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टेंशन लेते ही क्यों होने लगती है उल्टी, तनाव या चिंता में क्यों होता है जी खराब, जानें क्या है वजह
- Authored by: Vineet
- Updated Feb 13, 2026, 10:31 PM IST
क्या आपको टेंशन या चिंता होते ही उल्टी जैसा महसूस होता है? जानिए तनाव और एंग्जायटी का पेट पर क्या असर पड़ता है, क्यों बिगड़ जाता है जी और बार-बार उल्टी क्यों हो सकती है। इस लेख में आसान भाषा में समझें दिमाग और पेट के कनेक्शन, स्ट्रेस हार्मोन की भूमिका और कब डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।
टेंशन से उल्टी आने की क्या है वजह (PC- Istock)
खराब होने की समस्या का सामना करते हैं। यह केवल मानसिक स्थिति नहीं है, बल्कि इसके पीछे एक वैज्ञानिक कारण भी है। जब हम तनाव में होते हैं, तो हमारे शरीर में कई जैव रासायनिक परिवर्तन होते हैं, जो पाचन तंत्र को प्रभावित करते हैं। आइए जानते हैं कि तनाव लेते ही उल्टी क्यों होती है और इसके पीछे की वजह क्या है।
मस्तिष्क और पाचन तंत्र का संबंध
तनाव और चिंता के समय मस्तिष्क से निकलने वाले हार्मोन जैसे एड्रेनालिन और कोर्टिसोल शरीर को 'फाइट या फ्लाइट' मोड में डाल देते हैं। ये हार्मोन पाचन प्रक्रिया को धीमा कर देते हैं, जिससे जी खराब होने और उल्टी की समस्या हो सकती है। वैज्ञानिक अध्ययनों के अनुसार, जब तनाव बढ़ता है, तो पाचन तंत्र की गतिविधियों में गड़बड़ी आती है।उल्टी का कारण
जब हम तनाव में होते हैं, तो रक्त प्रवाह पेट की जगह बड़ी मांसपेशियों की ओर बढ़ता है। इससे पेट में खून का प्रवाह कम हो जाता है, जिससे पाचन क्रिया प्रभावित होती है। इसके अलावा, तनाव के कारण पेट में एसिड का स्तर भी बढ़ सकता है, जो उल्टी को बढ़ावा देता है।पैटर्न में बदलाव
कई लोग महत्वपूर्ण आयोजनों से पहले जी खराब होने की समस्या का सामना करते हैं। यदि यह समस्या बार-बार होती है, तो यह चिंता विकार या लंबे समय तक तनाव का संकेत हो सकता है। इस प्रकार की समस्याओं के लिए सही उपचार आवश्यक है।लक्षणों पर ध्यान दें
तनाव के कारण उल्टी के कुछ सामान्य लक्षण हैं, जैसे कि महत्वपूर्ण आयोजनों से पहले बार-बार उल्टी होना, बिना किसी स्पष्ट कारण के जी खराब होना, तेजी से दिल की धड़कन, चक्कर आना, और अत्यधिक पसीना। यदि ये लक्षण दैनिक जीवन में बाधा डालने लगे हैं, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।तनाव प्रबंधन के उपाय
उल्टी से बचने के लिए तनाव का प्रबंधन करना महत्वपूर्ण है। कुछ प्रभावी उपायों में गहरी साँस लेना, संज्ञानात्मक व्यवहार थेरेपी (CBT), कैफीन का सेवन सीमित करना, संतुलित आहार लेना और नियमित नींद शामिल हैं। यदि उल्टी की समस्या लगातार बनी रहती है, तो डॉक्टर से परामर्श लेना आवश्यक है।तनाव और चिंता का हमारे शरीर पर गहरा प्रभाव पड़ता है। यह केवल मानसिक स्वास्थ्य का मुद्दा नहीं है, बल्कि शारीरिक स्वास्थ्य से भी जुड़ा हुआ है। यदि आप तनाव या चिंता के कारण उल्टी की समस्या का सामना कर रहे हैं, तो इसे गंभीरता से लें और आवश्यक कदम उठाएं।
