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Ajab Gajab: खतरा महसूस होते ही ‘स्लाइम बम’ बन जाती है ये मछली, शार्क भी हो जाती है बेबस!

Ajab Gajab News: समुद्र की गहराइयों में रहने वाली हैगफिश को “स्लाइम ईल” भी कहा जाता है। यह खतरा महसूस होते ही अपने शरीर से गाढ़ा चिपचिपा स्लाइम छोड़ती है, जो पानी में मिलकर कुछ ही सेकंड में कई गुना फैल जाता है। यह स्लाइम शिकारी के गलफड़ों में फंसकर उसे सांस लेने से रोक देता है

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Ajab Gajab: खतरा महसूस होते ही ‘स्लाइम बम’ बन जाती है ये मछली (फोटो: iStock)

Interesting Facts: समुद्र की गहराइयों में रहने वाली Hagfish दुनिया के सबसे अनोखे जीवों में गिनी जाती है। इसे आमतौर पर “स्लाइम ईल” भी कहा जाता है। यह जीव दिखने में साधारण लगता है, लेकिन इसकी रक्षा प्रणाली बेहद हैरान कर देने वाली है। खतरा महसूस होते ही यह अपने शरीर से गाढ़ा, चिपचिपा स्लाइम छोड़ती है, जो कुछ ही सेकंड में पानी के संपर्क में आकर कई हजार गुना तक फैल जाता है। हैगफिश अपने शरीर से बहुत कम मात्रा में “प्री-स्लाइम” छोड़ती है, जिसमें म्यूसिन और बेहद पतले प्रोटीन धागे होते हैं।

हैगफिश का लगभग 60 ग्राम वजन

जैसे ही यह पदार्थ समुद्री पानी से मिलता है, यह तेजी से फैलकर जाल जैसी संरचना बना लेता है। वैज्ञानिकों के अनुसार, एक औसत पैसिफिक हैगफिश लगभग 60 ग्राम वजन की होती है, लेकिन उससे 20 लीटर से अधिक स्लाइम बन सकता है। यह मात्रा इतनी ज्यादा होती है कि एक छोटी बाल्टी भर जाए। इस स्लाइम की खास बात यह है कि यह लगभग पूरी तरह पानी से बना होता है। इसमें 99 प्रतिशत से ज्यादा समुद्री पानी होता है और बाकी हिस्सा म्यूसिन व प्रोटीन थ्रेड्स का होता है। यही पतले धागे आपस में उलझकर मजबूत जाल बना लेते हैं।

हैगफिश लगभग 30 करोड़ साल पुरानी प्रजाति

जब कोई शिकारी, जैसे शार्क, हैगफिश पर हमला करने की कोशिश करता है तो यह स्लाइम उसके गलफड़ों में फंस जाता है। इससे शिकारी को सांस लेने में दिक्कत होती है और वह पीछे हटने को मजबूर हो जाता है। इसी मौके का फायदा उठाकर हैगफिश वहां से निकल जाती है। हैगफिश लगभग 30 करोड़ साल पुरानी प्रजाति मानी जाती है। इतने लंबे समय तक जीवित रहना इस बात का प्रमाण है कि इसकी रक्षा प्रणाली कितनी प्रभावी है। समुद्र में कई जीव अलग-अलग तरीकों से अपनी रक्षा करते हैं, लेकिन हैगफिश का स्लाइम तंत्र प्रकृति की सबसे अनोखी और वैज्ञानिक रूप से रोचक रणनीतियों में से एक है।

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मोनू झाauthor

मोनू कुमार टाइम्स नाउ नवभारत की डिजिटल टीम में वायरल और ट्रेंडिंग डेस्क पर काम कर रहे हैं। न्यूजरूम में 4 साल से अधिक का अनुभव रखने वाले मोनू वायरल कंटेंट, ऑफबीट खबरों और सोशल मीडिया ट्रेंड्स को पहचानने में बेहद दक्ष हैं। यूनीक एंगल तलाशने और कहानियों को आकर्षक अंदाज में प्रस्तुत करने की उनकी क्षमता उन्हें डिजिटल कंटेंट स्पेस में अलग पहचान देती है। मोनू कुमार 4,000 से अधिक स्टोरीज लिख चुके हैं, जिनमें कई वायरल रिपोर्ट्स, ट्रेंड-बेस्ड अपडेट्स और सोशल मीडिया-फोकस्ड कंटेंट शामिल हैं।

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