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अजब: यहां हनुमान जी की मूर्ति लेती है सांस और खाती है प्रसाद! भगवान राम का नाम जपते हैं बजरंगबली

Ajab Gajab News: देश में हनुमानजी के ऐसे कई मंदिर हैं, जो चमत्कारी माने जाते हैं और जिनमें चमत्कार देखने को मिलता है। ऐसा ही एक चमत्कारी मंदिर यूपी के इटावा में भी स्थित है।

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प्रतीकात्मक तस्वीर (ट्विटर)

Ajab Gajab News: भारत में लाखों मंदिर स्थित हैं। इनमें से कई मंदिर चमत्कारिक भी माने जाते हैं। कुछ मंदिर ऐसे हैं, जिनका रहस्य हजारों सालों बाद भी बरकरार है। हिन्दू धर्म की मान्यताओं के अनुसार, बजरंगबली आज भी पृथ्वी पर अज्ञात रूप में वास करते हैं। मान्यता है कि पवनपुत्र को अमरता का वरदान मिला हुआ है। देश में हनुमानजी के ऐसे कई मंदिर हैं, जो चमत्कारी माने जाते हैं और जिनमें चमत्कार देखने को मिलता है। ऐसा ही एक चमत्कारी मंदिर यूपी के इटावा में भी स्थित है।

जीवित रूप में विराजमान हैं बजरंगबली!

माना जाता है कि हनुमानजी इस मंदिर में जीवित रूप में विराजमान हैं। कई सारे भक्त बताते हैं कि उन्होंने अपनी आंखों से यहां बजरंगबली का चमत्कार देखा है। इटावा के इस विश्व प्रसिद्ध मंदिर को पिलुआ महावीर मंदिर के नाम से जानते हैं। शहर से 12 किमी दूर यमुना नदी के किनारे स्थित गांव रूरा में यह मंदिर है। यहां दूर-दूर से भक्त बजरंगबली की पूजा करने आते हैं। लोगों में मान्यता है कि मंदिर में ध्यानमग्न होकर बैठते ही बजरंगबली की सांसों की आवाज सुनाई देती है।

राम नाम का जाप करती है बजरंगबली की मूर्ति

इसके साथ ही लोगों में यह भी मान्यता है कि बजरंगबली राम नाम का जाप करते सुनाई देते हैं। मंदिर के मुख्य मंहत कहते हैं कि जैसी मूर्ति यहां पर है, वैसी दूसरी मूर्ति बजरंगबली की पूरे देश में कहीं नहीं है। बजरंगबली की इस प्रतिमा के मुख में हमेशा पानी भरा रहता है। बजरंगबली के मुख में कितना भी प्रसाद डालो, सारा का सारा अंदर चला जाता है। फिलहाल, आज तक इस रहस्य को कोई सुलझा नहीं पाया है कि मूर्ति में डाला गया प्रसाद कहां जाता है।

Aditya Sahu
आदित्य साहूauthor

आदित्य साहू टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में स्पोर्ट्स और ट्रेडिंग कंटेंट लिखतें हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स की डिग्री हासिल करने के बाद वह पिछले 10 सालों से मीडिया में सक्रिय हैं। स्पोर्ट्स इवेंट की रियल टाइम कवरेज, डाटा टॉपिक्स और अनोखे कंटेंट आइडियाज को आकर्षक और एंगेजिंग तरीके से प्रस्तुत करना आदित्य की खासियत है। उनकी कॉपी राइटिंग और इंटरेस्टिंग हेडलाइन बनाने की क्षमता उन्हें डिजिटल दुनिया में अलग पहचान देती है। 15,000 से अधिक बायलाइन स्टोरी पब्लिश कर चुके आदित्य का लक्ष्य हर खबर को यूनिक एंगल और स्टोरीटेलिंग के रोचक अंदाज में पेश करना है।

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