इसे छात्रों के हित में सरकार द्वारा उठाए जा रहे कदमों की एक कड़ी बताया है। उन्होंने कहा कि यह फैसला छात्रों के हितों की सुरक्षा के लिए सरकार की लगातार चल रही कोशिशों का ही हिस्सा है।
