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लहराती हुई आई बिहार पुलिस की गाड़ी, दरवाजे खुलते ही दिखा कुछ ऐसा, लोग बोले - दिल-गुर्दा-फेफड़ा सब हिल गया

बिहार से एक मजेदार वीडियो सामने आया है, जिसमें कुछ नाबालिग बच्चे बिहार पुलिस की गाड़ी भगाते हुए नजर आ रहे हैं। ये वीडियो सोशल मीडिया पर भी काफी वायरल हो रहा है, जिस पर लोगों के काफी कमेट्स भी देखने को मिल रहे हैं।

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बिहार पुलिस की गाड़ी भगाते दिखे नाबालिग (Instagram)

KEY HIGHLIGHTS
  • बिहार पुलिस की गाड़ी का वीडियो वायरल
  • बिहार पुलिस की गाड़ी भगाते दिखे नाबालिग
  • जमकर वायरल हो रहा हो ये वीडियो

Minors Driving Bihar Police Car: बिहार, जिसे अतीत में जंगल राज का गढ़ माना जाता था, अब एक नया रूप ले रहा है। पहले यहां अपराधियों का बोलबाला था और लोग कानून से डरते नहीं थे। लेकिन बिहार में सुशासन की कोशिशों के चलते अपराधियों पर काफी हद तक नियंत्रण पाया गया है। फिर भी, कुछ घटनाएं दर्शाती हैं कि कानून का भय अभी भी पूरी तरह से खत्म नहीं हुआ है।

हाल ही में सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें नाबालिग बच्चे एक पुलिस की गाड़ी चला रहे थे। वीडियो की शुरुआत में पुलिस की जीप तेज़ गति से सड़क पर दौड़ती दिखाई दी। लोगों को लगा कि गाड़ी में कोई अधिकारी होगा, लेकिन दरवाजा खुलते ही सब हैरान रह गए जब देखा गया कि गाड़ी के अंदर एक नाबालिग ड्राइवर था। उसने इस मजेदार पल को रील बनाने के लिए इस्तेमाल किया। इस वीडियो को 'fav._navii' नाम के इंस्टा अकाउंट से शेयर किया गया है।

बिहार पुलिस की गाड़ी भगाते दिखे नाबालिग

जांच के पश्चात यह पता चला कि यह पुलिस की जीप वास्तव में रिपेयरिंग के लिए आई थी, और नाबालिग बच्चों ने इसे कुछ समय के लिए उठाया था। वीडियो ने लोगों का ध्यान खींचा और उन्होंने कमेंट में लिखा कि ऐसी बातें सिर्फ बिहार में ही देखने को मिलती हैं। यह घटना न केवल बिहार के वर्तमान स्वरूप को दर्शाती है, बल्कि यह भी बताती है कि कानून का पालन करने के मामले में अभी सुधार की जरूरत है।

Kishan Gupta
किशन गुप्ताauthor

<p>देश की धार्मिक राजधानी काशी में जन्म लिया और घाटों पर खेल-कूदकर बड़ा हुआ। साल 2019 में महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में मास्टर्स डिग्री ली। यही से पत्रकारिता की शुरुआत भी हुई। इसी साल जुलाई में हैदराबाद स्थित रामोजी रॉव के स्वामित्व वाले ईटीवी भारत से करियर की शुरुआत हुई। बतौर ट्रेनी यहां एक साल से अधिक का समय बिताया। यह पहली दफा था, जब घर से दूर निकला था। लेकिन चस्का था तो काम करने, एक अच्छा पत्रकार बनने का। यहां रहकर चंद्रयान - 2 को कवर करने का मौका मिला। इसके बाद राजस्थान में शिक्षक भर्ती को लेकर उम्मीदवारों की ओर से हुए हिंसक विरोध को भी करीब से देखा। इस दौरान पथराव का भी सामना करना पड़ा। लेकिन काम करने का एक जुनून था। यह पहली दफा था, जब मैंने किसी बड़ी न्यूज को कवर किया था। इसके बाद ये सिलसिला चलता गया। कुछ समय ऐसा भी आया, जब होम पेज भी काम करने को मिला। करीब एक साल से अधिक समय बिताने के बाद ईटीवी भारत से अलविदा लिया और अपने गृह जिले में पहुंचा, जहां के एक लोकल चैनल टूडेज इंडिया न्यूज में काम करने का मौका मिला। यहां करीब डेढ़ साल से अधिक का समय बिता, जहां रहकर बनारस के साथ-साथ पूर्वांचल को भी कवर करने का मौका मिला। राजनीति और क्राइम की खबरों में खासा रूचि होने के कारण अक्सर फोकस भी इसी पर रहता था। इस दौरान कोविड के दंश को भी देखा। कोरोना काल का यह वो भयानक मंजर था, जिसकी किसी को आशंका न थी। इस दौरान खबरों के माध्यम से देश के दुख-दर्द को करीब से महसूस करने का मौका मिला। फिर मई 2022 में वनइंडिया ज्वाइन कर ली, यहां से फीचर राइटिंग की शुरुआत करते हुए मैंने ट्रैवेल पर काम करना शुरू किया। ऑफिस बैंगलोर था, तो वहां जाने के लिए काफी सोचना भी पड़ा लेकिन दिमाग में था कि बड़ा कुछ करना है तो देश की आर्थिक राजधानी के लिए निकल पड़ा। यहां काफी कम समय ही बिता, करीब 9 महीने तक काम करने के बाद यहां से अलविदा लिया। फिर समय आया देश के प्रतिष्ठित संस्थान टाइम्स नेटवर्क से जुड़ने का। मार्च 2023 में मैं Timesnowhindi.com के वायरल टीम से जुड़ा। इस बीच तमाम ट्रेंडिंग, वायरल और अजब-गजब जैसी कई खबरें की। बीट अलग होने के कारण थोड़ा चैलेंजिंग था लेकिन उस चैलेंज को पूरा करते हुए और चुनौतियों का सामना करते हुए आज एक साल से ऊपर का समय हो गया है।</p>

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