Abhijeet Dipke CJP X Post US Midterms: अमेरिका में जारी मध्यावधि चुनावों (US Midterm Elections 2026) के शुरुआती रुझानों और बदलती राजनीतिक हवा के बीच भारत के राजनीतिक गलियारों में भी बयानबाजी तेज हो गई है। हाल के महीनों में युवा आंदोलनों से चर्चा में आई कॉकरोच जनता पार्टी (Cockroach Janta Party - CJP) के संस्थापक ने अमेरिकी चुनावों को लेकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' (पूर्व में ट्विटर) पर तीखी प्रतिक्रिया दी है।
'ब्राजील, सर्बिया और अब अमेरिका'- CJP प्रवक्ताओं का X पोस्ट
मामला तब शुरू हुआ जब CJP के सह-संयोजक और प्रवक्ता आशुतोष रांका (Ashutosh Ranka) ने 'X' पर एक संक्षिप्त लेकिन संदेशात्मक पोस्ट लिखा:
'Brazil.
Serbia.
US.'
आशुतोष रांका के इस पोस्ट का सीधा संदर्भ वैश्विक स्तर पर सत्ताविरोधी लहरों और अमेरिकी मध्यावधि चुनावों में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) की रिपब्लिकन पार्टी को हो रहे नुकसान और डेमोक्रेट्स के उभार की ओर था।
अभिजीत दीपके की रीपोस्ट: 'जवाबदेही और रोजगार पर फोकस'
आशुतोष रांका के इस पोस्ट को रीपोस्ट (Repost) करते हुए CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके (Abhijeet Dipke) ने लिखा: 'People voting against hate politics and voting for accountability, jobs, and affordable living' (लोग नफरत की राजनीति के खिलाफ और जवाबदेही, नौकरियों तथा सस्ती आजीविका के लिए वोट कर रहे हैं।)
दिपके के इस बयान को न केवल अमेरिकी राजनीति, बल्कि भारतीय परिदृश्य से जोड़कर देखा जा रहा है, जहां CJP लगातार बेरोजगारी, महंगाई और सरकारी नीतियों के खिलाफ मोर्चा खोले हुए है।
शिक्षा मंत्री के इस्तीफे से लेकर चुनाव आयोग के खिलाफ मोर्चा
गौरतलब है कि अभिजीत दिपके और CJP पिछले कुछ समय से राष्ट्रीय राजनीति में एक प्रमुख युवा दबाव समूह के रूप में उभरे हैं:
शिक्षा मंत्री का इस्तीफा: NEET-UG और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में गड़बड़ियों के विरोध में जंतर-मंतर (दिल्ली) सहित देश भर में हुए CJP के कड़े विरोध-प्रदर्शनों के बाद तत्कालीन केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को पद से इस्तीफा देना पड़ा था।
मुख्य चुनाव आयुक्त से इस्तीफे की मांग: वर्तमान में CJP मतदाता सूचियों से कथित तौर पर करोड़ों नाम हटाए जाने के मुद्दे को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार (Gyanesh Kumar) के इस्तीफे की मांग पर अड़ी हुई है।
विपक्ष के साथ गोलबंदी: CJP के नेता विपक्षी दलों के साथ मिलकर केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार और चुनाव आयोग के खिलाफ मोर्चा संभाले हुए हैं।
ऐसे में अमेरिकी चुनावों के नतीजों के बहाने CJP नेताओं द्वारा 'नफरत और महंगाई' पर किया गया यह पोस्ट भारतीय राजनीति में भी नई बहस छेड़ रहा है।
