CBSE 10th Result 2026: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने कक्षा 10वीं की दूसरी बोर्ड परीक्षा का परिणाम घोषित कर दिया है। मुख्य बोर्ड परीक्षा और इस दूसरी बोर्ड परीक्षा के प्रदर्शन को मिलाकर इस साल ओवरऑल 96.78% छात्र-छात्राओं ने सफलता हासिल की है। परीक्षा बोर्ड परीक्षा में कंपार्टमेंट आने वाले, 3 विषयों से अधिक में फेल होने वाले या फिर अंकों को बढ़ाने की इच्छा के साथ दूसरी बोर्ड परीक्षा के लिए लाखों छात्रों ने आवेदन किया था।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के तहत सीबीएसई ने इस वर्ष पहली बार कक्षा 10वीं के लिए दो बार बोर्ड परीक्षा आयोजित करने की यह नई व्यवस्था लागू की थी। इस ऐतिहासिक फैसले के बाद अब छात्रों और अभिभावकों के मन में यह सवाल उठ रहा है कि फाइनल मार्कशीट कैसे तैयार होगी। अगर किसी छात्र के पहले बोर्ड परीक्षा में दूसरी बोर्ड परीक्षा के तुलना में बेहतर अंक होंगे, तो कौन से अंक जोड़े जाएंगे। यह उन्हें कब और कहां से मिलेगी, आइए जानते हैं विस्तार में।
दोनों परीक्षाओं में क्या था अंतर?
सीबीएसई के नए नियमों के मुताबिक, साल की शुरुआत में आयोजित हुई मुख्य यानी पहली बोर्ड परीक्षा देना सभी छात्रों के लिए अनिवार्य था। इसके बाद जो छात्र अपने किसी एक या अधिक विषयों के स्कोर से संतुष्ट नहीं थे, उन्हें अंक सुधारने का एक अतिरिक्त मौका देने के लिए दूसरी बोर्ड परीक्षा आयोजित की गई. यह परीक्षा पूरी तरह से वैकल्पिक थी। इसके अलावा कुछ विषयों में फेल होने वाले छात्रों को पास होने का मौका देने के लिए भी दूसरी बोर्ड परीक्षा का आयोजन किया गया था।
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कब हुई थी पहली और दूसरी बोर्ड परीक्षा?
जानकारी के लिए बता दें कि केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड द्वारा 10वीं की मुख्य बोर्ड परीक्षाओं का आयोजन 17 फरवरी से 11 मार्च 2026 तक हुआ था, जबकि दूसरी बोर्ड परीक्षाएं 15 मई से 21 मई 2026 के बीच आयोजित की गई थी।
'बेस्ट ऑफ 2' फॉर्मूले से ऐसे तैयार होगी फाइनल मार्कशीट
सीबीएसई ने स्पष्ट किया है कि फाइनल मार्कशीट तैयार करने के लिए सब्जेक्ट वाइज 'बेस्ट ऑफ 2' की प्रक्रिया अपनाई जाएगी। यानी यदि कोई छात्र दोनों परीक्षाओं में बैठा है, तो फाइनल मार्कशीट में उसी परीक्षा के अंकों को शामिल किया जाएगा, जिसमें छात्र के अधिक अंक है। उदाहरण के लिए यदि किसी छात्र के पहली परीक्षा में अंक दूसरी परीक्षा की तुलना में बेहतर हैं तो मार्कशीट में पहली परीक्षा के अंक एड किए जाएंगे। जबकि जिन छात्रों के दूसरी परीक्षा में पहली की तुलना में अधिक अंक है तो उस स्थिति में दूसरी परीक्षा के अंकों के आधार पर मार्कशीट तैयार की जाएगी। इसलिए, जिन छात्रों को दूसरी बोर्ड परीक्षा में कम अंक आए हैं, उन्हें परेशान होने की आवश्यकता नहीं है।
इंटरनल असेसमेंट में नहीं होगा बदलाव
छात्रों को बता दें कि स्कूल द्वारा दिए जाने वाले इंटरनल असेसमेंट और प्रैक्टिकल परीक्षा के अंक में कोई बदलाव नहीं होगा। ये अंक पहले की तरह ही रहेंगे। थ्योरी के बेस्ट स्कोर और इंटरनल असेसमेंट को जोड़कर ही आपका फाइनल 100 नंबर का रिजल्ट तैयार किया जाएगा।
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छात्रों को कहां से मिलेगी ओरिजिनल मार्कशीट?
नतीजे जारी होने के बाद बोर्ड जल्द ही छात्रों को ओरिजिनल मार्कशीट और पासिंग सर्टिफिकेट उपलब्ध कराएगा। उम्मीदवारों को बता दें कि उन्हें रिवाइज्ड मार्कशीट प्राप्त करने के लिए पुरानी वाली मार्कशीट सीबीएसई के रीजनल ऑफिस में सबमिट करनी होगी। उसके बाद ही छात्रों को उनकी नई मार्कशीट और पासिंग सर्टिफिकेट दिए जाएंगे। इसमें रेगुलर छात्रों को और प्राइवेट छात्रों को अलग-अलग स्थान से मार्कशीट मिलेगी।
रेगुलर छात्र: नियमित रूप से स्कूल जाने वाले छात्रों को उनकी ओरिजिनल मार्कशीट सीधे उनके संबंधित स्कूल से मिलेगी.
प्राइवेट छात्र: देश भर के प्राइवेट छात्रों की मार्कशीट बोर्ड द्वारा उनके रजिस्टर्ड पते पर डाक के जरिए भेजी जाएगी.
छात्रों को सलाह है कि वह मार्कशीट से संबंधित अधिक जानकारी के लिए संबंधित स्कूल और ऑफिस से संपर्क करें। साथ ही छात्रों को सलाह दी जाती है कि वह सोशल मीडिया पर चल रही अफवाहों से दूर रहें और सीबीएसई की आधिकारिक वेबसाइट पर ही भरोसा करें।
