राष्ट्रपति का नाम सुनते ही आमतौर पर हमारे दिमाग में भाषण, बैठकों और सरकारी कार्यक्रमों की तस्वीर आती है लेकिन मंगोलिया के राष्ट्रपति उखना खुरेलसुख का एक वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है। जिसमें वह कुछ ऐसा करते नजर आ रहे हैं, जिसे देखकर लोग उनकी फिटनेस और ताकत की खूब तारीफ कर रहे हैं।
जब राष्ट्रपति ने दिखाया अपना दम
वायरल हो रहे वीडियो (Viral Video) में मंगोलिया के राष्ट्रपति एक सैन्य यूनिट के दौरे पर दिखाई दे रहे हैं। इसी दौरान वह अपनी शारीरिक ताकत का प्रदर्शन करते नजर आ रहे हैं। सोशल मीडिया पर किए जा रहे दावे के मुताबिक, राष्ट्रपति ने 100 किलो वजन को बेंच प्रेस पर 20 बार उठाया। 100 किलो वजन को एक-दो बार उठाना भी किसी के लिए आसान नहीं होता। ऐसे में 20 बार इसे उठाने का वीडियो देख लोग राष्ट्रपति की फिटनेस की तारीफ करते थक नहीं रहे हैं।
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राष्ट्रपति की ताकत का वीडियो वायरल
इस पूरे मामले में सबसे ज्यादा चर्चा सिर्फ वजन और रेप्स की नहीं हो रही, बल्कि राष्ट्रपति के पहनावे ने भी लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचा। आमतौर पर कोई व्यक्ति भारी वजन उठाने के लिए टी-शर्ट, शॉर्ट्स या जिम के कपड़े पहनता है लेकिन वीडियो में खुरेलसुख फॉर्मल कपड़ों में ही नजर आ रहे हैं। यानी न कोई खास जिम आउटफिट और न ही कोई वर्कआउट सेशन जैसा माहौल। इसके बावजूद उन्होंने 100 किलो वजन उठाने की कामयाब कोशिश की। इसी वजह से उनका यह वीडियो सोशल मीडिया पर लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है।
जिम आउटफिट नहीं, फिर भी उठा लिया 100 किलो वजन
बताया जा रहा है कि यह वीडियो (Video) राष्ट्रपति के एक सैन्य यूनिट के दौरे के दौरान का है। सैन्य जवानों के बीच अपनी फिटनेस और ताकत दिखाने का यह अंदाज लोगों को काफी अलग लगा। सोशल मीडिया यूजर्स वीडियो को शेयर करते हुए उनकी शारीरिक फिटनेस की तारीफ कर रहे हैं। राष्ट्रपति उखना खुरेलसुख मंगोलिया की राजनीति में एक जाना-पहचाना नाम हैं लेकिन इस वीडियो के बाद उनकी पहचान का एक अलग पहलू भी सोशल मीडिया पर चर्चा में आ गया। कुल मिलाकर, राष्ट्रपति का सैन्य यूनिट में इस तरह अपनी ताकत दिखाना आम राजनीतिक कार्यक्रमों से काफी अलग नजर आया। 100 किलो वजन, 20 रेप्स और ऊपर से फॉर्मल कपड़े यही अनोखा कॉम्बिनेशन इस वीडियो को सोशल मीडिया पर वायरल होने का कारण बना।
डिस्क्लेमर: इस खबर में दी गई जानकारी सोशल मीडिया पोस्ट पर आधारित है। टाइम्स नाउ नवभारत किसी भी प्रकार के दावे की पुष्टि नहीं करता है।
