Interesting Facts: समुद्र की गहराइयों में रहने वाली Hagfish दुनिया के सबसे अनोखे जीवों में गिनी जाती है। इसे आमतौर पर “स्लाइम ईल” भी कहा जाता है। यह जीव दिखने में साधारण लगता है, लेकिन इसकी रक्षा प्रणाली बेहद हैरान कर देने वाली है। खतरा महसूस होते ही यह अपने शरीर से गाढ़ा, चिपचिपा स्लाइम छोड़ती है, जो कुछ ही सेकंड में पानी के संपर्क में आकर कई हजार गुना तक फैल जाता है। हैगफिश अपने शरीर से बहुत कम मात्रा में “प्री-स्लाइम” छोड़ती है, जिसमें म्यूसिन और बेहद पतले प्रोटीन धागे होते हैं।
हैगफिश का लगभग 60 ग्राम वजन
जैसे ही यह पदार्थ समुद्री पानी से मिलता है, यह तेजी से फैलकर जाल जैसी संरचना बना लेता है। वैज्ञानिकों के अनुसार, एक औसत पैसिफिक हैगफिश लगभग 60 ग्राम वजन की होती है, लेकिन उससे 20 लीटर से अधिक स्लाइम बन सकता है। यह मात्रा इतनी ज्यादा होती है कि एक छोटी बाल्टी भर जाए। इस स्लाइम की खास बात यह है कि यह लगभग पूरी तरह पानी से बना होता है। इसमें 99 प्रतिशत से ज्यादा समुद्री पानी होता है और बाकी हिस्सा म्यूसिन व प्रोटीन थ्रेड्स का होता है। यही पतले धागे आपस में उलझकर मजबूत जाल बना लेते हैं।
हैगफिश लगभग 30 करोड़ साल पुरानी प्रजाति
जब कोई शिकारी, जैसे शार्क, हैगफिश पर हमला करने की कोशिश करता है तो यह स्लाइम उसके गलफड़ों में फंस जाता है। इससे शिकारी को सांस लेने में दिक्कत होती है और वह पीछे हटने को मजबूर हो जाता है। इसी मौके का फायदा उठाकर हैगफिश वहां से निकल जाती है। हैगफिश लगभग 30 करोड़ साल पुरानी प्रजाति मानी जाती है। इतने लंबे समय तक जीवित रहना इस बात का प्रमाण है कि इसकी रक्षा प्रणाली कितनी प्रभावी है। समुद्र में कई जीव अलग-अलग तरीकों से अपनी रक्षा करते हैं, लेकिन हैगफिश का स्लाइम तंत्र प्रकृति की सबसे अनोखी और वैज्ञानिक रूप से रोचक रणनीतियों में से एक है।
