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BIhar Flood : बिहार में बाढ़ का कहर, खतरे की जद में 15 जिले; उफान पर गंगा समेत कई नदियां; IMD का खतरनाक अलर्ट

बिहार के अधिकांश हिस्सों पर बारिश और बाढ़ का कहर जारी है। खासकर, नेपाल की ओर से आ रहे पानी के कारण 15 जिले बाढ़ की चपेट में हैं। मौसम विभाग ने अगले तीन दिन तक राज्य के अधिकांश भागों पर भारी बारिश का अलर्ट घोषित किया है।

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बिहार में बढ़ रहा बाढ़ का कहर

बिहार और नेपाल के क्षेत्रों में लगातार बारिश जनजीवन पर बुरा असर डाल रही है। भारी वर्षा के कारण बाढ़ की स्थिति शुक्रवार को भी गंभीर बनी हुई है। राज्य के 15 जिलों के 46.88 लाख से अधिक लोग बाढ़ से प्रभावित हैं, जबकि कई नदियां विभिन्न स्थानों पर खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। तराई क्षेत्र में बसे लोग पलायन कर गए हैं। भारी संख्या में खेती और संपत्तियां नष्ट हो गई हैं। बाढ़ ने बिहार की बड़ी संख्या को प्रभावित किया है। आईएमडी ने अगले तीन दिन राज्य के कई जिलों में मध्यम से भारी बारिश का अलर्ट घोषित किया है। इस दौरान आकाशीय बिजली गिरने और नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी के संकेत दिए हैं।

आपदा प्रबंधन विभाग (डीएमडी) के शुक्रवार को जारी ताजा बुलेटिन के अनुसार, 15 जिलों के 88 प्रखंडों की 561 ग्राम पंचायतों की 46.88 लाख आबादी बाढ़ से प्रभावित हुई है।

बिहार के ये जिले बाढ़ प्रभावित

प्रभावित जिलों में पटना, भोजपुर, सारण, वैशाली, भागलपुर, बेगूसराय, बक्सर, समस्तीपुर, मुंगेर, कटिहार, लखीसराय, खगड़िया, पूर्णिया, मधेपुरा और अररिया शामिल हैं। इनमें भागलपुर, पटना, सारण, वैशाली, बेगूसराय, कटिहार, पूर्णिया और बक्सर सबसे अधिक प्रभावित जिलों में से हैं।

गंगा खतरे के निशान के ऊपर

बिहार मौसम सेवा केंद्र के अनुसार, सितंबर महीने में अब तक राज्य में 90.0 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई है, जो सामान्य से 20 प्रतिशत अधिक है। डीएमडी के अनुसार, भागलपुर के सुल्तानगंज में गंगा का जलस्तर शुक्रवार को सुबह छह बजे 36.62 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरे के निशान से 2.12 मीटर ऊपर है। हालांकि यहां जलस्तर में कमी आ रही है।

बुलेटिन के अनुसार, गंडक नदी डुमरिया घाट, कोसी बलतरा और कुर्सेला में, बूढ़ी गंडक नदी खगड़िया, गंगा दीघा, गांधी घाट, हथीदह, भागलपुर, कहलगांव और मुंगेर में, पुनपुन नदी श्रीपालपुर, बागमती बेनीबाद में तथा घाघरा नदी दरौली और गंगपुर सिसवन में खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। विभाग ने बताया कि बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए विभिन्न जिलों में 1,194 सामुदायिक रसोई चलाई जा रही हैं। इसके अलावा 15 राहत शिविर संचालित हैं, जहां 11,255 बाढ़ पीड़ितों के लिए आवास, भोजन, चिकित्सा और अन्य आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था की गई है।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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