उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस के दौरान एक ऐसा मामला सामने आया, जिसने वहां मौजूद अधिकारियों और लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। आमतौर पर यहां बड़े लोग अपनी शिकायत लेकर आते हैं, लेकिन इस बार कक्षा 8 में पढ़ने वाला 13 वर्षीय छात्र अमिताभ अपनी समस्या लेकर सीधे जिलाधिकारी (DM) के सामने पहुंच गया।
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13 साल के छात्र की फरियाद सुन DM भी रह गए हैरान
बच्चे ने डीएम अंजनी कुमार सिंह से कहा कि उसके ताऊ ने उसके घर में ताला लगा दिया है, जिससे उसका परिवार काफी परेशान है। मासूम छात्र ने पूरे आत्मविश्वास के साथ अपनी बात अधिकारियों के सामने रखी। उसकी बेबाकी और साफ शब्दों में शिकायत करने का तरीका देखकर वहां मौजूद लोग भी हैरान रह गए।
बच्चे की बेबाक शिकायत ने खींचा सबका ध्यान
डीएम ने बच्चे की पूरी बात ध्यान से सुनी और उसे भरोसा दिलाया कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी। उन्होंने तुरंत संबंधित अधिकारियों को मौके पर जाकर पूरे मामले की जांच करने के निर्देश दिए। यह मामला सोशल मीडिया पर भी चर्चा का विषय बना हुआ है। लोग बच्चे के साहस की तारीफ कर रहे हैं।जांच में क्या आया सामने?
डीएम के आदेश के बाद पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। जांच के दौरान मामले के कई ऐसे पहलू सामने आए, जो पहली नजर में दिखाई नहीं दे रहे थे। बच्चे की मां ने अधिकारियों को बताया कि अमिताभ पढ़ाई में कम ध्यान देता है और अक्सर घर से बाहर घूमता रहता है। उन्होंने यह भी कहा कि वह स्कूल जाने की बात कहकर निकला था, लेकिन बाद में सीधे तहसील पहुंच गया। जांच में परिवार की स्थिति भी सामने आई। अधिकारियों के मुताबिक, बच्चे के पिता ने दो शादियां की थीं। पहली पत्नी से एक बेटा है, जो अपनी बुआ के साथ लखनऊ में रहकर पढ़ाई कर रहा है। जिस कमरे पर ताला लगाया गया था, वह उसी बेटे के हिस्से का बताया गया। वहीं अमिताभ दूसरी पत्नी का बेटा है।पिता की मनोस्थिति ठाक नहीं
प्रशासन को यह भी जानकारी मिली कि बच्चों के पिता मानसिक रूप से अस्वस्थ हैं। ऐसे में पारिवारिक विवाद और संपत्ति से जुड़े मामले ने पूरे विवाद को और जटिल बना दिया। अधिकारियों का कहना है कि मामले को केवल ताला लगाने की घटना के रूप में नहीं देखा जा सकता, बल्कि पूरे परिवार की परिस्थितियों को समझना भी जरूरी है। हालांकि, प्रशासन ने बच्चे की शिक्षा को भी प्राथमिकता दी है। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि अमिताभ की पढ़ाई किसी भी हाल में प्रभावित नहीं होनी चाहिए और जरूरत पड़ने पर परिवार को हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाए।डिस्क्लेमर: इस खबर में दी गई जानकारी सोशल मीडिया पोस्ट पर आधारित है। टाइम्स नाउ नवभारत किसी भी प्रकार के दावे की पुष्टि नहीं करता है।
