उत्तर प्रदेश

Meerut: झुग्गी बस्तियों में घुसपैठियों की पहचान कर रही पुलिस; कार्रवाई से इलाके में मची हलचल

मेरठ में फतेहुल्लहपुर रोड की झुग्गी बस्तियों में पुलिस ने संदिग्ध शरणार्थियों और घुसपैठियों की पहचान के लिए विशेष जांच अभियान शुरू किया। एसएसपी डॉ. विपिन ताडा के नेतृत्व में पुलिस और सुरक्षा बलों की संयुक्त टीम ने अचानक इलाके में पहुंचकर गहन छानबीन की। इस अभियान का उद्देश्य जिले की सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए बाहरी राज्यों और शहरों से आए निवासियों का सत्यापन करना है।

Meerut News: मेरठ में पुलिस ने फतेहुल्लहपुर रोड की झुग्गी बस्तियों में संदिग्ध शरणार्थियों और घुसपैठियों की पहचान के लिए व्यापक जांच अभियान चलाया। इस अभियान का नेतृत्व एसएसपी डॉ. विपिन ताडा कर रहे थे, जिसमें पुलिस, RRF और सुरक्षा बलों की संयुक्त टीम ने अचानक इलाके में पहुंचकर गहन छानबीन की। जांच के दौरान बस्ती में रहने वाले व्यक्तियों से उनके आधार कार्ड, पहचान पत्र, निवास प्रमाण और मोबाइल नंबर समेत अन्य दस्तावेजों की कड़ाई से पड़ताल की गई। पुलिस ने बताया कि इस दौरान कई लोग असम के मूल निवासी पाए गए।

इलाके में मचा हड़कंप

अचानक हुई इस कार्रवाई से इलाके में हलचल का माहौल देखा गया। कई लोग दस्तावेज न होने के कारण परेशान दिखे, जबकि कुछ लोग पुलिस के सहयोगी नजर आए। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी अवैध घुसपैठिया या संदिग्ध व्यक्ति जिले की सुरक्षा के लिए खतरा न बने। एसएसपी डॉ. विपिन ताडा ने बताया कि यह जांच अभियान लगातार जारी रहेगा और इसमें विशेष रूप से बाहरी राज्यों और शहरों से आने वाले निवासियों का सत्यापन किया जा रहा है।

एक-एक व्यक्ति की हो रही पहचान

एसएसपी ने बताया कि जिन इलाकों में कच्चे मकान, अवैध कॉलोनियां या अनधिकृत निर्माण हैं, वहां पुलिस टीमों द्वारा विशेष निगरानी और जांच की जा रही है। हर व्यक्ति का आईडी कार्ड लिया जाता है और उसकी कॉपी सुरक्षित रखी जाती है, साथ ही परिवार के सदस्यों का विवरण भी दर्ज किया जाता है। एसएसपी के अनुसार, दूसरे राज्यों से आए लोगों के दस्तावेज उनके मूल राज्यों की पुलिस के माध्यम से सत्यापित कराए जा रहे हैं। इसके अलावा, उनके मोबाइल नंबर, बैंक खाते और कार्यस्थलों की भी जांच की जा रही है ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि का समय रहते पता लगाया जा सके।

आपराधिक मामले की पुष्टि नहीं हुई

इसी के साथ, अभी तक किसी गंभीर सामाजिक या आपराधिक मामले की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन दस्तावेजों की क्रॉस-वेरिफिकेशन प्रक्रिया लगातार जारी है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि अगर कोई व्यक्ति वैध दस्तावेजों के बिना या संदिग्ध परिस्थितियों में पाया जाता है, तो उसके खिलाफ नियमों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। यह अभियान भविष्य में भी इसी तरह नियमित रूप से जारी रहेगा।

Nilesh DwivedI
निलेश द्विवेदीauthor

निलेश द्विवेदी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी टीम में काम कर रहे हैं। वे शहरों से जुड़ी लोकल घटनाएं, क्राइम, राजनीति, इंफ्रास्ट्रक्चर और राज्यवार अपडेट्स पर लगातार काम करते हैं। निलेश महत्वपूर्ण विवरणों को चुनने और पाठकों की रुचि के हिसाब से कंटेंट को प्रभावी तरीके से पेश करने के लिए जाने जाते हैं। डिजिटल न्यूजरूम के रफ्तार भरे माहौल में वे हर खबर को सटीक एंगल, आसान भाषा और उपयोगी जानकारी के साथ पेश करने पर फोकस करते हैं और अबतक 2,000 से अधिक खबरें लिख चुके हैं।

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