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Ajab Gajab: शख्स के शरीर में फंसा मिला प्रथम विश्व युद्ध का बम, डॉक्टर भी रह गए दंग, अस्पताल में मचा हड़कंप!

Ajab Gajab: फ्रांस के टूलूज शहर के एक अस्पताल में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब एक मरीज के शरीर के अंदर प्रथम विश्व युद्ध का पुराना तोप का गोला मिला। सुरक्षा कारणों से अस्पताल खाली कराया गया और बम निरोधक दस्ते को बुलाया गया। मरीज की सफल सर्जरी के बाद गोले को सुरक्षित तरीके से हटाया गया।

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शख्स के शरीर में फंसा मिला प्रथम विश्व युद्ध का बम (Photo: iStock)

Ajab Gajab: फ्रांस में एक हैरान कर देने वाली घटना सामने आई, जब एक अस्पताल को उस समय खाली कराना पड़ा, जब एक मरीज के शरीर के अंदर प्रथम विश्व युद्ध का पुराना तोप का गोला फंसा हुआ पाया गया। यह मामला टूलूज शहर के रंगुइल अस्पताल का है। एक 24 साल का युवक शनिवार देर रात पेट दर्द और बेचैनी की शिकायत लेकर अस्पताल पहुंचा। उसकी हालत देखकर डॉक्टरों को लगा कि मामला गंभीर है। जांच के बाद डॉक्टरों ने फैसला किया कि उसे तुरंत सर्जरी करनी होगी। जब ऑपरेशन शुरू हुआ तो डॉक्टर भी हैरान रह गए।

मरीज के शरीर के अंदर करीब 8 इंच लंबा, नुकीला और बिना फटा हुआ प्रथम विश्व युद्ध का तोप का गोला मौजूद था। गोला असली विस्फोटक था इसलिए अस्पताल में अफरा-तफरी मच गई। डॉक्टरों को डर था कि कहीं इससे विस्फोट न हो जाए। न्यूयॉर्क पोस्ट के मुताबिक सुरक्षा के लिए तुरंत बम निरोधक दस्ता और फायर ब्रिगेड को बुलाया गया। साथ ही अस्पताल के उस हिस्से को खाली करा लिया गया और चारों ओर सुरक्षा घेरा बना दिया गया। जब विशेषज्ञ टीम मौके पर पहुंची, तो उन्होंने गोले की जांच की। अच्छी बात यह रही कि वह बहुत पुराना था और फिलहाल उससे विस्फोट का खतरा नहीं था।

बम निरोधक दस्ते ने कब्जे में लिया गोला

इसके बाद बम निरोधक दस्ते ने गोले को सुरक्षित तरीके से अपने कब्जे में ले लिया। मरीज का सफल ऑपरेशन किया गया और अब वह अस्पताल में ठीक हो रहा है। अधिकारियों को अभी तक यह साफ नहीं हो पाया है कि युवक के शरीर में इतना खतरनाक सामान कैसे पहुंचा। कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि यह किसी मजाक या लापरवाही भरे स्टंट का नतीजा हो सकता है। फ्रांस के एक अखबार के मुताबिक, अस्पताल के कर्मचारी ऐसे मामलों से पहले भी निपट चुके हैं, जहां लोग जोखिम भरे निजी प्रयोगों के दौरान घायल हो जाते हैं।

अब पुलिस युवक से पूछताछ कर सकती है। साथ ही उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई पर भी विचार किया जा रहा है, क्योंकि विस्फोटक सामग्री रखना वहां कानूनन अपराध माना जाता है। यह पहली बार नहीं है जब ऐसा मामला सामने आया हो। साल 2022 में भी फ्रांस के एक दूसरे अस्पताल में इसी तरह एक बुजुर्ग व्यक्ति के शरीर से युद्धकालीन गोला मिला था, तब भी अस्पताल को खाली कराना पड़ा था। कुल मिलाकर अगर कहें तो यह घटना लोगों के लिए एक चेतावनी है कि किसी भी तरह की लापरवाही या खतरनाक हरकत जानलेवा साबित हो सकती है। सुरक्षा और समझदारी हमेशा सबसे जरूरी होती है।

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मोनू झाauthor

मोनू कुमार टाइम्स नाउ नवभारत की डिजिटल टीम में वायरल और ट्रेंडिंग डेस्क पर काम कर रहे हैं। न्यूजरूम में 4 साल से अधिक का अनुभव रखने वाले मोनू वायरल कंटेंट, ऑफबीट खबरों और सोशल मीडिया ट्रेंड्स को पहचानने में बेहद दक्ष हैं। यूनीक एंगल तलाशने और कहानियों को आकर्षक अंदाज में प्रस्तुत करने की उनकी क्षमता उन्हें डिजिटल कंटेंट स्पेस में अलग पहचान देती है। मोनू कुमार 4,000 से अधिक स्टोरीज लिख चुके हैं, जिनमें कई वायरल रिपोर्ट्स, ट्रेंड-बेस्ड अपडेट्स और सोशल मीडिया-फोकस्ड कंटेंट शामिल हैं।

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