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21 लाख रुपये सैलरी फिर भी IIM ग्रेजुएट ने 10 दिन में छोड़ी नौकरी, वायरल दावे की हकीकत जानकर चौंक जाएंगे

Viral News: रेडिटर ने लिखा कि, 'जब मैंने उनसे पूछा, भाई क्या हुआ, तो उन्होंने कहा, ''यार मैं मार्केटिंग डिवीजन में काम करूंगा और मुझे एक साल के लिए सेल्‍स में काम करने के लिए कहा गया था। ऐसा रहता है क्या मार्केट?''

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रेडिट पर वायरल हुई पोस्‍ट।

Viral News: कॉरपोरेट कर्मचारियों के लिए Reddit एक ऐसा मंच बन चुका है जहां वे नौकरी के संघर्ष, ऑफिस के एक्‍सपीरिएंस और वहां के तनाव की बातें शेयर करते हैं। ऐसी एक कहानी ने इन दिनों फिर एक बार चर्चा तेज कर दी है। इस पोस्‍ट में Reddit यूजर ने भारतीय प्रबंधन संस्थान (IIM) के एक ग्रेजुएट शख्‍स का एक मज़ेदार किस्सा साझा किया, जिसमें बताया कि उसने कंपनी ज्‍वाइन करने के 10 दिनों के अंदर इस्तीफा दे दिया। Reddit पर Suspicious Air 1997 के नाम से जाने जाने वाले यूजर ने बताया कि कैसे, एक सेल्‍स एग्‍जीक्‍यूटिव को एक नए अकाउंट एग्जीक्यूटिव को प्रशिक्षित करने के लिए कहा गया था जो पहले से ही IIM का पूर्व छात्र था। दावा है कि, प्रशिक्षु का वेतन लगभग 21 लाख प्रति वर्ष था, जिसमें 2 लाख जॉइनिंग बोनस भी शामिल था।

रेडिटर ने लिखा कि, 'जब मैंने उनसे पूछा, भाई क्या हुआ, तो उन्होंने कहा, ''यार मैं मार्केटिंग डिवीजन में काम करूंगा और मुझे एक साल के लिए सेल्‍स में काम करने के लिए कहा गया था। ऐसा रहता है क्या मार्केट?''। मैं पहले तो बहुत हैरान हुआ, लेकिन फिर उन्हें जवाब दिया, हां अपना सारे अकाउंट्स, हालांकि ऐसा ही है।' उसने तुरंत कहा, 'मैंने नहीं करना भाई ये।' रेडिटर ने आगे बताया कि, 'मैं अपने टीएल के साथ इस पर चर्चा कर रहा था और उसने मुझे बताया कि यह बहुत आम बात है कि बी-स्कूल के ग्रेजुएट तीन महीने के भीतर ही अपनी नौकरी छोड़ देते हैं, जब उन्हें कैंपस प्लेसमेंट मिलता है। बाद में उस लड़के ने लोन होने के बावजूद 16LPA पर ऑपरेशन और सप्लाई चेन की भूमिका निभाई। स्पष्ट रूप से सेल्‍स कॉरपोरेट नौकरियों में सबसे बड़ी लूट है। कुछ ही समय में ये पोस्‍ट वायरल हो गई। कमेंट सेक्शन में कुछ यूजर्स ने आईआईएम ग्रेजुएट को घमंडी कहा, जबकि अन्य ने उनका बचाव करते हुए कहा कि 'रिक्रूटर्स को जॉब पोजीशन के बारे में ज़्यादा पारदर्शी होना चाहिए था।'

एक यूजर ने कहा कि, 'क्या हम उसे दोष दे सकते हैं? मैंने देखा है कि रिक्रूटर्स मार्केटिंग के नाम पर सेल्स रोल के लिए इंटरव्यू लेते हैं।' दूसरे ने कहा कि, ये लोग CAT देते हैं, 2 साल तक दूसरे अहंकारी लोगों से डील करते हैं, और फिर अगर आप उन्हें ग्राउंड लेवल सेल्स के लिए कहते हैं, तो जाहिर है कि उन्हें यह पसंद नहीं आएगा। उनका पूरा आइडिया डेस्क जॉब है, और यही वो चीज है जिसकी उन्हें तलाश है। साथ ही, यह अजीब है कि फर्म उन्हें इस तरह के प्रोफाइल के बारे में पहले से नहीं बताती। यह बहुत ही प्रेरणात्मक है, कुछ को यह पसंद है, कुछ को नहीं।' तीसरे यूजर ने कहा कि, 'मूल रूप से लोगों में अहंकार गहराई से समाया हुआ है, जो आईआईएम टैग के साथ और भी बढ़ जाता है। यह टैग मुख्य रूप से बड़े सीटीसी का टिकट है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि आप हमेशा उच्च स्तरीय काम ही करेंगे। इसके अलावा, सभी आईआईएम एक जैसे नहीं होते। आईआईएम रोहतक और काशीपुर जैसी जगहें ए/बी/सी की तुलना में लगभग टियर-2 हैं।' वहीं, एक अन्‍य ने कहा कि, 'मैं मानता हूं कि इन नए-नए आईआईएम स्नातकों को मार्केटिंग में जाने से पहले एक वर्ष या उससे अधिक समय तक सेल्स की शिक्षा दी जाती है, ताकि वे सेल्स की कठोर जमीनी हकीकत को समझ सकें और सेल्स कर्मियों के साथ सहानुभूति रख सकें, न कि उन्हें अपने उत्पाद न बेच पाने के लिए कोसें। लेकिन फिर भी, मैं गलत भी हो सकता हूं।'

Shaswat Gupta
शाश्वत गुप्ताauthor

पत्रकारिता जगत में पांच साल पूरे होने जा रहे हैं। वर्ष 2018-20 में जागरण इंस्‍टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड मास कम्‍युनिकेशन से Advance PG डिप्लोमा करने के बाद मीडिया जगत में दस्तक दी। 2019 में दैनिक जागरण से पत्रकारीय जीवन का आरंभ हुआ। इसके बाद जागरण न्‍यू मीडिया, दैनिक भास्‍कर और इंडिया टीवी में सेवाएं दीं। अप्रैल 2023 से टाइम्‍स नाउ नवभारत (https://www.timesnowhindi.com/) के साथ यह सफर अनवरत‍ जारी है। परंपरागत मीडिया से प्रारंभ हुआ करियर अब आधुनिक यानी डिजिटल मीडिया तक पहुंच चुका है। ग्राउंड रिपोर्टिंग से शुरू हुई यह यात्रा लोकल/हाइपरलोकल डेस्‍क, प्रादेशिक डेस्‍क, सोशल मीडिया डेस्‍क, नेशनल डेस्‍क से अब वायरल डेस्‍क तक पहुंच चुकी है। करीब साढ़े चार साल के इस करियर में अविस्‍मरणीय अनुभव रहे हैं। दैनिक जागरण में पहली पारी के दौरान बिकरू कांड जैसी बड़ी और ज्‍वलन्‍त घटना की कवरेज करने का अवसर मिला। प्रिंट मीडिया और डिजिटल मीडिया दोनों ही मंचों पर बेहतरीन ढंग से खबर का प्रस्‍तुतिकरण किया। प्रिंट मीडिया की प्रादेशिक डेस्‍क पर कार्य करते हुए कानपुर सिटी, कानपुर देहात, इटावा, बांदा, चित्रकूट, हमीरपुर, महोबा, फतेहपुर, औरैया, जालौन, उन्‍नाव, फर्रुखाबाद और कन्‍नौज संस्‍करण की जिम्‍मेदारी संभाली। इन सभी डेस्‍क का कार्य निष्‍पादित करते हुए हर ब्रेकिंग खबर का प्रिंट व डिजिटल दोनों माध्‍यमों में बेहतरीन प्रस्‍तुतिकरण किया। तत्‍पश्‍चात् जागरण न्‍यू मीडिया के हाइपरलोकल सेक्‍शन की लॉन्चिंग में यूपी टीम के सक्रिय सदस्‍य रहे। 2019 से लेकर 2022 तक कोरोना की तीनों लहरों की कवरेज की। इस दौरान लॉकडाउन और ऑक्‍सीजन संकट से ऊपजे हालात पर कई स्‍टोरीज कीं। उत्‍तर प्रदेश पंचायत चुनाव 2021 में अलग-अलग दिनों में होने वाली अलग-अलग स्‍थानों की वोटिंग, काउंटिंग और रिजल्‍ट से जुड़ी खबरों को पाठकों तक बखूबी पहुंचाया। इस दौरान खबरों की प्‍लानिंग, लाइव ब्‍लॉग लाइव करने के साथ मल्‍टीपल स्‍टोरीज करने का अवसर मिला। 2021 में माफिया मुख्‍तार अंसारी की बांदा जेल में वापसी पर भी प्रतिद्वंद्वियों से बेहतर कवरेज की। ढाई साल में उत्‍तर प्रदेश के अंदर हुई इस उथल-पुथल के बाद कन्‍नौज के पियूष जैन कांड की खबर को ब्रेक किया। इस केस में रेग्‍युलर कवरेज करने के अलावा कई एक्‍सक्‍लूसिव स्‍टोरीज करने का मौका भी मिला। तत्‍पश्‍चात् कानपुर मेट्रो से जुड़े कार्यों की कवरेज कर औपचारिक तौर पर पहली बार प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी के दौरे और प्रथम कॉरिडोर के उद्घाटन की कवरेज करने के साक्षी रहे। उतार-चढ़ाव से भरा डिजिटल मीडिया का यह पहला अनुभव काफी शानदार रहा और बेहतरीन कवरेज से यूपी टीम में कानपुर सेक्‍शन को दूसरा सर्वाधिक Pageviews वाला सेक्‍शन बनाने में योगदान दिया। दैनिक भास्‍कर (DB Digital) के साथ उत्‍तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2022 में भगवा लहर के साक्षी रहे। डिजिटल मीडिया के दूसरे पड़ाव में प्रदेश की चुनावी सरगर्मी को भांपने का अवसर मिला। इसके साथ-साथ उत्‍तर प्रदेश की सैकड़ों तहसील, ब्‍लॉक व गांव इत्‍यादि की दैनिक खबरों का नियोजन कर उन्‍हें फ्लैश करने की जिम्‍मेदारी का निर्वाह किया। दूसरे पड़ाव में उत्‍तर प्रदेश के ग्रामीण परिवेश को खबरों के लिहाज से करीने से समझा और स्‍थानीय क्षेत्रों की समस्याओं को बड़े स्‍तर तक पहुंचाने का काम किया। विधानसभा चुनाव की छोटी-बड़ी खबरों को ब्रेक करने के साथ-साथ ऑब्‍जर्वेशन आधारित मल्‍टीपल स्‍टोरीज करने का अवसर भी मिला।इंडिया टीवी में समाचार लेखन और प्रस्‍तुतिकरण का एक नया अनुभव प्राप्‍त करने का सौभाग्‍य मिला। यू-ट्यूब की दुनिया में खबरों के महत्‍व, लेखन और प्रासंगिकता को समझने का अवसर मिला। जिसके बाद पंजाबी गायक स‍िद्धू मूसेवाला मर्डर केस और महाराष्‍ट्र के सियासी संकट की खबर को ब्रेक किया। यूपी में निर्माणाधीन एक्‍सप्रेस-वे पर वीडियो पैकेज बनाकर दर्शकों के सम्‍मुख यूट्यूब ओरिएंटेड एक्‍सक्‍लूसिव स्‍टोरी पेश की। राजू श्रीवास्‍तव-मुलायम सिंह यादव का निधन, श्रद्धा वाल्‍कर मर्डर केस, जोशीमठ की प्राकृतिक आपदा और द्रौपदी मुर्मू के राष्‍ट्रपति बनने के सफर पर कई वीडियो और उनकी LIVE स्‍ट्रीमिंग करने का मौका मिला। इनके अलावा साल 2022 में हुए गुजरात और हिमाचल प्रदेश के व‍िधानसभा चुनाव एवं दिल्‍ली एमसीडी चुनाव से जुड़े वीडियो पर खबरों की कवरेज (यू-ट्यूब पर), लाइव स्‍ट्रीमिंग की। चैनल के शो 'आप की अदालत' की री-लॉन्चिंग पर टीम के साथ को-ऑर्डिनेशन से लाइव स्‍ट्रीमिंग और वीडियो पैकेजिंग का अनुभव प्राप्‍त किया। इसके बाद माफिया अतीक अहमद की साबरमती जेल से वापसी और उसके बेटे के एनकाउंटर पर आधारित वीडियोज़ को बेहतरीन इमेज-कंटेंट क्रिएशन के साथ पब्लिश किया। कोई भी खबर न रुके, न छूटे, न चूके...इसी उद्देश्‍य के साथ विविधता से परिपूर्ण इस यात्रा को आगे बढ़ा रहे हैं।

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