उत्तर प्रदेश

UP के फेमस पूर्व IPS गिरफ्तार, जालसाजी में खा सकते हैं जेल की हवा; बोले-जा सकती है जान

देवरिया में प्लॉट आवंटन में जालसाजी मामले में पूर्व आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर को गिरफ्तार कर लिया गया है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि आवंटन पाने के लिए गलत नाम, पते और जाली दस्तावेज का इस्तेमाल किया गया जबकि ठाकुर ने कथित तौर पर अपने पद का गलत इस्तेमाल करके सुरक्षा और मदद दी।

Former IPS officer Amitabh Thakur arrested

पूर्व आईपीएम अमिताभ ठाकुर गिरफ्तार (फोटो-ट्विटर)

लखनऊ : लखनऊ पुलिस ने बुधवार को भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के पूर्व अधिकारी अमिताभ ठाकुर को 1999 में देवरिया जिले में एक भूखंड के आवंटन से जुड़े जालसाजी के कथित मामले में गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के मुताबिक ठाकुर ने 1999 में देवरिया के पुलिस अधीक्षक (एसपी) के तौर पर अपने पद का दुरुपयोग कर जाली दस्तावेज और गलत पहचान का इस्तेमाल करके जिला उद्योग केंद्र द्वारा एक औद्योगिक भूखंड का आवंटन अपनी पत्नी नूतन ठाकुर के नाम पर करवाया। बाद में उन्होंने भूखंड को अपने फायदे के लिए बेच दिया।

पुलिस उपायुक्त (लखनऊ पश्चिमी) विश्वजीत श्रीवास्तव ने बताया कि इस बारे में लखनऊ के ताल कटोरा क्षेत्र के राजाजीपुरम के रहने वाले संजय शर्मा ने शिकायत दर्ज कराई थी। अधिकारी ने बताया कि शिकायत में आरोप लगाया गया है कि आवंटन पाने के लिए गलत नाम, पते और जाली दस्तावेज का इस्तेमाल किया गया जबकि ठाकुर ने कथित तौर पर अपने पद का गलत इस्तेमाल करके सुरक्षा और मदद दी। उन्होंने बताया कि शिकायत के आधार पर ताल कटोरा थाने में गत 12 सितंबर को प्राथमिकी दर्ज की गई थी।

पुलिस के मुताबिक, निष्पक्ष और पारदर्शी जांच के लिए एक विशेष टीम (एसआईटी) बनाई थी। पुलिस ने एक बयान में कहा कि जांच के दौरान देवरिया जिले से सबूत इकट्ठा किए गए, बिहार में कथित गलत नामों और पतों की पड़ताल की गयी और गवाहों के बयान दर्ज किए गए। अधिकारियों ने बताया कि सुबूतों के आधार पर ठाकुर को बुधवार तड़के करीब तीन बजकर 45 मिनट पर सीतापुर जिले की महोली सीमा के पास से गिरफ्तार किया गया । बाद में दिन में, ठाकुर को देवरिया में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट मंजू कुमारी के सामने पेश किया गया, जिन्होंने उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया।

अमिताभ ने बताया जान का खतरा

जिला सरकारी वकील (अपराध्) राजेश मिश्रा ने बताया कि इस मामले में देवरिया सदर कोतवाली में भी इसी तरह की धाराओं के तहत एक अलग मामला दर्ज किया गया है। उन्होंने बताया कि शिकायतकर्ता ने पहले राष्ट्रपति को भी कार्रवाई के लिए लिखा था।पुलिस ने बताया कि पूर्व आईपीएस अधिकारी की गिरफ्तारी के बाद न्यायालय में पेश करते समय पुलिस ने अदाल परिसर में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किये थे और कचहरी परिसर के मुख्य द्वार पर पुलिस ने रस्सा के माध्यम से बैरिकेडिंग भी की थी कोर्ट ले जाते समय, ठाकुर ने पत्रकारों से कहा कि उन्हें अपनी जान का खतरा है और वह कोर्ट से सुरक्षा मांगेंगे।

अदालत में जाते समय अमिताभ ठाकुर ने पत्रकारों से कहा कि उनकी हत्या भी कराई जा सकती है। मैं अपनी सुरक्षा की दरख्वास्त अदालत से करूंगा। अदालत में पूर्व आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर ने अपनी दलील खुद दी। उन्होंने अदालत से पांच बिन्दुओं पर अपनी सुरक्षा का भी दरख्वास्त किया है। जिसमें उनको चश्मा उपलब्ध कराना, जेल में कागज कलम उपलब्ध कराना, सुरक्षा की गारंटी आदि की मांग की।

Pushpendra Kumar
Pushpendra Kumar author

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से ... और देखें

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