उत्तर प्रदेश

Kanpur-Kabrai Greenfield Highway: यूपी का 112 किलोमीटर लंबा हाईवे देगा दिल्ली से मुंबई तक आसान कनेक्टिविटी, बुंदेलखंड की बदलेगी तस्वीर

कानपुर से महोबा होते हुए कबरई तक बनने वाला 112 किलोमीटर लंबा ग्रीनफील्ड एलीवेटेड हाईवे बुंदेलखंड के विकास में बड़ा कदम साबित होगा। करीब चार हजार करोड़ रुपये की लागत से तैयार होने वाली यह परियोजना बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे से जुड़कर छतरपुर, भोपाल और मुंबई कॉरिडोर तक सुगम कनेक्टिविटी देगी। इसका काम अब शुरू हो चुका है

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93 गांवों में भूमि अधिग्रहण जारी, जल्द पूरा होगा काम (प्रतीकात्मक तस्वीर)

Kanpur Greenfield Elevated Highway: कानपुर से महोबा होते हुए कबरई तक बनने वाला नया ग्रीनफील्ड एलीवेटेड हाईवे यूपी में तेजी से बदलते इंफ्रास्ट्रक्चर का एक और बड़ा कदम साबित होने जा रहा है। 112 किलोमीटर लंबा यह हाईवे बुंदेलखंड के विकास की राह को नई रफ्तार देगा। खास बात यह है कि पूरा मार्ग जमीन से कई मीटर ऊपर तैयार होगा और महोबा, घाटमपुर तथा हमीरपुर में अलग-अलग स्थानों पर चढ़ने-उतरने के लिए विशेष रैंप बनाए जाएंगे। करीब चार हजार करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली यह परियोजना न केवल बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे से सीधा जुड़ाव बनाएगी, बल्कि आगे छतरपुर, भोपाल होते हुए मुंबई कॉरिडोर तक बेहद कनेक्टिविटी बेहतर करेगी। इसके तैयार होने पर नौबस्ता–हमीरपुर मार्ग पर बढ़ रहा ट्रैफिक दबाव काफी हद तक कम हो जाएगा और सड़क दुर्घटनाओं में भी कमी आने की उम्मीद है।

भूमि अधिग्रहण का काम शुरू

परियोजना की विस्तृत डिजाइन सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय को अंतिम मंजूरी के लिए भेजी जा चुकी है। इसके साथ ही कानपुर नगर, कानपुर देहात, हमीरपुर और महोबा के कुल 93 गांवों में भूमि अधिग्रहण तेजी से चल रहा है। लगभग 1139 हेक्टेयर भूमि इस परियोजना के लिए ली जानी है, जिसमें कानपुर क्षेत्र के 49, हमीरपुर के 35 और महोबा के 9 गांव शामिल हैं। NHAI इस हाईवे का निर्माण करेगा और टेंडर प्रक्रिया इस वित्तीय वर्ष के भीतर पूरी करने की योजना है। हाईवे को लगभग 60 मीटर की ऊंचाई पर तैयार किया जाएगा ताकि नीचे की मौजूदा सड़कों का ट्रैफिक ऊपर की नई लाइन से बिल्कुल अलग चले और जाम की समस्या कम हो।

कैसा होगा नया हाईवे?

ग्रीनफील्ड हाईवे का लक्ष्य है कि इसे कम आबादी वाले इलाकों से गुजारा जाए ताकि मौजूदा मार्गों का भार कम हो सके। कानपुर-कबरई एलीवेटेड हाईवे इसी मॉडल पर आधारित है। इसके शुरू होने के बाद बुंदेलखंड में औद्योगिक निवेश, लॉजिस्टिक्स और व्यापारिक गतिविधियों को बड़ा प्रोत्साहन मिलेगा।

नौबस्ता-हमीरपुर मार्ग लंबे समय से भारी वाहनों के दबाव, जाम और दुर्घटनाओं से जूझ रहा था। नया एलीवेटेड मार्ग इन समस्याओं को हल करने का बड़ा विकल्प बनकर सामने आएगा। यह मार्ग रमइपुर के पास रिंग रोड से जुड़कर आगे बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे से कनेक्ट होगा, जिससे दिल्ली और आगे मुंबई तक की यात्रा और भी आसान बन जाएगी। केंद्र सरकार ने 2021 में इस महत्वाकांक्षी परियोजना को मंजूरी दी थी। अब, चार साल बाद, यह हाईवे निर्माण की दिशा में निर्णायक चरण में पहुंच चुका है और उम्मीद की जा रही है कि आने वाले वर्षों में यह पूरे बुंदेलखंड की तस्वीर बदल देगा।

Nishant Tiwari
निशांत तिवारीauthor

निशांत तिवारी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी टीम में कॉपी एडिटर हैं। शहरों से जुड़ी खबरों, स्थानीय मुद्दों और नागरिक सरोकार को समझने की उनकी गहरी दृष्टि उन्हें इस बीट का एक भरोसेमंद और प्रभावी कंटेंट राइटर बनाती है। वे जटिल लोकल इश्यूज को सहज, स्पष्ट और असरदार अंदाज में पेश करने में दक्ष हैं और अबतक 2,000 से अधिक न्यूज रिपोर्ट लिख चुके हैं। उनकी लेखन शैली शहर की नब्ज पकड़ते हुए ऐसे कंटेंट पर केंद्रित रहती है, जो सीधे पाठकों के जीवन और उनकी रोजमर्रा की चिंताओं से जुड़ा होता है।

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