Ajab Gajab : 'शौक बड़ी चीज है' ये स्लोगन तो आपने चलते फिरते सुना ही होगा या फिर सोशल मीडिया कहीं न कहीं जरूर पढ़ा होगा। आज हम आपको ऐसे ही एक शौक के बारे में बताने जा रहे हैं, जिसे सुनकर आप दांतों तले अपनी उंगलियां दबा लेंगे। दरअसल, ये शौक है चीन के लोगों का, जो कि सूअरों को देखने के लिए पानी की तरह पैसा बहा देते हैं। यहां के लोगों को सूअर से इतना प्यार होगा ऐसा तो सोचा ही नहीं था... ये हम नहीं कह रहे बल्कि ये कहना है सोशल मीडिया यूजर्स को जो इस खबर को सुनते ही हैरत में पड़ गए हैं। चीन के लोगों का ये अजीबोगरीब शौक इन दिनों सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है। क्योंकि यहां के लोग पैसा देकर होटल रूम किराए पर लेते हैं और वहां की खिड़कियों से दुर्लभ सूअरों का दीदार करते हैं।
जिन्हुआ का डिज्नीलैंड
साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, चीन के झेजियांग में थीम पार्क की एक अनोखी डिजाइन की बिल्डिंग बनाई गई है। यहां पर होटल के कमरों की विंडो से सूअरों को देखने का लुत्फ उठाया जाता है। वहीं, अब इस होटल रूम की काफी सारी फोटोज वहां के सोशल मीडिया एप Douyin पर वायरल हो रही हैं। बता दें कि ये एप चीन में टिकटॉक की तरह ही काम करता है। खास बात ये है कि, इस थीम पार्क को लोग जिन्हुआ का डिज्नीलैंड कहते हैं और इन सूअरों से चीन की सबसे विख्यात और ट्रेडिशनल डिश जिन्हुआ हैम बनाई जाती है।
तो इसलिए खोला गया था थीम पार्क
मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया है कि, सूअरों के इस अनोखे थीम पार्क को साल 2021 में खोला गया था ताकि 'पांडा पिग' नस्ल के सूअरों को प्रमोट किया जा सके। ये सूअर देखने में अजीब किस्म के लगते हैं क्योंकि इनके सिर और पूंछ का हिस्सा काले रंग का होता है। वहीं, ये नस्ल चीन में 1200 सालों से है और इसे वहां पर "टू-एंड ब्लैक पिग" नाम से पुकारा जाता है। इस नस्ल के सूअर जिन्हुआ ड्राई-क्योर्ड हैम का पारंपरिक स्रोत भी माने जाते हैं। बता दें कि, इटली और स्पेन की ये पारंपरिक रेसिपीज सूअरों से ही बनाई जाती हैं।
ऐसे वर्ल्ड फेमस हुई डिश
इस प्रकार के सूअर से बनने वाली डिश और रेसिपीज को दुनिया भर में पसंद किया जाता है। साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट की रिपोर्ट बताती है कि, इटली के कारोबारी, खोजकर्ता और राजदूत मारको पोलो एक समय में चीन आए हुए थे। यहां पर उन्हें सूअरों की ये डिश इतनी पसंद आई कि, वे जिन्हुआ से ड्राई-क्योर्ड हैम की रेसिपी यूरोप ले गए थे। उसी के बाद से इस डिश को दुनिया के अन्य देशों में भी पहचान मिली। चीन के कियानजियांग इवनिंग न्यूज ने 2016 में एक रिपोर्ट प्रकाशित की थी। इसमें बताया गया था कि, जिन्हुआ में सूअरों की ये नस्ल धीरे-धीरे लुप्त हो रही है।
