Knowledge News: जब भी किसी को फांसी दी जाती है, वह चर्चा का विषय बन जाता है। किसी भी देश में अपराधी को फांसी देना नॉर्मल बात नहीं होती है। बहुत ही जघन्य अपराध में किसी दोषी को फांसी की सजा दी जाती है। आपको बता दें कि फांसी के समय कुछ जरूरी नियमों का पालन किया जाता है। बिना नियम-कानून को ध्यान में रखे कितने भी बड़े अपराधी को फांसी नहीं दी जा सकती। जब भी किसी को फांसी दी जाती है, उस दौरान रस्सी के साथ-साथ फांसी देने के समय और प्रक्रिया पहले से तय होती है।
दोषी के कानों में क्या बोलता है जल्लाद
आपको बता दें कि फांसी के दौरान वहां पर जेल अधीक्षक, जल्लाद, एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट और डाॅक्टर का होना जरूरी है। अगर इन चारों में से कोई एक भी अनुपस्थित रहता है तो फांसी की सजा रोक दी जाती है। वहीं, जब किसी को फांसी दी जाती है, तो जल्लाद उससे पहले दोषी के कानों में कुछ बोलता है। क्या आप जानते हैं कि आखिर फांसी देने से ऐन पहले जल्लाद दोषी के कान में ऐसा क्या बोलता है। शायद ही आपको इस बात की जानकारी होगी कि जल्लाद अपराधी के कान में क्या बोलता है? आज हम आपको इसी के बारे में पूरी बात बताने जा रहे हैं कि जल्लाद फांसी देने के ऐन पहले अपराधी के कान में क्या बोलता है।
जल्लाद बोलता है यह जरूरी बात
बता दें कि फांसी के दौरान जल्लाद चबूतरे से जुड़ा लीवर खींचता है। इसके बाद अपराधी के गले में फंदा कस जाता है और धीरे-धीरे उसकी मौत हो जाती है। हालांकि, इससे थोड़ा पहले वह अपराधी के पास जाता है और उसके कान में कुछ बोलता है। वह अपराधी के कान में कहता है.. मुझे माफ कर दो। इसके अलावा जल्लाद हिन्दू अपराधी के कान में 'राम-राम' बोलता है। वहीं अपराधी अगर मुस्लिम होता है तो जल्लाद उसके कान में 'सलाम' बोलता है। इसके आगे जल्लाद कहता है कि हम हुकुम के गुलाम हैं। इसके बाद जल्लाद फांसी का फंदा खींच देता है।
