जापान में छुट्टियां मनाने गए मलेशिया के एक दंपति के लिए हनीमून की यात्रा अचानक जिंदगी की सबसे बड़ी परीक्षा बन गई। इस दौरान महिला ने समय से बहुत पहले एक बच्ची को जन्म दे दिया। जो अब जिंदगी और मौत की जंग लड़ रही है। बच्ची के इलाज और उसे सुरक्षित घर लाने के लिए परिवार अब 1.5 मिलियन रिंगित (करीब 15 लाख) की मदद की अपील कर रहा है। बच्ची का नाम एलेक्सिस लियांग शी यू है। वह पिछले महीने गर्भावस्था के सिर्फ 22 सप्ताह में पैदा हुई थी। जन्म के समय उसका वजन केवल 480 ग्राम था। फिलहाल एलेक्सिस जापान के टोक्यो शहर के एक अस्पताल की नवजात गहन चिकित्सा इकाई (NICU) में भर्ती है।
जापान पहुंचते ही होने लगा दर्द
वन होप चैरिटी एंड वेलफेयर संस्था के अध्यक्ष दातुक चुआ सुई हाउ ने बताया कि यह परिवार मलेशिया के बुकिट मरताजम इलाके से है। बच्ची के पिता लियांग ची लियांग (32) और मां चान लून चियाग (29) ने इस साल की शुरुआत में जापान में हनीमून मनाने की योजना बनाई थी। यात्रा से पहले गर्भवती चान ने मेडिकल जांच करवाई थी और उन्हें उड़ान भरने की अनुमति मिल गई थी। 9 नवंबर को वे टोक्यो पहुंचे। लेकिन जापान पहुंचने के कुछ ही समय बाद चान को तेज दर्द और असामान्य रक्तस्राव होने लगा। उन्हें कई क्लीनिकों में ले जाया गया, लेकिन इलाज में दिक्कतों के कारण मदद नहीं मिल पाई। मजबूरी में दंपति ने उसी रात मलेशिया लौटने के लिए आपातकालीन फ्लाइट बुक कर ली।
इलाज और जांच के लिए चाहिए इतने पैसे
फ्लाइट का इंतजार करते समय हालत और बिगड़ गई। होटल में एम्बुलेंस बुलाई गई, लेकिन जब पिता कमरे में लौटे तो बच्ची का जन्म हो चुका था। घबराहट और बिना किसी डॉक्टर की मदद के पिता को खुद ही गर्भनाल काटनी पड़ी। इसके बाद मां और बच्ची को तुरंत अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों ने बताया कि एलेक्सिस को कई गंभीर समस्याएं हैं, जिनमें फेफड़ों की बीमारी, आंखों की कमजोरी और दिमाग में रक्तस्राव शामिल है। डॉक्टरों के अनुसार, उसे मार्च 2026 तक NICU में रहना पड़ सकता है। इलाज, जांच और लंबे समय तक देखभाल का खर्च करीब 1.5 मिलियन रिंगित आंका गया है।
जापान में रहने का खर्च बहुत ज्यादा होने के कारण माता-पिता को मलेशिया लौटना पड़ा। मां बीच-बीच में जापान जाकर बच्ची की देखभाल और स्तन दूध देने जाती है। पिता इंजीनियर हैं और मां नेल तकनीशियन के तौर पर काम करती हैं। परिवार जरूरत पड़ने पर अपनी इकलौती कार बेचने पर भी विचार कर रहा है। अब वन होप चैरिटी एंड वेलफेयर संस्था जनता से मदद जुटा रही है, ताकि एलेक्सिस को बेहतर इलाज मिल सके और उसे सुरक्षित घर लाया जा सके।
