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Ajab Gajab: 365 दिनों में देख डालीं 1207 फिल्में, शख्स ने बना डाला अनोखा वर्ल्ड रिकॉर्ड, जानें पूरा मामला

Ajab Gajab: अमेरिका के पेंसिल्वेनिया में रहने वाले 60 साल के रिटायर्ड शख्स ने सिनेमाप्रेमियों के लिए एक अनोखा इतिहास रच दिया है। उन्होंने सालभर के अंदर सिनेमाघरों में बैठकर 1,207 फिल्में देखने का गजब कारनामा किया है और नया गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है।

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बुजुर्ग ने सिनेमा देखने का बनाया रिकॉर्ड (तस्वीर साभार- Guinness World Records)

Ajab Gajab: वीकेंड पर अगर हम एक या दो फिल्में देख लें, तो ऐसा लगता है जैसे हमने कोई बड़ा तीर मार लिया हो। लेकिन जरा सोचिए, कोई शख्स साल के 365 दिन लगातार सिनेमाघर जाए और हर दिन औसतन 3 फिल्में देखते हुए कुल 1,207 फिल्में देख डाले, तो आप उसे क्या कहेंगे? अमेरिका के पेंसिल्वेनिया के रहने वाले 60 साल के ग्लेनवुड होस्किन जूनियर ने कुछ ऐसा ही कर दिखाया है। उनके इस हैरान करने वाले पैशन ने उन्हें सीधे 'गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स' की प्रतिष्ठित लिस्ट में ला खड़ा किया है। आइए जानते हैं पूरा मामला?

गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स की रिपोर्ट के मुताबिक, जब ग्लेनवुड को इंटरनेट पर सबसे ज्यादा फिल्में देखने के इस रिकॉर्ड के बारे में पता चला, तो उन्होंने इसे सिर्फ एक खबर की तरह नहीं बल्कि एक कड़े चैलेंज के रूप में लिया। उन्होंने अपनी जिंदगी के रूटीन को पूरी तरह सिनेमा के रंग में रंग लिया। उन्होंने अपना यह सफर साल के शुरुआती मौसम में शुरू किया, ताकि सर्दियों के दिनों में बर्फबारी या गाड़ी चलाने की दिक्कतों से बचा जा सके। इसके बाद पेंसिल्वेनिया का 'रीगल सिनेमा' उनका दूसरा घर बन गया। अब आम आदमी के मन में सबसे पहला सवाल यही आएगा कि भाई, 1,200 से ज्यादा फिल्मों के टिकट खरीदने में तो लाखों रुपए खर्च हो गए होंगे? यहीं पर होस्किन ने अपनी सूझबूझ का परिचय दिया। उन्होंने हर फिल्म के लिए अलग टिकट लेने के बजाय रीगल सिनेमा का अनलिमिटेड सब्सक्रिप्शन ले लिया, जो उस वक्त मात्र करीब 28 डॉलर (लगभग 2,300 से 2,400 रुपए प्रति माह) का था। थिएटर के महंगे पॉपकॉर्न और कोल्डड्रिंक्स पर पैसे उड़ाने की बजाय, वे घर से अपना टिफिन पैक करके ले जाते थे और दो शोज के बीच मिलने वाले गैप में अपना खाना खाते थे।

बना दिया वर्ल्ड रिकॉर्ड

लगातार घंटों तक थिएटर की कुर्सी पर बैठे रहने से सेहत पर बुरा असर पड़ सकता था। इस बात का ध्यान रखते हुए होस्किन ने एक शानदार तरीका निकाला। वे दो फिल्मों के बीच मिलने वाले अंतराल में हॉल या थिएटर के गलियारों में ही वॉक कर लेते थे, जिससे उनकी डेली फिटनेस रूटीन भी डिस्टर्ब नहीं हुई। लगातार एक साल तक हर रोज सुबह से लेकर आधी रात तक सिनेमा हॉल में समय बिताने के कारण वहां के मैनेजर और स्टाफ से उनकी गहरी दोस्ती हो गई। स्टाफ भी उनकी मदद करता था कि कौन सी छोटी या एनिमेटेड फिल्में आने वाली हैं, ताकि वे अपना टारगेट आसानी से पूरा कर सकें। होस्किन को सबसे ज्यादा एनिमेटेड और कॉमेडी फिल्में पसंद आईं, क्योंकि एनिमेटेड फिल्में कम समय की होती हैं और उनके डेली शेड्यूल में आसानी से फिट हो जाती थीं। उन्हें 'द वाइल्ड रोबोट' और 'डेडपूल एंड वूल्वरिन' जैसी फिल्में दिल से भा गईं। उनका मानना है कि कॉमेडी फिल्मों का असली मजा घर पर अकेले देखने के बजाय सिनेमाहॉल में बाकी लोगों के साथ हंसकर देखने में आता है। 31 मार्च को अपना यह सालभर का मैराथन सफर पूरा करते हुए उन्होंने पिछला सारा रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिया। उनसे पहले यह रिकॉर्ड अमेरिका के ही जकारिया स्वोप के नाम था, जिन्होंने 777 फिल्में देखी थीं।

Kaushlendra Pathak
कौशलेंद्र पाठकauthor

कौशलेंद्र पाठक टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में वायरल सेक्शन के लीड के रूप में कार्यरत हैं। मास कम्युनिकेशन में मास्टर डिग्री हासिल करने के बाद उनका सफर ग्राउंड रिपोर्टिंग से डिजिटल डेस्क तक फैला, जहां उन्होंने कंटेंट की विविध शैलियों को नजदीक से समझा। अजब-गजब, अनोखी, सोशल और ट्रेंडिंग कंटेंट पर उनकी गहरी पकड़ और तेज न्यूज सेंस ने उन्हें डिजिटल दुनिया में एक अलग पहचान दिलाई। वायरल सेक्शन के लीड के रूप में कौशलेंद्र का ध्यान हमेशा ऐसे कंटेंट पर रहता है जो रीडर्स को नई, दिलचस्प और अनजानी कहानियों से रूबरू कराए—हर बार कुछ अलग, कुछ नया।

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