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विदेशी कपल ने भारतीय ट्रेन के स्लीपर बोगी में की यात्रा, बच्चों की मस्ती और लोगों के प्यार ने सफर को बनाया यादगार

दो विदेशी नागरिकों ने भारत में 7 घंटे की स्लीपर क्लास ट्रेन यात्रा की। जिसे ट्रेन में मौजूद लोगों ने उनके इस सफर को यादगार बना दिया। जल्द ही दोनों लोगों भारतीयों के साथ घुल-मिल गए और सफर का शानदार अनुभव लिया।

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ट्रेन में यात्रा करते विदेशी नागरिक (Instagram/@kimgreenwood1117)

भारत में ट्रेन का सफर अपने आप में एक अलग अनुभव होता है। ऐसा ही एक खूबसूरत अनुभव दो कनाडाई यात्रियों को मिला, जब उन्होंने स्लीपर क्लास में यात्रा की और उनकी पूरी केबिन एक छोटे से परिवार में बदल गई। यह कहानी किम ग्रीनवुड (Kim Greenwood) और उनके पार्टनर की है, जिन्होंने गलती से स्लीपर क्लास का टिकट बुक कर लिया था।

कैसे शुरू हुई यह यात्रा?

किम ने जलगांव जंक्शन से चंद्रपुर तक की ट्रेन टिकट बुक की थी। उन्हें लगा कि स्लीपर क्लास में उन्हें आराम से नींद मिल जाएगी। लेकिन बाद में उन्हें पता चला कि भारत में स्लीपर क्लास में जगह सबकी होती है और वहां लोग मिल-जुलकर सफर करते हैं। यात्रा के दौरान कुछ छोटे बच्चे उनके केबिन में आ गए और उत्सुकता से उन्हें देखने लगे। पहले तो लगा कि शायद परेशानी होगी, लेकिन जल्द ही माहौल बदल गया।

खाने और प्यार की भरमार

किम के साथी बच्चों के साथ खेलने लगे और पूरी बोगी एक छोटी-सी कम्युनिटी बन गई। लोग हंसने लगे, बातें करने लगे और सब एक-दूसरे से जुड़ गए। किम ने बताया कि कुछ लोग स्टेशन पर खिड़की से उनके लिए खाना लेकर आए। कुछ खाने का सामान ट्रेन में बेचने वालों से मिला, तो कुछ बच्चों की मां ने खुद बनाया हुआ खाना दिया। यह सब देखकर उन्हें बहुत अच्छा लगा कि कैसे अनजान लोग भी एक-दूसरे का ख्याल रखते हैं।

सोशल मीडिया पर हुआ वीडियो वायरल

यह वीडियो देखते ही देखते तेजी से वायरल हो गया। किम ने इस अनुभव का वीडियो Instagram पर अपने अकाउंट @kimgreenwood1117 से शेयर किया है। जिसे अब तक लाखों लोगों ने देखा और हजारों ने इसे लाइक किया है। कई लोगों ने इसे अपने देश की खूबसूरती बताई तो कई लोगों ने कहा कि भारत में ही ऐसा होता है जब लोग सफर के दौरान अजनबी भी परिवार बन जाते हैं।

नींद नहीं मिली, फिर भी कोई पछतावा नहीं

हालांकि इस 7 घंटे की यात्रा में उन्हें एक मिनट की भी नींद नहीं मिली, लेकिन किम ने कहा कि वे इस अनुभव को किसी भी चीज से बदलना नहीं चाहेंगी। उन्होंने लिखा, “यह सफर थकाने वाला था, लेकिन बहुत खास था।”

डिस्क्लेमर: इस खबर में दी गई जानकारी सोशल मीडिया पोस्ट पर आधारित है। टाइम्स नाउ नवभारत किसी भी प्रकार के दावे की पुष्टि नहीं करता है।

Pankaj Yadav
पंकज यादवauthor

पंकज यादव टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में वायरल और ट्रेंडिंग कंटेंट तैयार करते हैं। कंटेंट राइटिंग में 6 वर्षों का अनुभव रखने वाले पंकज सोशल मीडिया ट्रेंड्स, ह्यूमन इंटरेस्ट और ऑफबीट न्यूज दिलचस्प और यूजर-फ्रेंडली अंदाज में लिखने में माहिर हैं और अबतक आठ हजार से अधिक कंटेंट प्रकाशित कर चुके हैं।

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