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बिजनेसमैन आनंद महिंद्रा ने इस शिक्षक की वीडियो शेयर कर की तारीफ, बोले; काश मेरे स्कूल के...

Businessman Anand Mahindra: सोशल मीडिया पर एक मजेदार विज्ञान प्रयोग का वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें बर्नौली सिद्धांत को आसान तरीके से समझाया गया है। उद्योगपति आनंद महिंद्रा ने इस वीडियो को शेयर कर इसकी तारीफ की और कहा कि अगर स्कूल में ऐसे पढ़ाया जाता तो भौतिकी और भी रोचक लगती।

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आनंद महिंद्रा ने इस शिक्षक की वीडियो शेयर कर की तारीफ (फोटो: X/@anandmahindra/PTI)

Anand Mahindra Viral Video: सोशल मीडिया पर रोजाना कई तरह के वीडियो वायरल होते रहते हैं। इनमें कुछ वीडियो मनोरंजन से जुड़े होते हैं तो कुछ सीख देने वाले भी होते हैं। हाल ही में एक ऐसा वीडियो सामने आया, जिसकी तारीफ उद्योगपति आनंद महिंद्रा ने भी की। इस वीडियो में भौतिकी के एक सिद्धांत को बहुत आसान और मजेदार तरीके से समझाया गया है।

बर्नौली का सिद्धांत

वीडियो में एक व्यक्ति लंबी पीली प्लास्टिक की थैली (Science Viral Video) लेकर एक छोटा सा प्रयोग करता है। वह पहले लोगों से पूछता है कि क्या इस थैली को एक ही सांस में भरा जा सकता है। इसके बाद वह सामान्य तरीके से कोशिश करता है। वह थैली के मुंह को छोटा करके अपने मुंह से सीधे उसमें हवा भरने की कोशिश करता है। कई बार फूंक मारने के बाद भी थैली पूरी तरह नहीं भर पाती। फिर वह थैली को खाली कर देता है और कहता है कि अब वह बर्नौली के सिद्धांत का इस्तेमाल करेगा।

इस बार वह थैली के बिल्कुल पास मुंह नहीं लगाता, बल्कि थोड़ा दूर से हवा फूंकता है। जैसे ही वह ऐसा करता है, थैली तेजी से फूलने लगती है। एक ही सांस में थैली काफी हद तक भर जाती है। वह समझाता है कि जब ऊपर से तेज हवा फूंकी (Simple Science Trick) जाती है, तो थैली के अंदर कम दबाव बनता है। इस वजह से आसपास की हवा भी अंदर खिंच जाती है और थैली जल्दी भर जाती है। यह साधारण सा प्रयोग दिखाता है कि विज्ञान को आसान और दिलचस्प तरीके से समझाया जाए तो वह बिल्कुल भी उबाऊ नहीं लगता।

आनंद महिंद्रा ने इस वीडियो को शेयर करते हुए कहा कि काश उनके स्कूल के समय भी भौतिकी को ऐसे मजेदार तरीके से पढ़ाया जाता। यह वीडियो साबित करता है कि सही तरीके से समझाया गया विज्ञान हर किसी को पसंद आ सकता है। आनंद महिंद्रा ने अपने पोस्ट में लिखा: "काश मेरे स्कूल के भौतिकी शिक्षक इतने ही जीवंत और रचनात्मक होते… बर्नौली का सिद्धांत कहीं अधिक रोचक होता, और यह महज़ रटने वाला एक और सिद्धांत नहीं होता। एआई के युग में भी, रचनात्मक शिक्षण का अपना महत्व हमेशा बना रहेगा।"

डिस्क्लेमर: इस खबर में दी गई जानकारी सोशल मीडिया पोस्ट पर आधारित है। टाइम्स नाउ नवभारत किसी भी प्रकार के दावे की पुष्टि नहीं करता है।

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मोनू झाauthor

मोनू कुमार टाइम्स नाउ नवभारत की डिजिटल टीम में वायरल और ट्रेंडिंग डेस्क पर काम कर रहे हैं। न्यूजरूम में 4 साल से अधिक का अनुभव रखने वाले मोनू वायरल कंटेंट, ऑफबीट खबरों और सोशल मीडिया ट्रेंड्स को पहचानने में बेहद दक्ष हैं। यूनीक एंगल तलाशने और कहानियों को आकर्षक अंदाज में प्रस्तुत करने की उनकी क्षमता उन्हें डिजिटल कंटेंट स्पेस में अलग पहचान देती है। मोनू कुमार 4,000 से अधिक स्टोरीज लिख चुके हैं, जिनमें कई वायरल रिपोर्ट्स, ट्रेंड-बेस्ड अपडेट्स और सोशल मीडिया-फोकस्ड कंटेंट शामिल हैं।

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