वायरल न्यूज़

Gajab: 80 साल की बुजुर्ग महिला के सिर में मिली सुई, डॉक्टरों ने बताई ऐसी बात, सुनकर दंग रह गए लोग

  • Authored by: किशन गुप्ता
  • Updated Oct 12, 2023, 03:10 PM IST

80 साल की एक महिला के सिर में एक सुई मिली है, जो 3 सेंटीमीटर लंबी है। इस पर डॉक्टरों ने बड़ा ही चौंकाने वाला खुलासा किया है। उनका कहना है कि जब ये महिला पैदा हुई थी, तो उसी समय इसके सिर में ये सुई डाली गई थी।

Image

Image Credit - Press Service Of The Ministry Of Health Of The Sakhalin Region

KEY HIGHLIGHTS
  • बुजुर्ग महिला के सिर में मिली सुई
  • सुई की लंबाई 3 सेंटीमीटर
  • डॉक्टरों ने दिया चौंकाने वाला जवाब

Needle Found In Woman Brain: देश-दुनिया ने जितना विकास किया है, उतनी ही समस्याएं भी सामने आई हैं। चिकित्सा की ही बात कर ली जाए तो अमूमन बुखार होने पर लोग डॉक्टर के पास जाते हैं, जिससे वे दवा के जरिए ठीक भी हो जाते हैं। लेकिन कभी आपने ये सोचा कि बुखार या अन्य कोई समस्या होने पर आप डॉक्टर के पास जाए और वे जांच कर आपको कुछ ऐसा सुना दे, जिससे आपका दिमाग ही खराब हो जाए तो आप क्या करेंगे? कुछ ऐसा ही देखने को मिला रूस की 80 वर्षीय महिला के साथ, जिसके सीटी स्कैन कराने पर ऐसी बात सामने आई, जिसके बाद उसके पैर के नीचे से जमीन ही खिसक गई।

हैरानी की बात यह थी कि महिला को इस बात का अंदाजा तक न था कि उसके सिर के एक हिस्से सुई है, जो करीब 3 सेंटीमीटर लंबी है। फिर भी महिला इतने सालों तक दिमाग में सुई रहने के बावजूद इतनी स्वस्थ्य कैसे थी, यह भी सोचने का विषय है। लेकिन सबसे बड़ी हैरानी तो तब हुई, जब डॉक्टरों ने इसके बारे में एक खुलासा किया। डॉक्टरों का कहना है कि महिला के सिर में जो सुई है, वह तब से है, जब वह पैदा हुई थी।

फॉन्टानेल विधि से दिमाग में डाली गई थी सुई

सखालिन स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से हाल ही में महिला की सीटी स्कैन की तस्वीरें भी जारी की तो लोग हैरान रह गए। महिला की उम्र इतनी अधिक है कि डॉक्टरों का कहना है कि लगता है महिला के जन्म के समय ही उसके सिर में ये सुई डाली गई थी। काफी समय पहले रूस में कुछ असामान्य प्रथाएं थी, जो माता-पिता कठिन युद्धकालीन परिस्थितियों में अपने बच्चों की देखभाल नहीं कर सकते थे तो अपने बच्चों को मारने के लिए उनके सिर में पतली सुई डाल दी जाती थी। इसकी फॉन्टानेल विधि होती थी, जिससे निशान भी नहीं समझ आता था। इस विधि से सिर किया गया छेद भी काफी जल्दी भर जाता था। इससे बच्चा भी मर जाता था और कोई सबूत भी नहीं रहता था। महिला के सिर में इसे इसी विधि से डाला गया था।

किशन गुप्ता
किशन गुप्ताauthor

<p>देश की धार्मिक राजधानी काशी में जन्म लिया और घाटों पर खेल-कूदकर बड़ा हुआ। साल 2019 में महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में मास्टर्स डिग्री ली। यही से पत्रकारिता की शुरुआत भी हुई। इसी साल जुलाई में हैदराबाद स्थित रामोजी रॉव के स्वामित्व वाले ईटीवी भारत से करियर की शुरुआत हुई। बतौर ट्रेनी यहां एक साल से अधिक का समय बिताया। यह पहली दफा था, जब घर से दूर निकला था। लेकिन चस्का था तो काम करने, एक अच्छा पत्रकार बनने का। यहां रहकर चंद्रयान - 2 को कवर करने का मौका मिला। इसके बाद राजस्थान में शिक्षक भर्ती को लेकर उम्मीदवारों की ओर से हुए हिंसक विरोध को भी करीब से देखा। इस दौरान पथराव का भी सामना करना पड़ा। लेकिन काम करने का एक जुनून था। यह पहली दफा था, जब मैंने किसी बड़ी न्यूज को कवर किया था। इसके बाद ये सिलसिला चलता गया। कुछ समय ऐसा भी आया, जब होम पेज भी काम करने को मिला। करीब एक साल से अधिक समय बिताने के बाद ईटीवी भारत से अलविदा लिया और अपने गृह जिले में पहुंचा, जहां के एक लोकल चैनल टूडेज इंडिया न्यूज में काम करने का मौका मिला। यहां करीब डेढ़ साल से अधिक का समय बिता, जहां रहकर बनारस के साथ-साथ पूर्वांचल को भी कवर करने का मौका मिला। राजनीति और क्राइम की खबरों में खासा रूचि होने के कारण अक्सर फोकस भी इसी पर रहता था। इस दौरान कोविड के दंश को भी देखा। कोरोना काल का यह वो भयानक मंजर था, जिसकी किसी को आशंका न थी। इस दौरान खबरों के माध्यम से देश के दुख-दर्द को करीब से महसूस करने का मौका मिला। फिर मई 2022 में वनइंडिया ज्वाइन कर ली, यहां से फीचर राइटिंग की शुरुआत करते हुए मैंने ट्रैवेल पर काम करना शुरू किया। ऑफिस बैंगलोर था, तो वहां जाने के लिए काफी सोचना भी पड़ा लेकिन दिमाग में था कि बड़ा कुछ करना है तो देश की आर्थिक राजधानी के लिए निकल पड़ा। यहां काफी कम समय ही बिता, करीब 9 महीने तक काम करने के बाद यहां से अलविदा लिया। फिर समय आया देश के प्रतिष्ठित संस्थान टाइम्स नेटवर्क से जुड़ने का। मार्च 2023 में मैं Timesnowhindi.com के वायरल टीम से जुड़ा। इस बीच तमाम ट्रेंडिंग, वायरल और अजब-गजब जैसी कई खबरें की। बीट अलग होने के कारण थोड़ा चैलेंजिंग था लेकिन उस चैलेंज को पूरा करते हुए और चुनौतियों का सामना करते हुए आज एक साल से ऊपर का समय हो गया है।</p>

और पढ़ें
End of Article