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इंसान डरकर कांप उठते हैं लेकिन जब छिपकली डरती है तो क्या करती है, जानकर सन्न रह जाएंगे

Interesting Facts: शायद आपने भी देखा होगा कि जैसे ही छिपकली अपनी पूंछ छोड़ती है, वह पूंछ जमीन पर थोड़े समय तक हिलती-डुलती रहती है। इससे सामने वाले का ध्यान कटी पूंछ पर चला जाता है। छिपकली इसी मौके का फायदा उठाती है और वहां से तुरंत भाग जाती है। इस तरह छिपकली अपने दुश्मन से बच निकलती है।

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छिपकली (iStock)

Interesting Facts: आपने अपने घर की दीवार पर छिपकली को चलते देखा होगा। कई लोग अपने सामने छिपकली को दिखते ही घबरा जाते हैं। कुछ लोग तो छिपकली देखकर तुरंत दूर भागने लगते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि जब छिपकली किसी चीज से डरती है तो वह क्या करती है? यह सवाल सुनने में भले ही साधारण लग रहा होगा, लेकिन इसका जवाब काफी दिलचस्प और आपके लिए चौंकाने वाला है। छिपकली भी खतरा महसूस होने पर बाकी जीवों की तरह खुद को बचाने की कोशिश करती है। जब छिपकली को लगता है कि कोई शिकारी उसके बहुत करीब आ गया है और उससे बचकर निकल पाना अब मुश्किल हो सकता है, तब वह एक खास तरह की तरकीब अपनाती है।

अपनी पूंछ को बॉडी से अलग कर देती है छिपकली

आपको जानकर हैरानी होगी की छिपकलियां डरने या खतरा महसूस होने पर अपनी पूंछ अपनी बॉडी से अलग कर देती हैं। वैज्ञानिक भाषा में इस प्रक्रिया को ऑटोटॉमी (Autotomy) कहा जाता है। शायद आपने भी देखा होगा कि जैसे ही छिपकली अपनी पूंछ छोड़ती है, वह पूंछ जमीन पर थोड़े समय तक हिलती-डुलती रहती है। इससे सामने वाले का ध्यान कटी पूंछ पर चला जाता है। छिपकली इसी मौके का फायदा उठाती है और वहां से तुरंत भाग जाती है। इस तरह छिपकली अपने दुश्मन से बच निकलती है।

छिपकली को मिला है अनोखा बचाव तंत्र

छिपकली को प्रकृति द्वारा दिया गया एक अनोखा बचाव तंत्र है। आपको जानकर हैरानी होगी कि छिपकली की टूटी हुई पूंछ दोबारा फिर से उग जाती है। हालांकि, नई पूंछ में एक कमी रहती है कि वह पहले जैसी पूरी तरह मजबूत नहीं होती। लेकिन छिपकली की बॉडी का संतुलन बनाए रखने में वह मदद जरूर करती है। इसके अलावा छिपकलियां आसपास के माहौल में घुल-मिल जाने की क्षमता भी रखती हैं। कई बार वह इतनी शांत हो जाती हैं कि सामने वाले के लिए उन्हें पहचानना मुश्किल हो जाता है।

Aditya Sahu
आदित्य साहूauthor

आदित्य साहू टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में स्पोर्ट्स और ट्रेडिंग कंटेंट लिखतें हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स की डिग्री हासिल करने के बाद वह पिछले 10 सालों से मीडिया में सक्रिय हैं। स्पोर्ट्स इवेंट की रियल टाइम कवरेज, डाटा टॉपिक्स और अनोखे कंटेंट आइडियाज को आकर्षक और एंगेजिंग तरीके से प्रस्तुत करना आदित्य की खासियत है। उनकी कॉपी राइटिंग और इंटरेस्टिंग हेडलाइन बनाने की क्षमता उन्हें डिजिटल दुनिया में अलग पहचान देती है। 15,000 से अधिक बायलाइन स्टोरी पब्लिश कर चुके आदित्य का लक्ष्य हर खबर को यूनिक एंगल और स्टोरीटेलिंग के रोचक अंदाज में पेश करना है।

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