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जापान में Friendship Marriage का ट्रेंड का बोलबाला, आखिर क्या है इसका मतलब, जानकर दंग रह जाएंगे

जापान में इन दिनों फ्रेंडशिप मैरिज का चलन काफी तेजी से चल रहा है। आइए जानते हैं कि आखिर ये फ्रेंडशिप मैरिज क्या है और इसका क्या मतलब है?

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जापान में फ्रेंडशिप मैरिज का ट्रेंड

Friendship Marriage In Japan: शाहरूख खान के एक मूवी का डॉयलॉग है - प्यार दोस्ती है। लगता है इस डॉयलॉग को जापान वालों ने कुछ ज्यादा ही सीरियसली ले लिया है। इसीलिए अब यहां के लोग 'फ्रेंडशिप मैरिज' (Friendship Marriage) की ओर बढ़ रहे हैं। इन दिनों यह मैरिज जापान का नया ट्रेंड बना हुआ है। तो आइए जानते हैं कि आखिर फ्रेंडशिप मैरिज क्या है?

बता दें, फ्रेंडशिप मैरिज दो लोगों के बीच एक प्रकार की कानूनी शादी है, जिसमें बिना फीलिंग्स के दोनों एक-दूसरे के पति-पत्नी बनकर रहेंगे। जैसे आप अपने किसी रूममेट्स के साथ रहते हैं ना, बिल्कुल वैसा ही। ऐसे कपल एक दूसरे के प्रति सम्मान, इमोशनल सपोर्ट और स्टेबिलिटी के तौर पर एक-दूसरे का साथ निभाते हैं। इनकी आपसी मर्जी होगी, तभी ये दोनों बच्चा पैदा कर सकते हैं। कुल मिलाकर कहा जा सकता है कि ये सिर्फ नाम के ही पति-पत्नी होंगे, पूरी तरीके से नहीं।

आखिर क्यों इतना पॉपुलर हुआ फ्रेंडशिप मैरिज

फ्रेंडशिप मैरिज की रह रहे कपल एक साथ रहने का ऑप्शन भी चूज कर सकते हैं और अलग-अलग रहने का भी। ऐसे कपल आपसी सहमति से बच्चा पैदा भी कर सकते हैं या फिर गोद भी ले सकते हैं। इसमें दोनों की सहमति अनिवार्य है। जैसे आमतौर पर हम अपने समाज में पति-पत्नी को देखते हैं, वैसे इस रिश्ते में कुछ भी नहीं है। लेकिन हां, ये दोनों एक-दूसरे के लिए हमेशा सपोर्टिव पार्टनर की तरह रहते हैं।

Kishan Gupta
किशन गुप्ताauthor

<p>देश की धार्मिक राजधानी काशी में जन्म लिया और घाटों पर खेल-कूदकर बड़ा हुआ। साल 2019 में महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में मास्टर्स डिग्री ली। यही से पत्रकारिता की शुरुआत भी हुई। इसी साल जुलाई में हैदराबाद स्थित रामोजी रॉव के स्वामित्व वाले ईटीवी भारत से करियर की शुरुआत हुई। बतौर ट्रेनी यहां एक साल से अधिक का समय बिताया। यह पहली दफा था, जब घर से दूर निकला था। लेकिन चस्का था तो काम करने, एक अच्छा पत्रकार बनने का। यहां रहकर चंद्रयान - 2 को कवर करने का मौका मिला। इसके बाद राजस्थान में शिक्षक भर्ती को लेकर उम्मीदवारों की ओर से हुए हिंसक विरोध को भी करीब से देखा। इस दौरान पथराव का भी सामना करना पड़ा। लेकिन काम करने का एक जुनून था। यह पहली दफा था, जब मैंने किसी बड़ी न्यूज को कवर किया था। इसके बाद ये सिलसिला चलता गया। कुछ समय ऐसा भी आया, जब होम पेज भी काम करने को मिला। करीब एक साल से अधिक समय बिताने के बाद ईटीवी भारत से अलविदा लिया और अपने गृह जिले में पहुंचा, जहां के एक लोकल चैनल टूडेज इंडिया न्यूज में काम करने का मौका मिला। यहां करीब डेढ़ साल से अधिक का समय बिता, जहां रहकर बनारस के साथ-साथ पूर्वांचल को भी कवर करने का मौका मिला। राजनीति और क्राइम की खबरों में खासा रूचि होने के कारण अक्सर फोकस भी इसी पर रहता था। इस दौरान कोविड के दंश को भी देखा। कोरोना काल का यह वो भयानक मंजर था, जिसकी किसी को आशंका न थी। इस दौरान खबरों के माध्यम से देश के दुख-दर्द को करीब से महसूस करने का मौका मिला। फिर मई 2022 में वनइंडिया ज्वाइन कर ली, यहां से फीचर राइटिंग की शुरुआत करते हुए मैंने ट्रैवेल पर काम करना शुरू किया। ऑफिस बैंगलोर था, तो वहां जाने के लिए काफी सोचना भी पड़ा लेकिन दिमाग में था कि बड़ा कुछ करना है तो देश की आर्थिक राजधानी के लिए निकल पड़ा। यहां काफी कम समय ही बिता, करीब 9 महीने तक काम करने के बाद यहां से अलविदा लिया। फिर समय आया देश के प्रतिष्ठित संस्थान टाइम्स नेटवर्क से जुड़ने का। मार्च 2023 में मैं Timesnowhindi.com के वायरल टीम से जुड़ा। इस बीच तमाम ट्रेंडिंग, वायरल और अजब-गजब जैसी कई खबरें की। बीट अलग होने के कारण थोड़ा चैलेंजिंग था लेकिन उस चैलेंज को पूरा करते हुए और चुनौतियों का सामना करते हुए आज एक साल से ऊपर का समय हो गया है।</p>

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