वायरल न्यूज़

13 हजार करोड़ की लॉटरी लगी मगर शख्स को पता तक नहीं, पब्लिकली अनाउंस हुआ नाम

  • Authored by: Ikramuddin
  • Updated Jan 3, 2024, 12:11 PM IST

अमेरिका में एक शख्स को करीब 13 हजार करोड़ रुपये की लॉटरी लगी और उसे महीनों तक पता तक नहीं चला। आखिर में लॉटरी अथॉरिटी ने ही उसे खोजना शुरू किया।

Image

तस्वीर का इस्तेमाल केवल प्रतीकात्मक रूप से किया गया है। (फोटो- सोशल मीडिया)

KEY HIGHLIGHTS
  • शख्स ने जीती 13 हजार करोड़ की लॉटरी
  • महीनों तक पता तक नहीं चला
  • फिर अथॉरिटी ने खुद खोज निकाला

सोशल मीडिया की इस विशाल दुनिया में हर रोज एक से एक चौंकाने वाली जानकारी मिलती है। कई बार तो ऐसा कुछ पता चलता है कि होश उड़ जाते हैं। कानों पर यकीन करना तक मुश्किल होता है कि सचमुच ऐसा भी हो सकता है। अभी एक ऐसा ही चौंकाने वाला मामला सुर्खियों में बना हुआ है। जानकर चौंक जाएंगे कि अमेरिका में एक शख्स हजारों करोड़ों रुपये का मालिक बन गया, मगर उसे पता तक ना चला। शख्स महीनों तक इस बात से बेखबर रहा कि कोई उसे करीब 13 हजार करोड़ रुपये देने के लिए खोज रहा है। जी हां... होश उड़ा देने वाला ये मामला अमेरिका फ्लोरिडा का है। यहां एक शख्स को 1.6 बिलियन डॉलर का जैकपॉट लगा।

शख्स को लगी हजारों करोड़ की लॉटरी

न्यूयॉर्क पोस्ट में छपी एक रिपोर्ट में दावा किया गया कि फ्लोरिडा के एक शख्स ने अपनी कंपनी के नाम से लॉटरी का टिकट खरीदा। लॉटरी का रिजल्ट पिछले साल आठ अगस्त को घोषित किया गया। जानकर यकीन नहीं करेंगे कि इसमें शख्स को रिकॉर्ड 1.6 बिलियन डॉलर (करीब 13 हजार करोड़ रुपये) की लॉटरी लग गई। मजेदार है कि लॉटरी जीतने वाले शख्स को खुद इसकी जानकारी नहीं थी। काफी दिन बीतने के बाद भी जब लॉटरी का दावेदार सामने नहीं आया तब लॉटरी अथॉरिटी ने खुद शख्स को खोजना शुरू किया।

डॉक्टर निकला विजेता

महीनों की कोशिश के बाद भी लॉटरी विजेता का कुछ पता नहीं चला। अथॉरिटी ने उसे खोजने का तगड़ा तरीका निकाला। कंपनी ने विजेता का नाम पब्लिकली अनाउंस कर दिया। साथ ही कहा गया कि क्विक-पिक लॉटरी टिकट नेप्च्यून में एक सपुरमार्केट से खरीदी गई थी। इस टिकट की बंपर लॉटरी लगी है और जो भी इसका विजेता है लॉटरी अथोरिटी से संपर्क करे। बाद में पता चलता कि लॉटरी का विजेता एक डॉक्टर है, जिसे जीती हुई राशि सौंप दी गई।

Ikramuddin
Ikramuddin author

<p>पत्रकारिता के पेशे में काम करते हुए करीब 9 साल पूरे हो चले हैं। साल 2011-14 में दिल्ली यूनिवर्सिटी (DU) के डॉ. भीमराव आंबेडकर कॉलेज (BRAC) से हिंदी पत्रकारिता में ग्रेजुएशन किया। फिर भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) नई दिल्ली से साल 2015 में पीजी डिप्लोमा किया। इसके बाद पत्रकारिता के क्षेत्र में दाखिल हुए और सीखने का सिलसिला आज तक जारी है। पत्रकारिता की पढ़ाई करने के बाद सबसे पहले लाइव इंडिया टीवी चैनल के डिजिटल प्लेटफॉर्म में काम करने का मौका मिला। लाइव इंडिया डॉट कॉम में करीब दो साल तक काम किया और बहुत कुछ सीखा। राजनीति, खेल और अपराध के साथ तमाम क्षेत्रों में जमकर खबरें बनाईं और हर दिन कुछ नया सीखने का मौका मिला।चुनाव से जुड़ी बारीकियों और जनता से जुड़े मुद्दों को खबरों की शक्ल में कवर करने का काम इसी संस्थान में रहते हुए सीखा। चुनाव में आम लोगों के बुनियादी मुद्दों को समझने और उन्हें खबरिया प्लेटफॉर्म तक लाने का काम भी बखूबी सीखा। खबरों की बारीकियां सीखने और समझने के दौरान इंडियन एक्सप्रेस ग्रुप के डिजिटल प्लेटफॉर्म जनसत्ता में काम किया। यहां करीब चार साल के करियर के दौरान खबरों से जुड़ी दूसरी बारीकियों को समझना जारी रखा। यहां ट्रेंडिंग खबरों पर खासा ध्यान रहा। सोशल मीडिया से जुड़ी तमाम बारीकियों को समझने का मौका इसी संस्थान में मिला। जनसत्ता डॉट कॉम में करीब चार साल बिताने के बाद जी मीडिया ग्रुप के इंडिया डॉट कॉम डिजिटल प्लेटफॉर्म से जुड़ने का मौका मिला। यहां वायरल, ऑफबीट, टीवी डिबेट और यूट्यूब जैसे प्लेटफॉर्म से रोचक खबरें बनाई। इंडिया डॉट कॉम में करीब दो साल बिताने के बाद सितंबर 2023 में टाइम्स नेटवर्क की प्लेटफॉर्म Timesnowhindi.com में वायरल टीम का हिस्सा हूं।</p>

और पढ़ें
End of Article