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Guinness World Records: 1930 में जन्मे तिड़वा बच्चों ने मनाया 93वां जन्मदिन, गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज हुआ नाम

  • Authored by: किशन गुप्ता
  • Updated Dec 3, 2023, 06:41 PM IST

गिनीज वर्ल्ड बुक के इंस्टाग्राम आईडी से एक तिड़वा बच्चों का फोटो शेयर किया गया है, जिनका जन्म 1930 में हुआ था। इस बार 1 दिसंबर को इन तीनों बच्चों अपना 93वां जन्मदिन मनाया है।

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सबसे अधिक उम्र के जीवित तिड़वा बच्चों के नाम गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड (Image Credit - Instagram)

KEY HIGHLIGHTS
  • गिनीज वर्ल्ड बुक में नाम हुआ दर्ज
  • 1930 में जन्मे थे तिड़वा बच्चे
  • 1 दिसंबर को मनाया 93वां जन्मदिन

Oldest Triplets Guinness World Records: कई बार कुछ ऐसे रिकॉर्ड होते हैं, जिनके बारे में सुनकर काफी अजीब लगता है। सुनकर ऐसा लगता है कि जैसे इस रिकॉर्ड का टूटना असंभव है। एक ऐसा ही वर्ल्ड रिकॉर्ड हम आप लोगों के लिए लेकर आए हैं, जिसे सुनकर आप भी दंग रह जाएंगे। यह कहानी तीन भाईयों की है, जो तिड़वा हैं।

दरअसल, लैरी एल्डन ब्राउन, लोन बर्नार्ड ब्राउन और जीन कैरोल ब्राउन ने अपना करीबी रिश्ता शेयर करते हुए बताया कि वे तीनों भाई तिड़वा हैं। ऐसे में उनके नाम सबसे अधिक उम्र वाले तिड़वा का वर्ल्ड रिकॉर्ड बन गया है। यह रिकॉर्ड उनके 93वें जन्मदिन पर बना। इस पोस्ट को गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड के इंस्टाग्राम अकाउंट से शेयर किया गया है।

सबसे अधिक उम्र के जीवित तिड़वा बच्चों के नाम गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड

लैरी ने गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड को बताया कि वह और उनके भाई धूम्रपान, शराब और नशीली दवाओं से दूर रहे हैं। वे हमेशा से ही एक-दूसरे के भाई बनकर रहे हैं। हमेशा से ही उन्होंने एक-दूसरे का ख्याल रखा है और हर कदम पर साथ दिया है। इंस्टाग्राम पर शेयर किए गए इस पोस्ट पर गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड ने कैप्शन में उनके बारे में डिटेल भी लिखा है। इसमें उनके बचपन से लेकर बुढ़ापे तक तस्वीरें शामिल हैं।

किशन गुप्ता
किशन गुप्ताauthor

<p>देश की धार्मिक राजधानी काशी में जन्म लिया और घाटों पर खेल-कूदकर बड़ा हुआ। साल 2019 में महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में मास्टर्स डिग्री ली। यही से पत्रकारिता की शुरुआत भी हुई। इसी साल जुलाई में हैदराबाद स्थित रामोजी रॉव के स्वामित्व वाले ईटीवी भारत से करियर की शुरुआत हुई। बतौर ट्रेनी यहां एक साल से अधिक का समय बिताया। यह पहली दफा था, जब घर से दूर निकला था। लेकिन चस्का था तो काम करने, एक अच्छा पत्रकार बनने का। यहां रहकर चंद्रयान - 2 को कवर करने का मौका मिला। इसके बाद राजस्थान में शिक्षक भर्ती को लेकर उम्मीदवारों की ओर से हुए हिंसक विरोध को भी करीब से देखा। इस दौरान पथराव का भी सामना करना पड़ा। लेकिन काम करने का एक जुनून था। यह पहली दफा था, जब मैंने किसी बड़ी न्यूज को कवर किया था। इसके बाद ये सिलसिला चलता गया। कुछ समय ऐसा भी आया, जब होम पेज भी काम करने को मिला। करीब एक साल से अधिक समय बिताने के बाद ईटीवी भारत से अलविदा लिया और अपने गृह जिले में पहुंचा, जहां के एक लोकल चैनल टूडेज इंडिया न्यूज में काम करने का मौका मिला। यहां करीब डेढ़ साल से अधिक का समय बिता, जहां रहकर बनारस के साथ-साथ पूर्वांचल को भी कवर करने का मौका मिला। राजनीति और क्राइम की खबरों में खासा रूचि होने के कारण अक्सर फोकस भी इसी पर रहता था। इस दौरान कोविड के दंश को भी देखा। कोरोना काल का यह वो भयानक मंजर था, जिसकी किसी को आशंका न थी। इस दौरान खबरों के माध्यम से देश के दुख-दर्द को करीब से महसूस करने का मौका मिला। फिर मई 2022 में वनइंडिया ज्वाइन कर ली, यहां से फीचर राइटिंग की शुरुआत करते हुए मैंने ट्रैवेल पर काम करना शुरू किया। ऑफिस बैंगलोर था, तो वहां जाने के लिए काफी सोचना भी पड़ा लेकिन दिमाग में था कि बड़ा कुछ करना है तो देश की आर्थिक राजधानी के लिए निकल पड़ा। यहां काफी कम समय ही बिता, करीब 9 महीने तक काम करने के बाद यहां से अलविदा लिया। फिर समय आया देश के प्रतिष्ठित संस्थान टाइम्स नेटवर्क से जुड़ने का। मार्च 2023 में मैं Timesnowhindi.com के वायरल टीम से जुड़ा। इस बीच तमाम ट्रेंडिंग, वायरल और अजब-गजब जैसी कई खबरें की। बीट अलग होने के कारण थोड़ा चैलेंजिंग था लेकिन उस चैलेंज को पूरा करते हुए और चुनौतियों का सामना करते हुए आज एक साल से ऊपर का समय हो गया है।</p>

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