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'विवाद से विश्वास स्कीम 2024' आज से शुरू, करदाता निपटा पाएंगे पुराने इनकम टैक्स विवाद, ऐसे मिलेगा फायदा

Vivad Se Vishwas Scheme 2024: अगर आपकी टैक्स अपील 31 जनवरी, 2020 से पहले दायर की गई है और इस स्कीम के तहत बकाया भुगतान 1 अक्टूबर 2024 से 31 दिसंबर, 2024 के बीच किया जाता है तो विवादित कर का 110 प्रतिशत और ब्याज, जुर्माना और फीस का 30 प्रतिशत अदा करना होगा।

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Vivad Se Vishwas Scheme 2024 (तस्वीर-canva)

Vivad Se Vishwas Scheme 2024: करदाताओं के पुराने इनकम टैक्स विवादों को समाप्त करने के लिए लाई गई 'विवाद से विश्वास स्कीम 2024' सोमवार से लागू हो गई है। इस स्कीम का ऐलान वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की ओर से आम बजट 2024 की स्पीच के दौरान किया गया था। इस स्कीम का उद्देश्य देश में इनकम टैक्स के पुराने विवाद को समाप्त करना है।

कौन उठा सकेगा फायदा?

विवाद से विश्वास स्कीम 2024 के जरिए 22 जुलाई, 2024 तक आयकर आयुक्त (अपील), आयकर अपीलीय न्यायाधिकरण, उच्च न्यायालयों या सर्वोच्च न्यायालय के समक्ष लंबित प्रत्यक्ष कर के मामलों को निपटाया जा सकता है। विवाद से विश्वास स्कीम 2024 का फायदा कोई भी व्यक्ति उठा सकता है, जिसका इनकम टैक्स के बकाया को लेकर मामला लंबित है। हालांकि, वे लोग इस स्कीम का फायदा नहीं उठा सकते हैं, जिन पर खोज और जब्ती, विदेशों में अघोषित आय जैसे गंभीर आयकर के मामले चल रहे हो।

इस स्कीम का फायदा लेने के लिए आपको विवाद से विश्वास स्कीम 2024 के तहत जारी हुए फॉर्म 1 भरना होगा, जिसे इनकम टैक्स की वेबसाइट पर लाइव कर दिया गया है, जिसमें आपको डिक्लेरेशन देना होगा। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं कि आपके किसी भी डिक्लेरेशन को टैक्स अथॉरिटी की ओर से स्वीकार कर लिया जाएगा।

एक अक्टूबर के बाद किया जाएगा बकाया भुगतान

अगर आपकी टैक्स अपील 31 जनवरी, 2020 से 22 जुलाई, 2024 के बीच दायर की गई है और इस स्कीम के तहत बकाया भुगतान 1 अक्टूबर 2024 से 31 दिसंबर, 2024 के बीच किया जाता है तो विवादित कर का 100 प्रतिशत और ब्याज, जुर्माना और फीस का 25 प्रतिशत अदा करना होगा। वहीं, अगर आप एक जनवरी 2025 के बाद भुगतान करते हैं तो विवादित कर का 110 प्रतिशत और ब्याज, जुर्माना और फीस का 30 प्रतिशत चुकाना होगा।

अगर आपकी टैक्स अपील 31 जनवरी, 2020 से पहले दायर की गई है और इस स्कीम के तहत बकाया भुगतान 1 अक्टूबर 2024 से 31 दिसंबर, 2024 के बीच किया जाता है तो विवादित कर का 110 प्रतिशत और ब्याज, जुर्माना और फीस का 30 प्रतिशत अदा करना होगा। वहीं, अगर आप एक जनवरी 2025 के बाद भुगतान करते हैं तो विवादित कर का 120 प्रतिशत और ब्याज, जुर्माना और फीस का 35 प्रतिशत चुकाना होगा। इससे पहले सरकार की ओर से विवाद से विश्वास स्कीम 2020 लाई गई थी, जिसमें 31 जनवरी, 2020 से पहले की इनकम टैक्स अपील को निपटाया गया था। इस योजना को करदाताओं से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली थी।

इनपुट-आईएएनएस

Vishal Maithil
Vishal Mathelauthor

विशाल मैथिल टाइम्स नाऊ नवभारत में बतौर सीनियर कॉपी एडिटर 2023 से जुड़े हुए हैं। पत्रकारिता में 6+ वर्षों के अनुभव के साथ वह टेक्नोलॉजी, सोशल मीडिया, गैजेट्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे विषयों पर गहरी समझ रखते हैं। वे ऑटोमोबाइल, बिजनेस, यूटिलिटी और हाइपरलोकल से लेकर एजुकेशन और इंटरनेशनल बीट्स पर भी काम कर चुके हैं। भोपाल से ताल्लुक रखने वाले विशाल ने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय से मीडिया रिसर्च में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। रिसर्च के क्षेत्र में उनके कई पेपर राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय जर्नल में प्रकाशित हो चुके हैं। उन्होंने दैनिक भास्कर, अमर उजाला, मासिक पत्रिका "संदेश" और सोशल मीडिया फर्म में भी काम किया है। टेक-यूटिलिटी और बिजनेस से जुड़ी खबरों को आसान और काम की भाषा में समझाना विशाल को खूब आता है। वो कोशिश करते हैं कि कम शब्दों में ज्यादा और साफ-सुथरी जानकारी मिल जाए। किताबें पढ़ना और संगीत सुनना उनका पसंदीदा काम है। आप इनसे Vishal.mathel@timesgroup.com पर संपर्क कर सकते हैं।

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