सोशल मीडिया (Social Media) पर चीन की तस्वीरें देखते ही अक्सर ऊंची इमारतें, शानदार सड़कें और चमचमाते शहर नजर आते हैं। वहीं, भारत की बात होने पर कई बार गंदगी और कूड़े-कचरे वाली तस्वीरें भी खूब शेयर की जाती हैं लेकिन क्या किसी देश की पहचान सिर्फ उसकी खूबसूरत सड़कों से होती है? चीन के गुआंगझोउ शहर से सामने आए एक भारतीय व्लॉगर के वीडियो ने यही सवाल खड़ा कर दिया है। यहां एक गली का नजारा देखकर वह हैरान रह गया और पूछने लगा कि आखिर भारत को ही गंदगी के लिए क्यों निशाना बनाया जाता है?
चीन की गली में दिखा अलग नजारा
यह वीडियो इंस्टाग्राम पर @pranavkarad नाम के अकाउंट से शेयर किया गया है। इसमें भारतीय व्लॉगर प्रणव चीन के गुआंगझोउ शहर के हैझू इलाके की संकरी गलियों में घूमते नजर आते हैं। वीडियो में सड़क के किनारे कूड़ा-कचरा, प्लास्टिक की थैलियां और गीली जगहें दिखाई देती हैं। इसके अलावा कुछ पुरानी इमारतें, निर्माण कार्य के लिए लगाए गए बैरिकेड और लटकते बिजली के तार भी नजर आते हैं। यह नजारा चीन के उन आधुनिक शहरों से काफी अलग है, जिनकी तस्वीरें आमतौर पर सोशल मीडिया पर दिखाई देती हैं। गली की हालत देखकर प्रणव कहते हैं कि उन्हें ऐसा लग रहा है जैसे वह भारत की किसी गली में घूम रहे हों।
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दुकानों के बाहर भी दिखा कूड़ा
वीडियो (Video) में आगे बढ़ने पर प्रणव दुकानों के बाहर पड़े कचरे और प्लास्टिक की तरफ कैमरा करते हैं। उन्हें देखकर वह हैरानी जताते हैं कि चीन में भी ऐसी गलियां देखने को मिल सकती हैं। उनका कहना है कि यहां का नजारा उन्हें भारत के कुछ बाजारों की याद दिला रहा है। उन्होंने इस बात पर भी सवाल उठाया कि अगर दूसरे देशों में भी कुछ जगहों पर गंदगी दिखाई देती है, तो भारत की ऐसी तस्वीरों को ही बार-बार क्यों दिखाया जाता है? हालांकि, एक गली का वीडियो पूरे चीन या भारत की स्थिति नहीं बताता। दोनों देशों में साफ-सुथरे इलाकों के साथ ऐसी जगहें भी हो सकती हैं, जहां सफाई और कचरे के सही मैनेजमेंट की जरूरत हो।
सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस
प्रणव ने वीडियो के साथ शेयर किए गए कैप्शन में भी इसी मुद्दे को उठाया है। उनका कहना है कि हर शहर का एक ऐसा पहलू होता है, जो उसकी चमकदार तस्वीरों में दिखाई नहीं देता। वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया यूजर्स के बीच बहस शुरू हो गई। कुछ लोगों ने व्लॉगर की बात का समर्थन करते हुए कहा कि इंटरनेट पर किसी देश की चुनिंदा तस्वीरों को देखकर उसकी पूरी छवि नहीं बनानी चाहिए। वहीं, कुछ यूजर्स ने कहा कि चीन और भारत में कचरे की समस्या की तुलना करने के लिए सिर्फ एक वीडियो काफी नहीं है। इसके लिए अलग-अलग शहरों, इलाकों और सफाई की व्यवस्था को भी देखना जरूरी है।
डिस्क्लेमर: इस खबर में दी गई जानकारी सोशल मीडिया पोस्ट पर आधारित है। टाइम्स नाउ नवभारत किसी भी प्रकार के दावे की पुष्टि नहीं करता है।
