आज के समय में ज्यादातर लोग विदेश जाकर बड़ी सैलरी वाली नौकरी करने का सपना देखते हैं। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि कोई इंसान अपनी मर्जी से इतनी महंगी नौकरी छोड़कर भारत लौट आए? सुनने में यह अजीब लगता है, मगर एक युवक ने ऐसा ही किया और उसका फैसला सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया। यह कहानी उज्जवल चड्ढा की है। जो अमेरिका में माइक्रोसॉफ्ट जैसी नामी कंपनी में डेवलपर थे। उज्जवल अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पोस्ट में लिखते हैं कि मैं पहले अमेरिका में माइक्रोसॉफ्ट में डेवलपर की नौकरी करता था। सब कुछ अच्छा था, बड़ी सैलरी, बढ़िया लाइफस्टाइल और नामी कंपनी।
उज्जवल ने भारत में नौकरी करने के गिनाए तीन बड़े फायदे
लेकिन अंदर से कहीं न कहीं खालीपन था। फिर मैंने एक बड़ा फैसला लिया। मैंने अमेरिका की नौकरी छोड़ी और भारत आकर रिमोट जॉब शुरू की। यह फैसला मेरी जिंदगी को बेहतर बना गया। उज्जवल भारत में नौकरी करने के तीन बड़े फायदे बताते हैं। वह कहते हैं कि सबसे बड़ा फायदा मिला पैसे की ताकत का। अमेरिका के सिएटल में 2.5 लाख डॉलर सालाना कमाई को लोग सिर्फ “आरामदायक जिंदगी” कहते हैं। इसको अगर रुपयों में बदले तो 2 करोड़ 26 लाख 81 हजार 412 रुपये होता है। लेकिन वही कमाई भारत के दिल्ली जैसे शहर में आए तो वह किसी सपने से कम नहीं लगती। मेरा किराया करीब 80 प्रतिशत कम हो गया। पहले जहां हर खर्च सोच-समझकर करता था, अब बिना मेन्यू देखे खाना ऑर्डर कर सकता हूं। बचत भी बहुत बढ़ गई है।
दूसरा फायदा मिला समय का। अमेरिका में ठंडी और अकेली शामें होती थीं। फ्रीज किया हुआ खाना और घंटों का सफर रोज़ की बात थी। अब भारत में हर शाम माता-पिता के साथ चाय पीता हूं। घर में खाना बनाने वाला है, ड्राइवर है और सबसे बड़ी बात: मेरे पास समय है। हां, मैं सबको अच्छा वेतन देता हूं। इससे मुझे सुकून भी मिलता है और काम भी आसान हो जाता है। तीसरा फायदा है करियर में आजादी। मैंने कोई कदम पीछे नहीं लिया, बल्कि आगे बढ़ाया है। रिमोट जॉब ने वीजा की टेंशन खत्म कर दी। अब मैं पूरी तरह अच्छे प्रोडक्ट बनाने पर ध्यान देता हूं और अपने नए आइडिया पर भी काम करता हूं। मैं अमेरिका छोड़कर रिटायर होने नहीं आया। मैं यहां इसलिए आया ताकि सच में जिंदगी जी सकूं।
डिस्क्लेमर: इस खबर में दी गई जानकारी सोशल मीडिया पोस्ट पर आधारित है। टाइम्स नाउ नवभारत किसी भी प्रकार के दावे की पुष्टि नहीं करता है।
