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Ajab Gajab: यहां लड़की पर रंग डाला तो करनी पड़ती है शादी, जानिए कहां निभाई जाती है ऐसी अजीबोगरीब रस्म

Ajab Gajab News: समाज के गैर पुरुषों को किसी कुंवारी कन्या या फिर महिला पर रंग डालने की अनुमति नहीं है। यहां तक कि होली पर कोई पुरुष किसी कुंवारी कन्या या किसी महिला पर दूर से भी रंगों की बौछार नहीं कर सकता है।

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प्रतीकात्मक तस्वीर (istock)

Ajab Gajab News: भारत में होली का त्योहार जबरदस्त तरीके से मनाया जाता है। होली के दिन लोग एक-दूसरे पर रंग डालते हैं। इसके साथ ही चेहरे पर भी रंग लगाया जाता है। होली के दौरान लोग एक-दूसरे से हंसी-ठिठोली भी करते हैं। होली के समय देश के अलग-अलग इलाकों में अलग-अलग परंपराएं मनाई जाती हैं। आज हम आपको होली के दौरान मनाई जाने वाली बहुत ही अजीबोगरीब परंपरा के बारे में बताने जा रहे हैं। इस परंपरा के बारे में जानकर आप हैरान रह जाएंगे।

गैर महिला पर रंग डालने की अनोखी सजा

बता दें कि भारत में एक ऐसी जगह है, जहां अगर कोई पुरुष किसी कुंवारी लड़की को रंग लगा देता है तो उसे लड़की से शादी करनी पड़ती है। यह अजीबोगरीब परंपरा झारखंड राज्य में रहने वाला संथाल आदिवासी समाज निभाता है। इस समाज के गैर पुरुषों को किसी कुंवारी कन्या या फिर महिला पर रंग डालने की अनुमति नहीं है। यहां तक कि होली पर कोई पुरुष किसी कुंवारी कन्या या किसी महिला पर दूर से भी रंगों की बौछार नहीं कर सकता है।

जबरदस्ती रंग डालने पर होता है ऐसा

दूसरी तरफ अगर कोई पुरुष ऐसा कर देता है तो उसे लड़की से शादी करनी पड़ती है। कोई युवक जब किसी कुंवारी लड़की पर रंग डालता है तो समाज की पंचायत उस युवक की लड़की से शादी करवा देती है। अगर लड़की युवक से शादी करने से मना कर दे तो रंग डालने के जुर्म में उस युवक की सारी संपत्ति रंग डाली गई लड़की के नाम करने की सजा मिलती है। यह अनोखी परंपरा झारखंड के पश्चिम सिंहभूम से पश्चिम बंगाल के जलपाईगुड़ी के कई इलाकों में प्रचलित है।

Aditya Sahu
आदित्य साहूauthor

आदित्य साहू टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में स्पोर्ट्स और ट्रेडिंग कंटेंट लिखतें हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स की डिग्री हासिल करने के बाद वह पिछले 10 सालों से मीडिया में सक्रिय हैं। स्पोर्ट्स इवेंट की रियल टाइम कवरेज, डाटा टॉपिक्स और अनोखे कंटेंट आइडियाज को आकर्षक और एंगेजिंग तरीके से प्रस्तुत करना आदित्य की खासियत है। उनकी कॉपी राइटिंग और इंटरेस्टिंग हेडलाइन बनाने की क्षमता उन्हें डिजिटल दुनिया में अलग पहचान देती है। 15,000 से अधिक बायलाइन स्टोरी पब्लिश कर चुके आदित्य का लक्ष्य हर खबर को यूनिक एंगल और स्टोरीटेलिंग के रोचक अंदाज में पेश करना है।

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