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इस जुगाड़ से आप भी अपने मिक्सर के ब्लेड को बना सकते हैं धारदार, तरीका देख यूजर्स बोले - ई भी होता है क्या

इंस्टाग्राम पर वायरल हो रहे इस वीडियो में एक महिला बिना पैसे खर्च किए मिक्सर के ब्लेड को दवाई के पत्तों से तेज करती दिख रही है। उसने पत्तों को काटकर मिक्सर में डालकर चलाया, और दावा किया कि ब्लेड अधिक तेज हो गया है।

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मिक्सर के ब्लेड को धारदार बनाने का देसी जुगाड़ (Instagram)

KEY HIGHLIGHTS
  • मिक्सर के ब्लेड को धारदार बनाने का तरीका
  • जुगाड़ देख हर कोई रह गया हैरान
  • जमकर वायरल हो रहा ये वीडियो

Desi Jugaad To Sharpen Mixer Blades: जुगाड़ भारतीय संस्कृति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, और इसे भारतीयों की चतुराई और नवोन्मेष के प्रतीक के रूप में देखा जाता है। हाल ही में एक ऐसा वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें एक महिला ने बिना किसी खर्च के अपने मिक्सर ग्राइंडर के ब्लेड को तेज कर लिया। इस वीडियो ने न केवल लोगों का ध्यान आकर्षित किया, बल्कि इसे देखने के बाद कई लोग इस जुगाड़ के प्रति हैरान रह गए हैं। यह साबित करता है कि भारतीयों के पास समस्याओं का हल निकालने की अद्भुत क्षमता है, भले ही साधन सीमित क्यों न हों।

वीडियो में महिला ने एक आसान और सरल उपाय के तहत मिक्सर ग्राइंडर के ब्लेड को शार्प करने का तरीका बताया है। उसने दवाई के पत्तों का इस्तेमाल किया, जिसे वह छोटे टुकड़ों में काटती है। इसके बाद, उसे मिक्सर जार में डालकर कुछ सेकंड के लिए चला दिया जाता है। परिणामस्वरूप, वह दावा करती है कि अब ब्लेड पहले से कहीं अधिक तेज हो गया है। यह तकनीक न केवल किफायती है, बल्कि यह भी सूचित करती है कि कभी-कभी हमें अपने आसपास की चीजों का उपयोग कर समस्याओं का समाधान ढूंढना चाहिए।

मिक्सर के ब्लेड को धारदार बनाने का देसी जुगाड़

इस जुगाड़ ने सोशल मीडिया पर भी खासी चर्चा बटोरी है। इसे इंस्टाग्राम पर 'shiprarai2000' नाम के अकाउंट द्वारा शेयर किया गया है, और इस खबर के लिखे जाने तक इसे हजारों लोगों ने देखा है। ऐसे जुगाड़ भारत में आम हैं, और यह वीडियो इस बात का एक उत्कृष्ट उदाहरण है कि कैसे भारतीय अपनी दृष्टिकोण और कल्पनाशीलता के साथ विभिन्न समस्याओं का सामना करते हैं। यह जुगाड़ संस्कृति को प्रोत्साहित करता है, बल्कि लोगों को प्रेरित भी करता है कि वे अपनी समस्याओं का ज्ञान से समाधान खोजें।

Kishan Gupta
किशन गुप्ताauthor

<p>देश की धार्मिक राजधानी काशी में जन्म लिया और घाटों पर खेल-कूदकर बड़ा हुआ। साल 2019 में महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में मास्टर्स डिग्री ली। यही से पत्रकारिता की शुरुआत भी हुई। इसी साल जुलाई में हैदराबाद स्थित रामोजी रॉव के स्वामित्व वाले ईटीवी भारत से करियर की शुरुआत हुई। बतौर ट्रेनी यहां एक साल से अधिक का समय बिताया। यह पहली दफा था, जब घर से दूर निकला था। लेकिन चस्का था तो काम करने, एक अच्छा पत्रकार बनने का। यहां रहकर चंद्रयान - 2 को कवर करने का मौका मिला। इसके बाद राजस्थान में शिक्षक भर्ती को लेकर उम्मीदवारों की ओर से हुए हिंसक विरोध को भी करीब से देखा। इस दौरान पथराव का भी सामना करना पड़ा। लेकिन काम करने का एक जुनून था। यह पहली दफा था, जब मैंने किसी बड़ी न्यूज को कवर किया था। इसके बाद ये सिलसिला चलता गया। कुछ समय ऐसा भी आया, जब होम पेज भी काम करने को मिला। करीब एक साल से अधिक समय बिताने के बाद ईटीवी भारत से अलविदा लिया और अपने गृह जिले में पहुंचा, जहां के एक लोकल चैनल टूडेज इंडिया न्यूज में काम करने का मौका मिला। यहां करीब डेढ़ साल से अधिक का समय बिता, जहां रहकर बनारस के साथ-साथ पूर्वांचल को भी कवर करने का मौका मिला। राजनीति और क्राइम की खबरों में खासा रूचि होने के कारण अक्सर फोकस भी इसी पर रहता था। इस दौरान कोविड के दंश को भी देखा। कोरोना काल का यह वो भयानक मंजर था, जिसकी किसी को आशंका न थी। इस दौरान खबरों के माध्यम से देश के दुख-दर्द को करीब से महसूस करने का मौका मिला। फिर मई 2022 में वनइंडिया ज्वाइन कर ली, यहां से फीचर राइटिंग की शुरुआत करते हुए मैंने ट्रैवेल पर काम करना शुरू किया। ऑफिस बैंगलोर था, तो वहां जाने के लिए काफी सोचना भी पड़ा लेकिन दिमाग में था कि बड़ा कुछ करना है तो देश की आर्थिक राजधानी के लिए निकल पड़ा। यहां काफी कम समय ही बिता, करीब 9 महीने तक काम करने के बाद यहां से अलविदा लिया। फिर समय आया देश के प्रतिष्ठित संस्थान टाइम्स नेटवर्क से जुड़ने का। मार्च 2023 में मैं Timesnowhindi.com के वायरल टीम से जुड़ा। इस बीच तमाम ट्रेंडिंग, वायरल और अजब-गजब जैसी कई खबरें की। बीट अलग होने के कारण थोड़ा चैलेंजिंग था लेकिन उस चैलेंज को पूरा करते हुए और चुनौतियों का सामना करते हुए आज एक साल से ऊपर का समय हो गया है।</p>

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