वायरल न्यूज़

यहां के बाद आगे नहीं जा सकती भारतीय रेल, जानिए कहां हो जाता है रेल की पटरी का 'The End'

  • Authored by: आदित्य साहू
  • Updated Mar 17, 2023, 04:37 PM IST

Last Railway Station Of India:आजादी के इतने सालों बाद भी सिंहाबाद रेलवे स्टेशन वैसा का वैसा ही है, जैसा अंग्रेज उसे छोड़कर गए थे। इसे भारत का सीमांत रेलवे स्‍टेशन कहा जाता है। इस स्टेशन के बाद रेल की पटरी का 'द एंड' हो जाता है।

Image

सिंहाबाद रेलवे स्टेशन (सोशल मीडिया)

KEY HIGHLIGHTS
  • भारत का सीमांत रेलवे स्टेशन
  • यहां से खत्म हो जाती है रेल की पटरी
  • पश्चिम बंगाल के हबीबपुर में है स्टेशन

Last Railway Station Of India: आपने कभी न कभी ट्रेन से यात्रा जरूर की होगी, लेकिन क्या आपके मन में यह सवाल आया है कि भारत का आखिरी रेलवे स्‍टेशन कौन सा है? आपको बता दें कि इस रेलवे स्टेशन के बाद भारतीय सीमा समाप्‍त हो जाती है। इसके आगे किसी और देश की सीमा शुरू होती है। न सिर्फ भारत की सीमा बल्कि इस रेलवे स्टेशन के बाद रेल की पटरी का 'द एंड' हो जाता है। इसे भारत का सीमांत स्‍टेशन भी कहा जाता है।

अंग्रेजों के जमाने का रेलवे स्टेशन

सबसे चौकाने वाली बात यह है कि आजादी के इतने सालों बाद भी आज तक यह स्टेशन वैसा का वैसा है, जैसा उसे अंग्रेज छोड़कर गए थे। हम जिस रेलवे स्टेशन की बात कर रहे हैं। उसका नाम सिंहाबाद रेलवे स्टेशन है। यह रेलवे स्टेशन पश्चिम बंगाल में स्थित है। यह बांग्‍लादेश की सीमा से सटा हुआ रेलवे स्टेशन है। जब आप सिंहाबाद रेलवे स्‍टेशन जाते हैं तो यहां बोर्ड पर लिखा हुआ है, 'भारत का अंतिम स्‍टेशन।' इस स्टेशन से आज सिर्फ मालगाड़‍ियों का ट्रांजिट होता है।

सिर्फ मालगाडियों का होता है ट्रांजिट

यह रेलवे स्टेशन मालदा जिले के हबीबपुर इलाके में पड़ता है। एक जमाना था, जब यह रेलवे स्‍टेशन कोलकाता और ढाका के बीच संपर्क साधने के लिए इस्तेमाल में लाया जाता था। इसके अलावा यहां से कई यात्री ट्रेनें भी गुजरती थीं। हालांकि, अब यह रेलवे स्‍टेशन पूरी तरह से वीरान पड़ा हुआ है। न ही यहां कोई यात्री ट्रेन रुकती है और न ही यात्री ठहरते हैं। साल 1978 में भारत और बांग्‍लादेश के बीच एक समझौता हुआ था। इसके बाद भारत से बांग्लादेश के बीच यहां से मालगाड़‍ियां चलने की शुरुआत हुई।

आदित्य साहू
आदित्य साहू author

आदित्य साहू टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में स्पोर्ट्स और ट्रेडिंग कंटेंट लिखतें हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स की डिग्री हासिल करने के बाद वह पिछले 10 सालों... और देखें

End of Article