आपने कभी सुना या देखा है कि पानी को ऊपर की तरफ बहते हुए। ये सुनने या पढ़ने आपको थोड़ा अजीब लग रहा होगा। आपमें से कुछ लोग तो सोच भी रहे होंगे कि पानी कभी ऊपर की तरफ नहीं बहता बल्कि नीचे ढलान की तरप बहता है, लेकिन हम आपको बता ऐसा नहीं है। सोशल मीडिया पर इस समय एक वीडियो खूब देखा जा रहा है। जिसमें आप देख सकते हैं कि यहां पर पानी ढलान की तरफ बहता हुआ दिखाई दे रहा है।
यह वीडियो छत्तीसगढ़ का है। जो सरगुजा जिले के मैनपाट का है। जिसे छत्तीसगढ़ का शिमला भी कहा जाता है। आपको बता दें कि इस स्थान पर पानी की धारा ऊपर से नीचे की तरफ नहीं, बल्कि नीचे से ऊपर की तरफ बहती है। यह एक तरीके से यहां का फेमस हिल स्टेशन है। इस 43 सेकंड के वायरल वीडियो को सोशल मीडिया के एक्स पर @VeerooYada39822 नाम के अकाउंट से शेयर किया गया है। जिसमें एक शख्स बताता है कि वह इस पानी की बहती हुई धारा में कचरा डालता है।
पर्यटकों के लिए एक अनोखा स्थल
जिसके बाद कचरा उस तरफ तेज गति से जाता हुआ दिखाई देता है। जिधर पानी का प्रवाह (पानी का बहना) है। इस जगह को 'उल्टा पानी' के नाम से भी जाना जाता है। यहां आने वाले पर्यटकों के लिए एक अनोखा स्थल है। विज्ञान इसे ऑप्टिकल इल्यूजन का नाम देता है। वैज्ञानिकों की मानें तो इस स्थान पर गुरुत्वाकर्षण बल यानी की ग्रेविटी से ज्यादा असरदार मैग्नेटिक फील्ड है।
इसकी वजह से पानी या कोई वाहन नीचे की तरफ नहीं, बल्कि ऊपर की तरफ खिंचता है, लेकिन देखने वालों के लिए यह चमत्कार से कम नहीं है। मैनपाट को 'छत्तीसगढ़ का शिमला' या 'मिनी तिब्बत' भी कहा जाता है। समुद्र तल से लगभग 3,500 फीट ऊंचाई पर बसा यह हिल स्टेशन ठंडी हवाओं और घने जंगलों से घिरा है। यह स्थल न केवल पर्यटन का केंद्र है, बल्कि साहसिक यात्रियों के लिए भी स्वर्ग। यहां ट्रेकिंग, फोटोग्राफी और पिकनिक का मजा लिया जा सकता है।
इस वायरल वीडियो को देखने के बाद इंटरनेट यूजर्स ने भी कई तरह के कमेंट्स किए हैं। पहले ने लिखा: "अजूबा नहीं भाई विज्ञान है", दूसरे ने लिखा: "नेचर को समझना मुश्किल ही नहीं नामुमकिन हैं", तीसरे ने लिखा: "ये प्राकृतिक का कमाल है भाई जो कोई समझ नहीं सकता है"। इस वीडियो को अब तक 3 लाख 17 हजार से ज्यादा लोगों ने देखा है।
डिस्क्लेमर: इस खबर में दी गई जानकारी सोशल मीडिया पोस्ट पर आधारित है। टाइम्स नाउ नवभारत किसी भी प्रकार के दावे की पुष्टि नहीं करता है।
