Chabahar Port Attack: विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार को स्पष्ट किया कि ईरान के चाबहार पोर्ट पर कथित अमेरिकी हमले की रिपोर्ट्स के बावजूद भारत द्वारा संचालित शहीद बेहेश्ती टर्मिनल पूरी तरह सुरक्षित है और उसे किसी प्रकार का कोई नुकसान नहीं पहुंचा है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने शुक्रवार को साप्ताहित प्रेस वार्ता के दौरान कहा कि चाबहार पोर्ट के संबंध में अमेरिकी की ओर से पहले एक छूट दी गई थी, जिसकी अवधि कुछ समय पहले समाप्त हो चुकी है। इसके बाद से भारत इस मामले को आगे बढ़ाने के लिए संबंधित पक्षों के साथ लगातार बातचीत कर रहा है।
'पूरी तरह सुरक्षित है टर्मिनल'
चाबहार पोर्ट पर कथित अमेरिकी हमले से जुड़े सवाल पर रणधीर जायसवाल ने कहा कि सरकार ने इन रिपोर्टों को देखा है, लेकिन भारत के निवेश वाले शहीद बेहेश्ती टर्मिनल को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है। उन्होंने कहा, "हम पुष्टि कर सकते हैं कि टर्मिनल पूरी तरह सुरक्षित है और उसे किसी तरह की क्षति नहीं हुई है।"
टाइम्स नाउ नवभारत पर ये भी पढ़ें: '...14 भारतीय नागरिकों की हुई मौत', MEA ने पश्चिम एशिया युद्ध को लेकर दिया बड़ा अपडेट; कहा- अभी हालात ठीक नहीं
यह बयान ऐसे समय पर आया जब चाबहार क्षेत्र में हमलों की रिपोर्ट्स सामने आईं। कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि बंदरगाह के आसपास विस्फोट हुए हैं और अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने भी सोशल मीडिया पर हमलों से जुड़ी तस्वीरें साझा की थीं। हालांकि, भारत ने स्पष्ट कर दिया है कि उनके संचालन वाला टर्मिनल पूरी तरह सुरक्षित है।
भारत के लिए क्यों अहम है चाबहार पोर्ट
ईरान के दक्षिण-पूर्वी तट पर ओमान की खाड़ी के किनारे स्थित चाबहार पोर्ट भारत के लिए बेहद खास है। इस बंदरगाह के जरिए भारत पाकिस्तान को बायपास करते हुए अफगानिस्तान और मध्य एशिया तक अपनी सीधी पहुंच बना सकता है। भारत ने चाबहार के शहीद बेहेश्ती टर्मिनल के विकास और संचालन में बड़ा निवेश किया है।
PoJK भारत का अभिन्न हिस्सा
पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर (PoJK) से जुड़े सवाल पर रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत का रुख पहले भी स्पष्ट था और आज भी वही है। उन्होंने कहा, "जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के पूरे केंद्र शासित प्रदेश भारत का अभिन्न अंग है। वे पहले भी भारत का अभिन्न हिस्सा थे, आज भी हैं और हमेशा रहेंगे।"
