नोएडा में बड़ा साइबर फ्रॉड, 12 करोड़ की ठगी; शेयर मार्केट में निवेश का झांसा देकर लगाया चूना
- Edited by: Pushpendra Kumar
- Updated Dec 4, 2025, 04:24 PM IST
उत्तर प्रदेश के नोएडा में 12 करोड़ रुपये की साइबर ठगी को अंजाम दिया गया है। साइबर ठगो ने शेयर मार्केट में निवेश का झांसा देकर भारी भरकम रकम ठग लिए गए।
(सांकेतिक फोटो-Istock)
नोएडा : शहर में साइबर क्राइम का ग्राफ बढ़ता जा रहा है। इस बीच अब तक की सबसे बड़ी ऑनलाइन साइबर ठगी मामला सामने आया है, जहां सेक्टर-47 निवासी एक शख्स से साइबर ठगों ने करीब 12 करोड़ रुपये ठग लिए। साइबर ठगों ने शेयर मार्केट में निवेश का झांसा देकर इस घटना को अंजाम दिया है।
कैसे फंसाया
जानकारी के मुताबिक सेक्टर 47 के रहने वाले इंद्रपाल सिंह पेशे से कंसलटेंट का काम करते हैं। दरअसल, 17 अक्टूबर 2025 को पीड़ित के व्हाट्सऐप नंबर पर ‘क्यारा शर्मा’ नाम की प्रोफाइल से मैसेज आया। खुद को शेयर मार्केट एक्सपर्ट बताकर महिला ने पीड़ित से बातचीत शुरू की और निवेश से बड़ा मुनाफा कमाने का लालच दिया। उसके बाद झांसे में लेकर पीड़ित को दो अलग-अलग व्हाट्सऐप ग्रुप SUNDARAN AMC-STAY Positive और 111 SUNDARAN AMC-INFINITE Possibilities में जोड़ा गया, जहां नकली प्रॉफिट स्क्रीनशॉट और फर्जी यूजर मैसेज दिखाकर यह भरोसा दिलाया गया कि यह एक प्रमाणित ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म है।
ग्रुप के जरिए से पीड़ित को SDAMCMAX ऐप डाउनलोड कराया गया और 17 दिनों तक लगातार ट्रेडिंग का झांसा देने के बाद ठगों ने गारंटीड रिटर्न और 15% कमीशन का लालच दिया। शुरुआत में पीड़ित ने कम अमाउंट यानी 50,000 रुपये निवेश किए। जिसका मुनाफे में से 9 लाख रुपये पीड़ित ने पहले निकाल लिए। इससे पीड़ित को साइबर ठगों पर पूरा भरोसा हो गया। इसके बाद 17 दिनों के अंदर ठगों ने अलग-अलग खातों में 9 ट्रांजेक्शन के जरिए 11,99,50,000 रुपये पीड़ित से इनवेस्टमेंट के नाम पर ट्रांसफर करा लिए।
उसके बाद ठगों ने पीड़ित को EXATO TECHNOLOGIES LTD के आईपीओ में निवेश के नाम पर और 17 करोड़ रुपये की मांग की। जिसपर पर पीड़ित को शक हुआ और उसे एहसास हुआ कि उनके साथ साइबर फ्रॉड हो रहा है, जिसके बाद पीड़ित इन्द्रपाल चौहान ने साइबर क्राइम थाने में FIR दर्ज करवाया।
एडीसीपी साइबर क्राइम शव्या गोयल ने बताया कि मामले की जा रही है और ठगों द्वारा उपयोग किए गए बैंक खातों की पहचान कर ट्रांजैक्शन अकाउंट फ्रीज करने की कार्रवाई की जा रही है। आरोपियों तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है।