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Chicken on Airplane: आखिर हवाई जहाज के इंजन पर क्यों फेंके जाते हैं 'मुर्गे'? जान लें ये 'खास राज'

  • Authored by: रवि वैश्य
  • Updated Dec 20, 2023, 11:11 PM IST

Airplane Engine Chicken: हवाई जहाज का सफर तो सभी ने किया होगा, लेकिन इसके भी कुछ सीक्रेट होते हैं, क्या आप जानते हैं कि प्लेन को उड़ाने से पहले उसके इंजन पर चिकन फेंके जाते हैं, ये प्लेन और यात्रियों की सुरक्षा के लिए होता है।

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ये टेस्ट प्लेन और उसमें सवार पैसेंजर्स की सिक्योरिटी के लिए होता है

Photo : iStock

Airplane Safety Test: फ्लाइट से यात्रा सभी करते हैं और ये खासी पॉपुलर भी है क्योंकि इसके समय की बहुत बचत होती है और यात्री आराम से अपने स्थान पर पहुंच जाते हैं, लेकिन अधिकांश लोगों को नहीं पता होगा कि फ्लाइट (Flight) की सुरक्षा के लिए एक खास टेस्ट (Airplane Safety Test) किया जाता है, जी हां हवाई जहाज के इंजन में मुर्गे (Airplane Engine Chicken Test) फेंके जाते हैं।

पर आपका सवाल होगा कि आखिर ऐसा क्यों किया जाता है और इसके पीछे का तर्क क्या है, तो ये टेस्ट प्लेन और उसमें सवार पैसेंजर्स की सिक्योरिटी के लिए होता है।

ताकि जहाज को नुकसान न हो

गौर हो कि कई बार सुना होगा कि कोई पक्षी एरोप्‍लेन के फ्लाई विंग्‍स या पंखे से टकरा गया जिससे हादसा होने का डर बना रहता है, फ्लाइट क्रैश होने पर उसमें सवार यात्रियों की जान भी जा सकती हैं, इस आशंका को खत्म करने के लिए प्लेन का इंजन स्टार्ट करके उसमें मरे हुए मुर्गे फेंके जाते हैं और देखा जाता है कि कभी लैंडिंग या टेकऑफ के वक्त कोई भी पक्षी जहाज से टकराए तो जहाज को नुकसान न हो।

इस टेस्ट को 'Bird Cannon' कहा जाता है

विमान निर्माता कंपन‍ियां मुर्गे फेंककर जो टेस्‍ट करती हैं, इसे Bird Cannon कहा जाता है, ये टेस्ट खास तरह की बर्ड गन या बर्ड कैनन से किया जाता है, कई बार ये मरे हुए मुर्गे होते है तो कभी नकली पक्षी भी होते हैं ताकि सुनिश्च‍ित किया जा सके कि पक्षी के टकराने से विमान का इंजन काम करना बंद न कर दे।

इसमें 'चिकन' फायर किए जाते हैं

'बर्ड कैनन' में चिकन होते हैं, जिसके जरिए फ्लाइट के इंजन में पक्षियों के भिड़ने की तरह ही इसमें चिकन फायर किए जाते हैं और देखा जाता है कि ये इंजन उस स्थिति का सामना कर पाएगा या नहीं, देखा जाता है कि इंजन में आग तो नहीं लग रही है ये विंड शील्ड और इंजन दोनों में किया जाता है।

इस टेस्ट में कितना 'Chicken' होता है इस्तेमाल?

एविएशन एक्सपर्टस के मुताबिक इस प्रोसेस को करने के लिए 2 से 4 किलो चिकन का इस्तेमाल किया जाता है, इस टेस्ट को सालों पहले से किया जा रहा है और ये सुरक्षात्मक कदम है जिसमें यह देखा जाता है कि इंजन में आग तो नहीं लग रही है।

रवि वैश्य
रवि वैश्यauthor

रवि वैश्य टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क पर कार्यरत एक सीनियर जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें पत्रकारिता में 20 वर्षों का व्यापक अनुभव हासिल है। खबरों की बारीकियों को समझने और तेजी से प्रस्तुत करने में उनकी विशेष दक्षता है। टीवी पत्रकारिता में रिपोर्टिंग और डेस्क—दोनों क्षेत्रों में अनुभव होने के कारण वे समाचारों को बहुआयामी दृष्टिकोण से देखते हैं। देश–दुनिया की ताजातरीन अपडेट्स, ब्रेकिंग न्यूज, एक्सप्लेनर और विशेष स्टोरीज तैयार करने में वे सिद्धहस्त हैं। उनकी प्राथमिकता हमेशा यही रही है कि हर खबर तेज, सटीक और जानकारीपूर्ण रूप में पाठकों तक पहुंचे। रवि वैश्य अब तक 22,000 से अधिक खबरें लिख चुके हैं, जिनमें कई एक्सक्लूसिव रिपोर्ट्स, इंटरव्यू, ग्राउंड रिपोर्ट्स, विश्लेषण और एक्सप्लेनर शामिल हैं।

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