अब खान-पान की परंपरा भी बनेगी ब्रांड, उत्तर प्रदेश में शुरू होगी एक जनपद-एक व्यंजन की नई पहल
- Edited by: शिशुपाल कुमार
- Updated Dec 5, 2025, 03:58 PM IST
2018 में प्रारंभ ओडीओपी योजना आज उत्तर प्रदेश के निर्यात और स्थानीय उद्योगों की रीढ़ बन चुकी है। अब तक 1.25 लाख से अधिक टूलकिट वितरित किए जा चुके हैं, 06 हजार करोड़ रुपये से अधिक का ऋण वितरण हो चुका है और 08 हजार से अधिक उद्यमियों को प्रत्यक्ष विपणन सहायता दी गई है।
यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ (फोटो- MYogiAdityanath)
उत्तर प्रदेश सरकार ने ‘एक जनपद–एक उत्पाद’ (ODOP) योजना को अगले चरण में ले जाते हुए इसे और अधिक व्यापक, आधुनिक एवं परिणामोन्मुखी रूप में विकसित करने की दिशा में कदम बढ़ा दिए हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि ओडीओपी अब प्रदेश की पहचान बन चुकी है और इसका अगला चरण ‘ओडीओपी 2.0’ स्थानीय उद्योगों, स्वरोज़गार और निर्यात को नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए तैयार है।
वैश्विक बाजार की जरूरतों के अनुरूप होगा ओडीओपी 2.0
मुख्यमंत्री ने कहा कि बदलते वैश्विक बाजार, तकनीकी उन्नयन, गुणवत्ता और पैकेजिंग जैसी आधुनिक आवश्यकताओं को देखते हुए ओडीओपी को और अधिक व्यावसायिक रूप दिया जाएगा। सरकार का लक्ष्य है कि प्रदेश के पारंपरिक उत्पाद बड़े बाजारों और निर्यात के साथ-साथ स्थायी रोजगार का मजबूत आधार बनें।
ओडीओसी: हर जिले के स्वाद को मिलेगी वैश्विक पहचान
बैठक में मुख्यमंत्री ने ‘एक जनपद–एक व्यंजन’ (ODOC) की अवधारणा को मूर्त रूप देने की आवश्यकता पर भी बल दिया। उन्होंने कहा कि प्रदेश के हर जिले की अपनी विशिष्ट खाद्य परंपरा है-कहीं प्रसिद्ध हलवा है तो कहीं दालमोठ। उन्होंने निर्देश दिया कि हर जिले के प्रमुख व्यंजनों की मैपिंग कर उनकी गुणवत्ता, स्वच्छता, पैकेजिंग और ब्रांडिंग को सुदृढ़ किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि “ओडीओपी और ओडीओसी मिलकर उत्तर प्रदेश को ‘लोकल से ग्लोबल’ की दिशा में नई गति देंगे।”
ओडीओपी योजना की उपलब्धियां
2018 में शुरू हुई ओडीओपी योजना आज प्रदेश के निर्यात और स्थानीय उद्योगों की रीढ़ बन चुकी है। बैठक में प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार-
- 1.25 लाख से अधिक टूलकिट वितरित किए गए
- 6,000 करोड़ रुपये से अधिक का ऋण वितरण हुआ
- 8,000 से अधिक उद्यमियों को प्रत्यक्ष मार्केटिंग सहायता दी गई
- 30 साझा सुविधा केंद्र (CFC) स्वीकृत किए गए
- 44 उत्पादों को जियो-टैग किया जा चुका है
- ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर ओडीओपी उत्पादों की मजबूत उपस्थिति है
- प्रदेश के कुल निर्यात में ओडीओपी का योगदान 50% से अधिक है
- और योजना को लगातार दूसरी बार राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त हुआ है
उत्कृष्ट उद्यमियों को मिलेगी विशेष प्रोत्साहन
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि ओडीओपी 2.0 के तहत उन उद्यमियों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा जिन्होंने पहले चरण में उत्कृष्ट कार्य किया है, ताकि वे अपने व्यवसाय को और विस्तार दे सकें। उन्होंने तकनीक, पैकेजिंग, गुणवत्ता और बाजार के चारों प्रमुख मोर्चों पर उत्पादों को और मजबूत बनाने की आवश्यकता बताई।
कॉमन फैसिलिटी सेंटर होंगे और अधिक सशक्त
ओडीओपी से जुड़े कॉमन फैसिलिटी सेंटरों को आधुनिक सुविधाओं से लैस करने पर भी जोर दिया गया। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि इन केंद्रों में विशेषज्ञों की भागीदारी सुनिश्चित की जाए, ताकि छोटे उद्यमियों को तकनीकी परामर्श, डिज़ाइन, पैकेजिंग और उत्पादन से जुड़ी सभी सेवाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध हों।
बड़े रिटेल नेटवर्क और यूनिटी मॉल में बढ़ेगी उपस्थिति
सरकार का लक्ष्य है कि ओडीओपी उत्पाद पारंपरिक बाजारों तक सीमित न रहकर बड़े रिटेल नेटवर्क और आधुनिक बाजारों में भी प्रमुखता से दिखाई दें। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि देशभर में स्थापित हो रहे यूनिटी मॉल में ओडीओपी के समर्पित केंद्र बनाए जाएं और प्रमुख रिटेल नेटवर्क के साथ संवाद कर यूपी के उत्पादों को प्राथमिकता से प्रदर्शित किया जाए।
वैश्विक प्रमाणन से बढ़ेगी ब्रांड वैल्यू
बैठक में यह भी बताया गया कि वैश्विक स्तर पर यूपी के उत्पादों की पहचान मजबूत करने के लिए प्रतिष्ठित संस्थानों के सहयोग से उनका प्रमाणन और ब्रांड वैल्यू बढ़ाई जाएगी। इससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में ओडीओपी उत्पादों को विशिष्ट पहचान मिल सकेगी।