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Ajab Gajab: सूमो पहलवानों के भारी वजन के आगे बोइंग विमान भी हुआ फेल, अथॉरिटी को अलग से करनी पड़ी व्यवस्था

  • Authored by: किशन गुप्ता
  • Updated Oct 18, 2023, 02:26 PM IST

सूमो पहलवानों के लिए जापान एयरलाइंस को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। उनके भारी वजन के चलते एयरलाइंस को दूसरे बोइंग प्लेन की व्यवस्था करनी पड़ी। आइए जानते हैं पूरा मामला..

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प्रतीकारात्मक चित्र (Image Credit - iStock)

KEY HIGHLIGHTS
  • सूमो पहलवानों को लेकर हुई दिक्कत
  • जापान एयरलाइंस को उठानी पड़ी मुश्किलें
  • पहलवानों के लिए करनी पड़ी दूसरी प्लेन

Sumo Wrestler In Boeing Aircraft: कई बार नजर के सामने कुछ ऐसा आ जाता है, जिससे कानों पर भरोसा नहीं होता और सुनकर ऐसा लगता है जैसे क्या कभी ऐसा भी हो सकता है। कुछ ऐसी ही एक न्यूज सुनने में आ रही है जो जापान एयरलाइंस का है। दरअसल, कुछ सूमो पहलवानों को जापान एयरलाइंस कहीं ले जाने वाली थी, तभी उनके साथ कुछ ऐसा जो हंसने लायक भी है और सही मायने में जापान एयरलाइंस में मुश्किल भरा काम भी।

हुआ कुछ यूं कि दो बोइंग विमान 737-800 को पहलवानों को ले जाने के लिए निर्धारित किया गया था। लेकिन अधिकारियों ने देखा कि अगर सभी सूमो पहलवान इसमें सवार हो गए तो विमान यात्रा के लिए पर्याप्त ईंधन नहीं ले जा पाएगा। दरअसल, सूमो पहलवानों का औसत वजन 264.55 पाउंड था जो एक सामान्य यात्री से 100 पाउंड अधिक है। ऐसे में इस समस्या को हल करने के लिए एयरलाइंस ने सूमो चालक दल के 27 सदस्यों के लिए एक अतिरिक्त उड़ान की व्यवस्था की।

विशेष राष्ट्रीय खेल महोत्सव में हिस्सा लेने के लिए जा रहे थे पहलवान

बता दें कि जिन 27 सदस्यीय दल को दूसरे विमान से भेजा गया है, उनमें से 14 को पहले ओसाका से टोक्यो जाना था। इस पर एयरलाइन प्रतिनिधि ने मीडिया से बातचीत करते हुए बताया कि इस विमान पर वजन प्रतिबंध के कारण विशेष उड़ानें संचालित करना हमारे लिए बेहद मुश्किल की बात की थी, जो परिस्थिति को देखकर करना पड़ा। जापान समाचार के अनुसार, पहलवान अमामी ओशिमा द्वीप पर विशेष राष्ट्रीय खेल महोत्सव में भाग लेने के लिए जापानी शहरों टोक्यो और ओसाका से उड़ान भरने वाले थे।

किशन गुप्ता
किशन गुप्ताauthor

<p>देश की धार्मिक राजधानी काशी में जन्म लिया और घाटों पर खेल-कूदकर बड़ा हुआ। साल 2019 में महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में मास्टर्स डिग्री ली। यही से पत्रकारिता की शुरुआत भी हुई। इसी साल जुलाई में हैदराबाद स्थित रामोजी रॉव के स्वामित्व वाले ईटीवी भारत से करियर की शुरुआत हुई। बतौर ट्रेनी यहां एक साल से अधिक का समय बिताया। यह पहली दफा था, जब घर से दूर निकला था। लेकिन चस्का था तो काम करने, एक अच्छा पत्रकार बनने का। यहां रहकर चंद्रयान - 2 को कवर करने का मौका मिला। इसके बाद राजस्थान में शिक्षक भर्ती को लेकर उम्मीदवारों की ओर से हुए हिंसक विरोध को भी करीब से देखा। इस दौरान पथराव का भी सामना करना पड़ा। लेकिन काम करने का एक जुनून था। यह पहली दफा था, जब मैंने किसी बड़ी न्यूज को कवर किया था। इसके बाद ये सिलसिला चलता गया। कुछ समय ऐसा भी आया, जब होम पेज भी काम करने को मिला। करीब एक साल से अधिक समय बिताने के बाद ईटीवी भारत से अलविदा लिया और अपने गृह जिले में पहुंचा, जहां के एक लोकल चैनल टूडेज इंडिया न्यूज में काम करने का मौका मिला। यहां करीब डेढ़ साल से अधिक का समय बिता, जहां रहकर बनारस के साथ-साथ पूर्वांचल को भी कवर करने का मौका मिला। राजनीति और क्राइम की खबरों में खासा रूचि होने के कारण अक्सर फोकस भी इसी पर रहता था। इस दौरान कोविड के दंश को भी देखा। कोरोना काल का यह वो भयानक मंजर था, जिसकी किसी को आशंका न थी। इस दौरान खबरों के माध्यम से देश के दुख-दर्द को करीब से महसूस करने का मौका मिला। फिर मई 2022 में वनइंडिया ज्वाइन कर ली, यहां से फीचर राइटिंग की शुरुआत करते हुए मैंने ट्रैवेल पर काम करना शुरू किया। ऑफिस बैंगलोर था, तो वहां जाने के लिए काफी सोचना भी पड़ा लेकिन दिमाग में था कि बड़ा कुछ करना है तो देश की आर्थिक राजधानी के लिए निकल पड़ा। यहां काफी कम समय ही बिता, करीब 9 महीने तक काम करने के बाद यहां से अलविदा लिया। फिर समय आया देश के प्रतिष्ठित संस्थान टाइम्स नेटवर्क से जुड़ने का। मार्च 2023 में मैं Timesnowhindi.com के वायरल टीम से जुड़ा। इस बीच तमाम ट्रेंडिंग, वायरल और अजब-गजब जैसी कई खबरें की। बीट अलग होने के कारण थोड़ा चैलेंजिंग था लेकिन उस चैलेंज को पूरा करते हुए और चुनौतियों का सामना करते हुए आज एक साल से ऊपर का समय हो गया है।</p>

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