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'मैं कुर्सी दिला दूंगा...' मैनेजर ने कर्मचारी से टूटे पैर के साथ ऑफिस आने को कहा, Whatsapp Chat देख भड़के यूजर्स

Ajab Gajab: मैनेजर ने बातचीत की शुरुआत में पहले तो एक विनम्र संदेश लिखा और उसकी लोकेशन के बारे में पूछा। कर्मचारी ने मैनेजर को बताया कि उसका पैर टूट गया है और वह इस समय अस्पताल में है।

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कर्मचारी और बॉस की बहस।

Ajab Gajab: एक नए कर्मचारी और उसके बॉस के बीच हुई वाट्सएप चैट इन दिनों सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रही है। इस वायरल चैट ने टॉक्सिक वर्क कल्‍चर पर एक नई बहस को जन्‍म दे दिया है। बेन एस्किन्स (जो नियमित रूप से टॉक्सिक वर्कप्‍लेस और शोषण करने वाले मैनेजर्स के बारे में कंटेंट शेयर करते हैं) ने इंस्टाग्राम पर वाट्सएप चैट पोस्ट की। वीडियो में दिखाई गई बातचीत के अनुसार, एक प्रबंधक ने कर्मचारी को बार-बार काम पर लौटने के लिए कहा जबकि कर्मचारी बाइक दुर्घटना में पैर टूट गया था।

मैनेजर ने बातचीत की शुरुआत में पहले तो एक विनम्र संदेश लिखा और उसकी लोकेशन के बारे में पूछा। कर्मचारी ने मैनेजर को बताया कि उसका पैर टूट गया है और वह इस समय अस्पताल में है। उसकी चिंता करने के बजाय बॉस उसे शुक्रवार तक काम पर लौटने के लिए मनाने की कोशिश करता है। घायल कर्मचारी ने बताया कि डॉक्टरों ने उसे कुछ दिनों तक आराम करने की सलाह दी है। लेकिन बॉस लगातार जोर देता रहता है और कहता है कि डॉक्टर 'बहुत सतर्क हैं।' कर्मचारी विनम्रता से जवाब देता है कि अगर डॉक्टर अनुमति देंगे तो वह निश्चित रूप से वापस आएगा। बॉस फिर कहता है, 'मुझे शुक्रवार की शिफ्ट के लिए आपकी ज़रूरत है, क्या आपको लगता है कि आप आ पाएंगे? मैं आपके लिए एक कुर्सी ला सकता हूं।' सारे प्रयास विफल होने पर बॉस कर्मचारी को दोषी ठहराने की कोशिश करता है और उस पर आरोप लगाता है कि उसने दो सप्ताह पहले कंपनी जॉइन करने के बाद छुट्टी ले ली है। ऐसे में वो जवाब देता है कि, 'तो मैं आपके लिए इसे और भी आसान बना देता हूं। मैंने नौकरी छोड़ दी है।'

शेयर किए जाने के बाद से ही यह पोस्ट वायरल हो गई है। कमेंट सेक्शन में कई यूजर्स ने कर्मचारी की खुद के लिए खड़े होने और नौकरी छोड़ने के लिए प्रशंसा की, जबकि अन्य ने अपने कार्यस्थलों से इसी तरह के अनुभव साझा किए। एक यूजर ने लिखा, 'मुझे पूरा विश्वास है कि यह वास्तविक है... मैं एक कॉल सेंटर में काम करता था... जहां एक महिला टूटे हुए टखने के साथ आई और उन्होंने उसके पैर रखने के लिए एक धातु के कचरे के डिब्बे को मोड़ दिया... वह कुछ घंटों के बाद चली गई, दर्द इतना बुरा था... लेकिन उन्होंने उसे काम पर आने के लिए मजबूर किया।' दूसरे यूजर ने कहा कि, 'मैं अभी भी विश्वास नहीं कर पा रहा हूं कि ये परिस्थितियाँ वास्तविक हैं। ईमानदारी से कहूँ तो, इतने समय के बाद भी बेन ने हमारे साथ ये संदेश साझा किए हैं, मैं अभी भी यही सोच रहा हूं कि नहीं, ये वास्तविक नहीं हो सकता! अविश्वसनीय!' तीसरे ने कहा कि, 'मुझे एक कुर्सी की पेशकश की थी ताकि मैं अपने पैर में टेंडोनाइटिस के कारण काम पर वापस आ सकूं। जब मैं काम पर वापस आया, तो मैंने उस कुर्सी के लिए पूछा जो मुझे पेश की गई थी, और उन्होंने कहा- हम वास्तव में ऐसा नहीं करते हैं, क्या आप एक पैर पर खड़े नहीं हो सकते?' एक अन्‍य यूजर ने कहा कि, 'मेरे साथ भी कार दुर्घटना के बाद ऐसा ही हुआ था। वह कहता है कि मैं तुम्हारे लिए एक कुर्सी लाकर रख दूंगा ताकि तुम बैठ सको।'

Shaswat Gupta
शाश्वत गुप्ताauthor

पत्रकारिता जगत में पांच साल पूरे होने जा रहे हैं। वर्ष 2018-20 में जागरण इंस्‍टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड मास कम्‍युनिकेशन से Advance PG डिप्लोमा करने के बाद मीडिया जगत में दस्तक दी। 2019 में दैनिक जागरण से पत्रकारीय जीवन का आरंभ हुआ। इसके बाद जागरण न्‍यू मीडिया, दैनिक भास्‍कर और इंडिया टीवी में सेवाएं दीं। अप्रैल 2023 से टाइम्‍स नाउ नवभारत (https://www.timesnowhindi.com/) के साथ यह सफर अनवरत‍ जारी है। परंपरागत मीडिया से प्रारंभ हुआ करियर अब आधुनिक यानी डिजिटल मीडिया तक पहुंच चुका है। ग्राउंड रिपोर्टिंग से शुरू हुई यह यात्रा लोकल/हाइपरलोकल डेस्‍क, प्रादेशिक डेस्‍क, सोशल मीडिया डेस्‍क, नेशनल डेस्‍क से अब वायरल डेस्‍क तक पहुंच चुकी है। करीब साढ़े चार साल के इस करियर में अविस्‍मरणीय अनुभव रहे हैं। दैनिक जागरण में पहली पारी के दौरान बिकरू कांड जैसी बड़ी और ज्‍वलन्‍त घटना की कवरेज करने का अवसर मिला। प्रिंट मीडिया और डिजिटल मीडिया दोनों ही मंचों पर बेहतरीन ढंग से खबर का प्रस्‍तुतिकरण किया। प्रिंट मीडिया की प्रादेशिक डेस्‍क पर कार्य करते हुए कानपुर सिटी, कानपुर देहात, इटावा, बांदा, चित्रकूट, हमीरपुर, महोबा, फतेहपुर, औरैया, जालौन, उन्‍नाव, फर्रुखाबाद और कन्‍नौज संस्‍करण की जिम्‍मेदारी संभाली। इन सभी डेस्‍क का कार्य निष्‍पादित करते हुए हर ब्रेकिंग खबर का प्रिंट व डिजिटल दोनों माध्‍यमों में बेहतरीन प्रस्‍तुतिकरण किया। तत्‍पश्‍चात् जागरण न्‍यू मीडिया के हाइपरलोकल सेक्‍शन की लॉन्चिंग में यूपी टीम के सक्रिय सदस्‍य रहे। 2019 से लेकर 2022 तक कोरोना की तीनों लहरों की कवरेज की। इस दौरान लॉकडाउन और ऑक्‍सीजन संकट से ऊपजे हालात पर कई स्‍टोरीज कीं। उत्‍तर प्रदेश पंचायत चुनाव 2021 में अलग-अलग दिनों में होने वाली अलग-अलग स्‍थानों की वोटिंग, काउंटिंग और रिजल्‍ट से जुड़ी खबरों को पाठकों तक बखूबी पहुंचाया। इस दौरान खबरों की प्‍लानिंग, लाइव ब्‍लॉग लाइव करने के साथ मल्‍टीपल स्‍टोरीज करने का अवसर मिला। 2021 में माफिया मुख्‍तार अंसारी की बांदा जेल में वापसी पर भी प्रतिद्वंद्वियों से बेहतर कवरेज की। ढाई साल में उत्‍तर प्रदेश के अंदर हुई इस उथल-पुथल के बाद कन्‍नौज के पियूष जैन कांड की खबर को ब्रेक किया। इस केस में रेग्‍युलर कवरेज करने के अलावा कई एक्‍सक्‍लूसिव स्‍टोरीज करने का मौका भी मिला। तत्‍पश्‍चात् कानपुर मेट्रो से जुड़े कार्यों की कवरेज कर औपचारिक तौर पर पहली बार प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी के दौरे और प्रथम कॉरिडोर के उद्घाटन की कवरेज करने के साक्षी रहे। उतार-चढ़ाव से भरा डिजिटल मीडिया का यह पहला अनुभव काफी शानदार रहा और बेहतरीन कवरेज से यूपी टीम में कानपुर सेक्‍शन को दूसरा सर्वाधिक Pageviews वाला सेक्‍शन बनाने में योगदान दिया। दैनिक भास्‍कर (DB Digital) के साथ उत्‍तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2022 में भगवा लहर के साक्षी रहे। डिजिटल मीडिया के दूसरे पड़ाव में प्रदेश की चुनावी सरगर्मी को भांपने का अवसर मिला। इसके साथ-साथ उत्‍तर प्रदेश की सैकड़ों तहसील, ब्‍लॉक व गांव इत्‍यादि की दैनिक खबरों का नियोजन कर उन्‍हें फ्लैश करने की जिम्‍मेदारी का निर्वाह किया। दूसरे पड़ाव में उत्‍तर प्रदेश के ग्रामीण परिवेश को खबरों के लिहाज से करीने से समझा और स्‍थानीय क्षेत्रों की समस्याओं को बड़े स्‍तर तक पहुंचाने का काम किया। विधानसभा चुनाव की छोटी-बड़ी खबरों को ब्रेक करने के साथ-साथ ऑब्‍जर्वेशन आधारित मल्‍टीपल स्‍टोरीज करने का अवसर भी मिला।इंडिया टीवी में समाचार लेखन और प्रस्‍तुतिकरण का एक नया अनुभव प्राप्‍त करने का सौभाग्‍य मिला। यू-ट्यूब की दुनिया में खबरों के महत्‍व, लेखन और प्रासंगिकता को समझने का अवसर मिला। जिसके बाद पंजाबी गायक स‍िद्धू मूसेवाला मर्डर केस और महाराष्‍ट्र के सियासी संकट की खबर को ब्रेक किया। यूपी में निर्माणाधीन एक्‍सप्रेस-वे पर वीडियो पैकेज बनाकर दर्शकों के सम्‍मुख यूट्यूब ओरिएंटेड एक्‍सक्‍लूसिव स्‍टोरी पेश की। राजू श्रीवास्‍तव-मुलायम सिंह यादव का निधन, श्रद्धा वाल्‍कर मर्डर केस, जोशीमठ की प्राकृतिक आपदा और द्रौपदी मुर्मू के राष्‍ट्रपति बनने के सफर पर कई वीडियो और उनकी LIVE स्‍ट्रीमिंग करने का मौका मिला। इनके अलावा साल 2022 में हुए गुजरात और हिमाचल प्रदेश के व‍िधानसभा चुनाव एवं दिल्‍ली एमसीडी चुनाव से जुड़े वीडियो पर खबरों की कवरेज (यू-ट्यूब पर), लाइव स्‍ट्रीमिंग की। चैनल के शो 'आप की अदालत' की री-लॉन्चिंग पर टीम के साथ को-ऑर्डिनेशन से लाइव स्‍ट्रीमिंग और वीडियो पैकेजिंग का अनुभव प्राप्‍त किया। इसके बाद माफिया अतीक अहमद की साबरमती जेल से वापसी और उसके बेटे के एनकाउंटर पर आधारित वीडियोज़ को बेहतरीन इमेज-कंटेंट क्रिएशन के साथ पब्लिश किया। कोई भी खबर न रुके, न छूटे, न चूके...इसी उद्देश्‍य के साथ विविधता से परिपूर्ण इस यात्रा को आगे बढ़ा रहे हैं।

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