Ganga Expressway: उत्तर प्रदेश में बन रहा देश का सबसे बड़ा गंगा एक्सप्रेसवे लगभग तैयार हो गया है। माघ मेले के दौरान इस एक्सप्रेसवे पर वाहन रफ्तार भर सकते हैं। मेरठ से प्रयागराज तक फैले इस एक्सप्रेसवे का निर्माण कार्य अपने अंतिम चरण में हैं। यूपीडा के अधिकारियों के अनुसार, चौथे चरण का काम पूरा हो चुका है, जबकि तीसरे चरण का निर्माण कार्य 10- 15 प्रतिशत शेष है। सरकार ने 31 दिसंबर तक हर हाल में इसे पूरा करने का निर्देश दिया है। जिसके बाद इस एक्सप्रेसवे को वाहनों के लिए खोलने की तैयारी है।
गंगा एक्सप्रेसवे का कितना काम पूरा
मेरठ से प्रयागराज को जोड़ने वाला यह एक्सप्रेसवे 494 किलोमीटर लंबा है। जिसे चार चरणों में बनाया जा रहा है। 2 नवंबर 2022 को इसका निर्माण कार्य शुरू हुआ था। इस परियोजना के चौथे चरण के तहत उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ़ और प्रयागराज के 156 किलोमीटर हिस्से पर सड़क निर्माण पूरा कर लिया गया है। यूपीडा के अधिकारियों के अनुसार तीसरे चरण के काम में कुछ परेशानी आने के कारण इसका निर्माण कार्य दिसंबर में पूरा होने की संभावना है। यूपीडा के अधिशासी अभियंता मनोज कुमार सिंह ने बताया कि निर्माण कार्य तेजी से अंतिम चरण में चल रहा है। माघ मेले के दौरान इस एक्सप्रेसवे के शुरू होने की संभावना है।
12 जिलों से गुजरेगा गंगा एक्सप्रेसवे
कुल 5,626 करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना से उत्तर प्रदेश के लगभग लगभग 518 गांव जुड़ेंगे। यह एक्सप्रेसवे 12 जिलों से होते हुए गुजरेगा। जिनमें मेरठ, हापुड़, बुलंदशहर, अमरोहा, संभल, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ़ और प्रयागराज शामिल हैं। प्रयागराज में यह एक्सप्रेसवे 20 गांवों को जोड़ते हुए 15 किलोमीटर तक गुजरेगा। यह एक्सप्रसेव 6 लेन का बनाया जा रहा है, जिसमें कई इंटरचेंज और सर्विस रोड भी हैं। जरूरत पड़ने पर इसे 8 लेन का भी किया जा सकता है। इस एक्सप्रेसवे से आवागमन सुगम होगा और आर्थिक विकास को भी बड़ा बढ़ावा मिलेगा।
गंगा एक्सप्रेसवे पर उतर सकेंगे लड़ाकू विमान
गंगा एक्सप्रेसवे पर यात्रियों की सुविधा के लिए पेट्रोल पंप, रेस्टोरेंट, मेडिकल सुविधा, रेस्ट एरिया, पुलिस चौकी और ई-व्हीकल चार्जिंग स्टेशन जैसी कई आधुनिक सेवाएं भी उपलब्ध रहेंगी। इस एक्सप्रेसवे का सबसे खास हिस्सा शाहजहांपुर में तैयार किया गया है। यहां 3.5 किलोमीटर लंबा एयर स्ट्रिप बनाया गया है। जिस पर वायुसेना के लड़ाकू विमान दिन और रात दोनों समय उतर सकेंगे। सुरक्षा के लिए हवाई पट्टी के दोनों ओर 250 सीसीटीवी कैमरे भी लगाए गए हैं।
