अक्सर लोग नौकरी के सामने अपने घुटने टेक देते हैं और अपने सपनों को भूलकर सिर्फ नौकरी करते हैं। लोगों का कहना होता है कि नौकरी के साथ कुछ भी करना मुश्किल है। कई बार लोग अपनी तेज रफ्तार जिंदगी, थकान और तनाव के कारण अपने सपनों को भूल ही जाते हैं। ऐसे में कभी-कभी हमें कुछ इस तरह के लोग भी मिलते हैं, जो अपने सपनों के लिए जीना और उस पर मेहनत करना सीखाते हैं। हाल में एक ऐसी ही महिला बस कंडक्टर का वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। जहां देखा जा सकता है कि महिला बस कंडक्टर अपनी नौकरी करने के साथ-साथ पूरी तन्मयता के साथ अपनी पढ़ाई भी कर रही है। ऐसे लोगों को देखकर हमें फिर से आगे बढ़ने की हिम्मत मिलती है।
बस में पढ़ाई करती दिखी महिला कंडक्टर
यह प्रेरणादायक वायरल वीडियो Bengaluru का बताया जा रहा है। जहां आप वीडियो में देख सकते हैं कि एक महिला बस कंडक्टर अपनी ड्यूटी के बीच ब्रेक में बस की सीट पर बैठकर शांति से किताब पढ़ रही थी। चारों ओर शोर, भीड़ और थकान के माहौल के बीच वह महिला पूरे फोकस के साथ अपनी पढ़ाई में लगी हुई दिखी। महिला बस के अंदर पढ़ाई करते वक्त अपनी वर्दी में दिख रही है। इससे साफ पता चल रहा है कि वह या तो अपनी शिफ्ट में है या फिर अपनी शिफ्ट पूरी कर चुकी है। इसके बावजूद भी उसने आराम करने या मोबाइल देखने के बजाय किताब खोलना चुना और पढ़ाई करना शुरू कर दिया।
वीडियो देख लोगों को मिली नई ऊर्जा
इस वीडियो को इंस्टाग्राम पर वर्षिनी नाम की यूजर ने अपने अकाउंट @signs__fromuniverse से शेयर किया गया है। जहां उन्होंने कैप्शन में लिखा कि मैं अपने ऑफिस से थककर घर लौट रही थी। तभी मैंने एक महिला बस कंडक्टर को अपनी शिफ्ट के बीच ब्रेक टाइम में किताब खोलकर पढ़ते देखा। वर्षिनी ने वीडियो के साथ आगे लिखा कि वह खुद बहुत थकी हुई थीं, लेकिन उस महिला को पढ़ते देखकर उन्हें नई ऊर्जा मिली। उन्होंने कहा कि यह नजारा उन्हें याद दिलाता है कि हालात चाहे जैसे भी हों, अगर इंसान ठान ले तो आगे बढ़ सकता है।
लोगों ने महिला के हौसले की तारीफ की
देखते ही देखते महिला बस कंडक्टर का यह वीडियो सोशल मीडिया पर छा गया। जिसे देख लोगों ने महिला की मेहनत और लगन की खूब तारीफ की। कई यूजर्स ने कहा कि महिला की मेहनत यह बताती है कि हमें सीखना कभी बंद नहीं करना चाहिए, चाहे हालात कितने ही मुश्किल क्यों न हों।
डिस्क्लेमर: इस खबर में दी गई जानकारी सोशल मीडिया पोस्ट पर आधारित है। टाइम्स नाउ नवभारत किसी भी प्रकार के दावे की पुष्टि नहीं करता है।
