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Ajab Gajab: भारत का सबसे अनोखा गांव, जहां नाम लेकर नहीं 'सीटी' मारकर एक-दूसरे को बुलाते हैं लोग

Ajab Gajab News: मेघालय में एक कांगथान नाम का गांव बसा हुआ है। इस गांव में लोगों के नाम नहीं हैं। आपको जानकर हैरानी होगी कि यहां के लोग एक-दूसरे को सीटी मारकर बुलाते हैं।

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प्रतीकात्मक तस्वीर (ट्विटर)

Ajab Gajab News: इंसान की पहचान उसके नाम से ही होती है। हर कोई आपको आपके नाम से ही बुलाता है। सरकारी ऑफिसों, स्कूल-कॉलेज और दफ्तरों में भी आपका नाम ही आपकी पहचान है। हर तरह के दस्तावेजों में आपका नाम दर्ज है। दूसरी तरफ भारत में एक बहुत ही अनोखा गांव है। यह गांव ऐसा है, जहां रहने वाले ग्रामीण एक-दूसरे को नाम से नहीं, बल्कि सीटी मारकर बुलाते हैं। इस बात को जानकर यकीनन आप सोच में पड़ गए होंगे। तो चलिए आपको इस गांव की पूरी सच्चाई बताते हैं।

मेघालय में है एक अनोखा गांव

मेघालय में एक कांगथान नाम का गांव बसा हुआ है। इस गांव में लोगों के नाम नहीं हैं। आपको जानकर हैरानी होगी कि यहां के लोग एक-दूसरे को सीटी मारकर बुलाते हैं। दरअसल, उनके पैदा होते ही उनका नाम पर एक ट्यून तय हो जाती है। यही ट्यून लोग अपने मुंह से बजाते हैं और सामने वाले को बुलाते हैं। सबसे खास बात यह है कि इस गांव में लोगों को सीटी बजानी आनी चाहिए, वरना वह किसी को बुला नहीं पाएंगे। यह गांव खासी पहाड़ी में स्थित है।

व्हिसलिंग विलेज से जाना जाता है गांव

इस अनोखे गांव को दुनियाभर में 'व्हिसलिंग विलेज' के नाम से भी जाना जाता है। बता दें कि गांव में जब कोई बच्चा पैदा होता है, तो बच्चे की मां उसके लिए एक अलग सी ट्यून बनाती है। यही ट्यून मां अपने बच्चे को सुनाती है। धीरे-धीरे बच्चा अपने नाम की ट्यून पहचानने लगता है। उसे बुलाने के लिए गांव के लोग इसी धुन का इस्तेमाल करते हैं और सीटी बजाते हैं। बता दें कि अक्सर ये धुन चिड़ियों की चहचहाहट से इंस्पायर होती है। ऐसी ट्यून को 'जिंग्रवई लॉबेई' कहते हैं। हालांकि, दस्तावेजों में दर्ज करने के लिए गांव के लोगों के नाम भी होते हैं।

Aditya Sahu
आदित्य साहूauthor

आदित्य साहू टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में स्पोर्ट्स और ट्रेडिंग कंटेंट लिखतें हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स की डिग्री हासिल करने के बाद वह पिछले 10 सालों से मीडिया में सक्रिय हैं। स्पोर्ट्स इवेंट की रियल टाइम कवरेज, डाटा टॉपिक्स और अनोखे कंटेंट आइडियाज को आकर्षक और एंगेजिंग तरीके से प्रस्तुत करना आदित्य की खासियत है। उनकी कॉपी राइटिंग और इंटरेस्टिंग हेडलाइन बनाने की क्षमता उन्हें डिजिटल दुनिया में अलग पहचान देती है। 15,000 से अधिक बायलाइन स्टोरी पब्लिश कर चुके आदित्य का लक्ष्य हर खबर को यूनिक एंगल और स्टोरीटेलिंग के रोचक अंदाज में पेश करना है।

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