वायरल न्यूज़

Garba Video: गरबा खेलने के लिए लैपटॉप लेकर पहुंचे एम्प्लाई, लोगों ने कहा - कॉर्पोरेट ऑफिस की हालत ही ऐसी है

इंस्टाग्राम पर डांडिया नाइट्स में गरबा का एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसे देख कॉर्पोरेट मजदूर के आंसू छलक पड़ेंगे। ये वीडियो उन लोगों के बेहद खास है, जो कॉर्पोरेट ऑफिस में जॉब करते हैं और छुट्टियों पर अपने घर नहीं जा पाते।

Image

लैपटॉप लेकर गरबा खेलने पहुंचे एम्प्लाई (Instagram)

KEY HIGHLIGHTS
  • गरबा खेलते हुए छलका एम्प्लाईयों का दर्द
  • छुट्टी न मिलने पर लैपटॉप लेकर खेलने पहुंचे गरबा
  • कॉर्पोरेट ऑफिस की हालत पर बना है ये वीडियो

Garba Dance With Laptops: नवरात्रि का पर्व चल रहा है और सभी ओर इसकी धूम देखी जा रही है। ऐसे में काफी ऐसे शहर भी है, जहां डांडिया नाइट्स का इंतजाम है। यहां पर लोग जाकर आकर गरबा डांस का आनंद ले सकते हैं और अपने दोस्तों या पार्टनर के मस्ती कर सकते हैं। ऐसे में कई सारे वीडियो इंटरनेट पर वायरल हो रहे हैं। आज हम आपके लिए एक ऐसा वीडियो लेकर आए हैं।

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस वीडियो में कॉर्पोरेट ऑफिस के 8-10 एम्प्लाई गरबा खेलने पहुंचे। इस दौरान सभी के हाथ में लैपटॉप था। ऐसे में उनकी पीड़ा को साफ-साफ समझा जा सकता है। हालांकि, ये वीडियो कॉर्पोरेट ऑफिस की सच्चाई दिखा रहा है या फिर प्लान्ड वीडियो है, इसके बारे में कुछ कहा नहीं जा सकता है। लेकिन वीडियो देखने के बाद लोगों का कहना है कि कॉर्पोरेट मजदूरों का यही हाल है।

लैपटॉप लेकर गरबा खेलने पहुंचे एम्प्लाई

इंस्टाग्राम पर वायरल हो रहे इस वीडियो में काफी लोगों की प्रतिक्रियाएं देखने को मिली हैं। ऐसे में एक यूजर ने लिखा है कि माता रानी के गरबे को मजाक बना कर रख दिया है। जबकि एक अन्य यूजर ने लिखा है कि ये वीडियो कॉर्पोरेट ऑफिस की सच्चाई दिखा रहा है। बता दें, इस वीडियो को 'nomad.joshi' नाम के अकाउंट से शेयर किया गया है, जिस पर अब तक 4.65 लाख से अधिक लाइक्स आ चुके हैं।

Kishan Gupta
किशन गुप्ताauthor

<p>देश की धार्मिक राजधानी काशी में जन्म लिया और घाटों पर खेल-कूदकर बड़ा हुआ। साल 2019 में महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में मास्टर्स डिग्री ली। यही से पत्रकारिता की शुरुआत भी हुई। इसी साल जुलाई में हैदराबाद स्थित रामोजी रॉव के स्वामित्व वाले ईटीवी भारत से करियर की शुरुआत हुई। बतौर ट्रेनी यहां एक साल से अधिक का समय बिताया। यह पहली दफा था, जब घर से दूर निकला था। लेकिन चस्का था तो काम करने, एक अच्छा पत्रकार बनने का। यहां रहकर चंद्रयान - 2 को कवर करने का मौका मिला। इसके बाद राजस्थान में शिक्षक भर्ती को लेकर उम्मीदवारों की ओर से हुए हिंसक विरोध को भी करीब से देखा। इस दौरान पथराव का भी सामना करना पड़ा। लेकिन काम करने का एक जुनून था। यह पहली दफा था, जब मैंने किसी बड़ी न्यूज को कवर किया था। इसके बाद ये सिलसिला चलता गया। कुछ समय ऐसा भी आया, जब होम पेज भी काम करने को मिला। करीब एक साल से अधिक समय बिताने के बाद ईटीवी भारत से अलविदा लिया और अपने गृह जिले में पहुंचा, जहां के एक लोकल चैनल टूडेज इंडिया न्यूज में काम करने का मौका मिला। यहां करीब डेढ़ साल से अधिक का समय बिता, जहां रहकर बनारस के साथ-साथ पूर्वांचल को भी कवर करने का मौका मिला। राजनीति और क्राइम की खबरों में खासा रूचि होने के कारण अक्सर फोकस भी इसी पर रहता था। इस दौरान कोविड के दंश को भी देखा। कोरोना काल का यह वो भयानक मंजर था, जिसकी किसी को आशंका न थी। इस दौरान खबरों के माध्यम से देश के दुख-दर्द को करीब से महसूस करने का मौका मिला। फिर मई 2022 में वनइंडिया ज्वाइन कर ली, यहां से फीचर राइटिंग की शुरुआत करते हुए मैंने ट्रैवेल पर काम करना शुरू किया। ऑफिस बैंगलोर था, तो वहां जाने के लिए काफी सोचना भी पड़ा लेकिन दिमाग में था कि बड़ा कुछ करना है तो देश की आर्थिक राजधानी के लिए निकल पड़ा। यहां काफी कम समय ही बिता, करीब 9 महीने तक काम करने के बाद यहां से अलविदा लिया। फिर समय आया देश के प्रतिष्ठित संस्थान टाइम्स नेटवर्क से जुड़ने का। मार्च 2023 में मैं Timesnowhindi.com के वायरल टीम से जुड़ा। इस बीच तमाम ट्रेंडिंग, वायरल और अजब-गजब जैसी कई खबरें की। बीट अलग होने के कारण थोड़ा चैलेंजिंग था लेकिन उस चैलेंज को पूरा करते हुए और चुनौतियों का सामना करते हुए आज एक साल से ऊपर का समय हो गया है।</p>

और पढ़ें
End of Article