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What is Metrolite: मेट्रोलाइट ट्रेन क्या है, जो नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से आसान करेगी सफर

  • Authored by: आशीष कुशवाहा
  • Updated Jan 30, 2024, 05:06 PM IST

What is metrolite train:पॉड टैक्सी और लाइट मेट्रो दोनों का तुलना करते हुए स्टडी की एक रिपोर्ट के बाद दोनों में से एक को चलाया जाएगा। यह स्टडी रिपोर्ट दो माहीने में तैयार होगी।

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लाइट मेट्रो

Photo : Twitter

What is metrolite train: बेहतर कनेक्टिविटी देने के लिए सरकार नई-नई परियोजनाएं लेकर आ रही है। इसी कड़ी में सरकार नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से परी चौक के बीच लाइट मेट्रो की तैयारी कर रही है। जिसकी रिपोर्ट तैयार करने का काम इंडियन पोर्ट रेल कॉर्पोरेशन को सौंपी गई हैं। एयरपोर्ट तक बेहतर कनेक्टिविटी होने से रियल एस्टेट में भी निवेश बढ़ सकता है।

पॉड टैक्सी परियोजना पर पहले से ही काम चल रहा

पॉड टैक्सी और लाइट मेट्रो दोनों का तुलना करते हुए स्टडी की एक रिपोर्ट के बाद दोनों में से एक को चलाया जाएगा। यह स्टडी रिपोर्ट दो माहीने में तैयार होगी। पॉड टैक्सी परियोजना पर पहले से ही काम चल रहा है। पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल पर पॉड टैक्सी के संचालन के लिए यमुना प्राधिकरण ने निविदा निकाली थी। हालांकि इसमें अभी तक किसी कंपनी ने रुचि नहीं दिखाई है।

लाइट मेट्रो और पॉड टैक्सी कितनी अलग?

दोनों की स्पीड में अंतर है। लाइट मेट्रो 80 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से दौड़ेगी,जबकि पॉड टैक्सी की रफ्तार 40 किलोमीटर प्रति घंटा रहेगी। लाइट मेट्रो प्रोजेक्ट पर प्रति किमी 250 करोड़ रुपये का खर्च का अनुमान है,जबकि पॉड टैक्सी पर प्रति किमी 50 करोड़ रुपये खर्च आएगा।

वृंदावन तक चलने की योजना

रिपोर्ट के अनुसार मेट्रोलाइट योजना को भविष्य में आगरा व वृंदावन तक ले बढ़ाने का प्लान है। ताकि नोएडा एयरपोर्ट की कनेक्टिविटी आगरा और वृन्दावन से भी अच्छी हो सके।

आशीष कुशवाहा
आशीष कुशवाहाauthor

<p>आशीष कुमार कुशवाहा Timesnowhindi.com में बतौर सीनियर कॉपी एडिटर काम कर रहे हैं। वह 2023 से Timesnowhindi.com के साथ जुड़े हैं। वह यहां शेयर बाजार, स्टॉक्स, IPO, पर्सनल फाइनेंस, बिजनेस न्यूज, कंपनी डेवलपमेंट, सक्सेस स्टोरी, यूटिलिटी, ऑटोमोबाइल, टेक्नोलॉजी और गैजेट से जुड़ी स्टोरी पर काम करते हैं। उनके पास पिछले 3 साल के भारतीय बजट को भी कवर करने का एक्सपीरियंस है। उनके पास ऑटो एक्सपो 2023 को कवर करने का अनुभव है। इसके अलावा ग्राउंड की स्टोरी और रिसर्च बेस्ड स्टोरी करने में विशेष रुचि रखते हैं। उनके पास डिजिटल मीडिया में कुल 3 साल से ज्यादा का एक्सपीरियंस है। इससे पहले इन्होंने वन इंडिया, दैनिक भास्कर डिजिटल में काम किया है। इन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से मीडिया में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई की है। वहीं ग्रेजुएशन की पढ़ाई रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय जबलपुर से मास कम्यूनिकेशन में की है। उन्हें शुरू से ही डिबेट करने, सामाजिक मुद्दों पर बात करने और शेयर बाजार में रुचि थी। उन्हें बचपन से ही अखबार के संपादकीय पेज और न्यूज पढ़ने का सौख था। स्कूल के समय उन्होंने कई क्विज कंपटीशन में भी हिस्सा लिया और प्राइज जीते हैं।</p>

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