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Ajab Gajab: यहां सीवर का पुराना ढक्कन खरीदने के लिए उतावली हुई पब्लिक, लाइन लगाकर खरीद रहे लोग

  • Authored by: आदित्य साहू
  • Updated Oct 12, 2023, 03:29 PM IST

Ajab Gajab News: जापान में एक शहर ने मैनहोल की बिक्री का ऐलान किया। इसके बाद जापान के लोगों में इसे खरीदने की होड़ मच गई। जापानी लोग एंटीक वस्तुओं को संग्रह करने के लिए जाने जाते हैं। अब यहां के लोग मैनहोल के कवर को खरीदने के लिए बेताब हो गए हैं।

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प्रतीकात्मक तस्वीर (ट्विटर)

Ajab Gajab News: सड़कों पर बने मैनहोल को लोहे की गोल ढक्कनों से कवर किया जाता है। जिससे कि कोई मैनहोल में गिर न जाए। मैनहोल की ढक्कनों का और क्या ही काम होता होगा? आपको जानकर आश्चर्य होगा कि दुनिया में एक ऐसी जगह है, जहां के लोग मैनहोल ढक्कनों को खरीदने के लिए उतावले हो गए हैं। वहां के लोग लाइन लगा-लगाकर मैनहोल का ढक्कन खरीद रहे हैं। इसके लिए वह हजारों रुपये तक देने को तैयार हैं।

जापान में हो रही अनोखी बिक्री

बता दें कि जापान में एक शहर ने मैनहोल की बिक्री का ऐलान किया। इसके बाद जापान के लोगों में इसे खरीदने की होड़ मच गई। मैनहोल का ढक्कन लोहे और सीमेंट से मिलकर बनता है। जापान में इन ढक्कनों की बहुत ही ज्यादा अहमियत है। दरअसल, जापान के सभी राज्यों में मैनहोल के यह कवर गौरव और कला के अद्भुत प्रतीक हैं। इसी कारण यहां के लोग मैनहोल के कवर को खरीदने के लिए बेताब हो गए हैं। वैसे भी जापानी लोग एंटीक वस्तुओं को संग्रह करने के लिए जाने जाते हैं।

कितने के बिक रहे मैनहोल कवर्स

लोहे का यह कवर जापानियों के आय का एक अच्छा स्रोत है। क्योटो शहर में मैनहोल के इस कवर की बिक्री काफी तेजी से हो रही है। क्योटो में साल 1978, साल 1981 और साल 1990 में बने तीन मैनहोल के ढक्कन को बिक्री के लिए रखा गया है। मैनहोल के ढक्कन की शुरुआती कीमत 5500 येन (भारतीय रुपये में 3,067 रुपये) रखी गई है। मैनहोल के इन ढक्कनों का वजन 80 से 90 किलोग्राम है। वहीं ये ढक्कन 66 सेंटीमीटर तक चौड़े हैं।

आदित्य साहू
आदित्य साहूauthor

आदित्य साहू टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में स्पोर्ट्स और ट्रेडिंग कंटेंट लिखतें हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स की डिग्री हासिल करने के बाद वह पिछले 10 सालों से मीडिया में सक्रिय हैं। स्पोर्ट्स इवेंट की रियल टाइम कवरेज, डाटा टॉपिक्स और अनोखे कंटेंट आइडियाज को आकर्षक और एंगेजिंग तरीके से प्रस्तुत करना आदित्य की खासियत है। उनकी कॉपी राइटिंग और इंटरेस्टिंग हेडलाइन बनाने की क्षमता उन्हें डिजिटल दुनिया में अलग पहचान देती है। 15,000 से अधिक बायलाइन स्टोरी पब्लिश कर चुके आदित्य का लक्ष्य हर खबर को यूनिक एंगल और स्टोरीटेलिंग के रोचक अंदाज में पेश करना है।

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