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गजबः यहां लोग करते हैं बिल्ली की पूजा, सच्चाई जान हैरान रह जाएंगे आप

  • Authored by: किशन गुप्ता
  • Updated Apr 17, 2023, 06:05 PM IST

भारत में बिल्लियों को लेकर काफी अपशगुन कहा जाता है। ऐसे में कर्नाटक के मांड्या शहर से 35 किलोमीटर दूर बेक्कालेले गांव में बिल्लियों की पूजा की जाती है। यह परम्परा करीब 1000 साल पुरानी है।

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कर्नाटक के बेक्कालेले गांव में की जाती है बिल्लियों की पूजा (Image Credit: iStock)

KEY HIGHLIGHTS
  • बेक्कालेले में की जाती है बिल्लियों की पूजा
  • 1000 साल पुरानी है परम्परा
  • यहां बिल्लियों को समर्पित एक मंदिर भी

Where is Cat Worshipped: बिल्ली एक ऐसा जानवर है, जिसका नाम सुनते ही कई लोग अपशगुन मानने लगते हैं। अगर सामने से बिल्ली गुजर जाए तो न जाने कैसे-कैसे बातें बनाने लगते हैं। बिल्ली को लेकर अंधविश्वास सिर्फ भारत में ही नहीं बल्कि कई अन्य देशों में भी देखा जाता है। जबकि ऐसा बिल्कुल नहीं करना चाहिए, क्योंकि बिल्ली भी तो भगवान की ही बनाई हुई चीज है तो ये अंधविश्वास कैसे फैला सकती है। इसके विपरीत भारत में एक ऐसी जगह है, जहां बिल्ली को भगवान की तरह पूजा जाता है।

जी हां, कर्नाटक के मांड्या शहर से 35 किलोमीटर दूर बेक्कालेले गांव में बिल्लियों की पूजा की जाती है। शायद आपको इस बात पर भरोसा ना हो रहा हो। लेकिन ये बात बिल्कुल सच है। जी हां, इस गांव में बिल्लियों की पूजा की जाती है और यह कोई नया नियम नहीं है, बल्कि 1000 साल पुरानी एक परंपरा है, जिसे गांव वाले पूरे शिद्दत के साथ निभाते हैं। इतना ही नहीं, गांव में कोई भी बिल्लियों के साथ बुरा बर्ताव नहीं करता और अगर ऐसा करता हुआ कोई पाया जाता है, तो उसे गांव से बाहर निकाल दिया जाता है। इतना ही नहीं, इस गांव में बिल्ली को समर्पित एक मंदिर भी है, जिसका नाम मंगम्मा देवी मंदिर है।

cat worshiped in Bekkalele karnataka

बुरी शक्तियों से ग्रामीणों की रक्षा करती हैं बिल्लियां

बेक्कालेले गांव में बिल्लियों की पूजा की जाती है...

इस गांव में मनगम्मा देवी के मंदिर में एक त्योहार भी मनाया जाता है, जो बिल्लियों को समर्पित होता है। यह त्योहार काफी धूमधाम से मनाया जाता है। गांव वालों का मानना है कि मनगम्मा देवी ने गांव में पहली बार बिल्ली के रूप में ही प्रवेश किया था और फिर वहां से चली गई थीं, जिनके पैरों के निशान आज भी देखने को मिलते हैं। यह निशान बिल्कुल बिल्ली के पैर जैसा है। कहा जाता है कि बिल्लियां इस गांव के लोगों की रक्षा करती हैं। इस गांव का नाम भी कन्नड़ के बेक्कू शब्द पर पड़ा है, जिसका हिंदी अर्थ 'बिल्ली' होता है। अगर यह आर्टिकल आपको पसंद आया तो हमें कमेंट कर जरूर बताएं।

किशन गुप्ता
किशन गुप्ताauthor

<p>देश की धार्मिक राजधानी काशी में जन्म लिया और घाटों पर खेल-कूदकर बड़ा हुआ। साल 2019 में महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में मास्टर्स डिग्री ली। यही से पत्रकारिता की शुरुआत भी हुई। इसी साल जुलाई में हैदराबाद स्थित रामोजी रॉव के स्वामित्व वाले ईटीवी भारत से करियर की शुरुआत हुई। बतौर ट्रेनी यहां एक साल से अधिक का समय बिताया। यह पहली दफा था, जब घर से दूर निकला था। लेकिन चस्का था तो काम करने, एक अच्छा पत्रकार बनने का। यहां रहकर चंद्रयान - 2 को कवर करने का मौका मिला। इसके बाद राजस्थान में शिक्षक भर्ती को लेकर उम्मीदवारों की ओर से हुए हिंसक विरोध को भी करीब से देखा। इस दौरान पथराव का भी सामना करना पड़ा। लेकिन काम करने का एक जुनून था। यह पहली दफा था, जब मैंने किसी बड़ी न्यूज को कवर किया था। इसके बाद ये सिलसिला चलता गया। कुछ समय ऐसा भी आया, जब होम पेज भी काम करने को मिला। करीब एक साल से अधिक समय बिताने के बाद ईटीवी भारत से अलविदा लिया और अपने गृह जिले में पहुंचा, जहां के एक लोकल चैनल टूडेज इंडिया न्यूज में काम करने का मौका मिला। यहां करीब डेढ़ साल से अधिक का समय बिता, जहां रहकर बनारस के साथ-साथ पूर्वांचल को भी कवर करने का मौका मिला। राजनीति और क्राइम की खबरों में खासा रूचि होने के कारण अक्सर फोकस भी इसी पर रहता था। इस दौरान कोविड के दंश को भी देखा। कोरोना काल का यह वो भयानक मंजर था, जिसकी किसी को आशंका न थी। इस दौरान खबरों के माध्यम से देश के दुख-दर्द को करीब से महसूस करने का मौका मिला। फिर मई 2022 में वनइंडिया ज्वाइन कर ली, यहां से फीचर राइटिंग की शुरुआत करते हुए मैंने ट्रैवेल पर काम करना शुरू किया। ऑफिस बैंगलोर था, तो वहां जाने के लिए काफी सोचना भी पड़ा लेकिन दिमाग में था कि बड़ा कुछ करना है तो देश की आर्थिक राजधानी के लिए निकल पड़ा। यहां काफी कम समय ही बिता, करीब 9 महीने तक काम करने के बाद यहां से अलविदा लिया। फिर समय आया देश के प्रतिष्ठित संस्थान टाइम्स नेटवर्क से जुड़ने का। मार्च 2023 में मैं Timesnowhindi.com के वायरल टीम से जुड़ा। इस बीच तमाम ट्रेंडिंग, वायरल और अजब-गजब जैसी कई खबरें की। बीट अलग होने के कारण थोड़ा चैलेंजिंग था लेकिन उस चैलेंज को पूरा करते हुए और चुनौतियों का सामना करते हुए आज एक साल से ऊपर का समय हो गया है।</p>

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