अगर आप हर महीने मोबाइल रिचार्ज कराते हैं, तो आने वाले समय में आपका खर्च बढ़ सकता है। देश की प्रमुख टेलीकॉम कंपनियां एक बार फिर मोबाइल टैरिफ बढ़ाने पर विचार कर रही हैं। रिलायंस जियो, भारती एयरटेल और वोडाफोन आइडिया जैसी कंपनियां अगले दो तिमाहियों में रिचार्ज प्लान की कीमतों में बढ़ोतरी कर सकती हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनियों का फोकस औसत कमाई यानी ARPU (Average Revenue Per User) बढ़ाने के साथ-साथ 5G नेटवर्क और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर में किए जा रहे बड़े निवेश पर बेहतर रिटर्न हासिल करने पर है।
10 से 20 फीसदी तक बढ़ सकते हैं रिचार्ज के दाम
इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स और एनालिस्ट्स का अनुमान है कि अगली टैरिफ बढ़ोतरी 10 से 20 फीसदी के बीच हो सकती है। हालांकि, अभी कंपनियों ने कीमत बढ़ाने को लेकर कोई आधिकारिक ऐलान नहीं किया है। अगर यह बढ़ोतरी लागू होती है, तो मोबाइल यूजर्स को मौजूदा प्लान के मुकाबले ज्यादा कीमत चुकानी पड़ सकती है।
एनालिस्ट्स का मानना है कि भारतीय टेलीकॉम मार्केट में मोबाइल टैरिफ अभी भी दुनिया के कई बाजारों की तुलना में कम हैं, जबकि नेटवर्क, स्पेक्ट्रम और टेक्नोलॉजी पर कंपनियों का खर्च काफी ज्यादा है। यही वजह है कि कंपनियां ज्यादा ARPU हासिल करने के लिए टैरिफ बढ़ाने का रास्ता अपना सकती हैं।
Jio IPO से पहले बढ़ सकता है टैरिफ
रिपोर्ट में दावा किया गया है कि टैरिफ हाइक का फैसला रिलायंस जियो की संभावित IPO लिस्टिंग से पहले भी देखने को मिल सकता है। ज्यादा टैरिफ के जरिए कंपनी अपने रेवेन्यू और ARPU को बढ़ाकर बैलेंस शीट को मजबूत करना चाह सकती है।
जियो अपने कुछ सस्ते एंट्री-लेवल प्लान्स को भी धीरे-धीरे कम कर रहा है। खासतौर पर कम कीमत वाले 1GB प्रतिदिन डेटा जैसे पैक्स की उपलब्धता घटने से यूजर्स को ज्यादा डेटा और महंगे प्लान्स की तरफ जाने के लिए प्रेरित किया जा सकता है। इससे कंपनी की प्रति ग्राहक औसत कमाई बढ़ सकती है।
5G नेटवर्क पर लगातार बढ़ रहा खर्च
देश में 5G नेटवर्क का विस्तार तेजी से हो रहा है और इसके लिए टेलीकॉम कंपनियों को लगातार बड़े निवेश की जरूरत पड़ रही है। नेटवर्क के विस्तार के साथ-साथ मौजूदा इंफ्रास्ट्रक्चर को अपग्रेड करने, स्पेक्ट्रम और टेक्नोलॉजी पर खर्च बढ़ रहा है।
टेलीकॉम कंपनियों पर पहले से कर्ज का दबाव भी है। ऐसे में कंपनियां अपनी कमाई बढ़ाने के लिए मोबाइल टैरिफ में बढ़ोतरी का सहारा ले सकती हैं। अगर टैरिफ बढ़ता है, तो कंपनियों को अतिरिक्त निवेश के लिए फंड जुटाने और अपने वित्तीय प्रदर्शन को बेहतर करने में मदद मिल सकती है।
पहले कब-कब बढ़े हैं मोबाइल रिचार्ज के दाम?
भारत में टेलीकॉम कंपनियां इससे पहले भी कई बार टैरिफ बढ़ा चुकी हैं। दिसंबर 2019 में कंपनियों ने मोबाइल रिचार्ज प्लान की कीमतों में करीब 15 से 40 फीसदी तक बढ़ोतरी की थी। इसके बाद दिसंबर 2021 में एंट्री-लेवल टैरिफ में करीब 20 फीसदी की वृद्धि की गई।
वहीं, जून 2024 में टेलीकॉम कंपनियों ने लगभग सभी प्रमुख प्लान्स के हेडलाइन टैरिफ में करीब 10 से 25 फीसदी तक बढ़ोतरी की थी। इसके अलावा पिछले महीने भारती एयरटेल ने भी कुछ एंट्री-लेवल टैरिफ प्लान्स की कीमतों में बदलाव किया था।
आम यूजर की जेब पर पड़ेगा सीधा असर
अगर आने वाले महीनों में 10 से 20 फीसदी तक टैरिफ बढ़ोतरी होती है, तो इसका सीधा असर करोड़ों मोबाइल यूजर्स के मासिक बजट पर पड़ सकता है। खासतौर पर ऐसे ग्राहक जो कम कीमत वाले रिचार्ज प्लान इस्तेमाल करते हैं, उनके लिए प्लान महंगे होने का असर ज्यादा महसूस हो सकता है।
फिलहाल यह साफ नहीं है कि कंपनियां किस तारीख से और किन-किन प्लान्स की कीमतें बढ़ाएंगी। लेकिन इंडस्ट्री में टैरिफ बढ़ोतरी की चर्चा के बीच मोबाइल यूजर्स को आने वाले समय में रिचार्ज के लिए ज्यादा रकम खर्च करने के लिए तैयार रहना पड़ सकता है।
