यूटिलिटी

पुरानी कार खरीदने का बना रहे हैं प्लान? इन डॉक्यूमेंट्स की जांच किए बिना भूलकर भी न करें डील

अगर आप भी अपनी जरूरत को देखते हुए एक सेकेंड कार खरीदने का प्लान बना रहे हैं तो ये जानकारी आपके काम की साबित होगी। आपको पुरानी कार को लेकर कुछ खास डॉक्यूमेंट्स की जानकारी जरूर होनी चाहिए।

Image

पुरानी कार की खरीदारी (Photo: iStock)

नई कार की तुलना में कम कीमत पर बेहतर मॉडल मिलने के कारण कई लोग पुरानी कार खरीदना पसंद करते हैं। हालांकि, इस्तेमाल की हुई कार (Used Car) खरीदते समय केवल उसकी हालत और कीमत देखना ही काफी नहीं होता। वाहन से जुड़े सभी जरूरी दस्तावेजों की जांच करना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। दस्तावेजों में छोटी-सी लापरवाही भविष्य में कानूनी, वित्तीय और स्वामित्व संबंधी समस्याएं खड़ी कर सकती है। ऐसे में पुरानी कार को लेकर कौन-से डॉक्यूमेंट्स जरूरी होते हैं आइए जानते हैं-

रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट (RC)

पुरानी कार खरीदते समय सबसे पहले गाड़ी की आरसी की जांच की जानी चाहिए। आरसी में वाहन का रजिस्ट्रेशन नंबर, चेसिस नंबर, इंजन नंबर, मालिक का नाम और वाहन की वैधता जैसी महत्वपूर्ण जानकारी होती है। कार पर दर्ज चेसिस और इंजन नंबर का मिलान आरसी में दी गई जानकारी से जरूर करें। इससे यह सुनिश्चित होता है कि वाहन वैध है और किसी तरह की गड़बड़ी नहीं है।

खरीद का मूल बिल

अगर संभव हो तो गाड़ी का मूल खरीद बिल (Purchase Invoice) भी देखना चाहिए। इससे पता चलता है कि कार कानूनी तरीके से खरीदी गई थी। साथ ही यह भी जानकारी मिल सकती है कि वाहन कभी लोन पर खरीदा गया था या नहीं।

इंश्योरेंस दस्तावेज

कार का वैलिड बीमा होना बेहद जरूरी है। बीमा दस्तावेज न केवल कानूनी आवश्यकता हैं, बल्कि दुर्घटना या नुकसान की स्थिति में सुरक्षा भी प्रदान करते हैं। बीमा की वैधता और पॉलिसी की स्थिति की जांच अवश्य करें।

सर्विस रिकॉर्ड

वाहन का सर्विस रिकॉर्ड उसकी वास्तविक स्थिति बताने में काफी मदद करता है। नियमित सर्विस करवाई जाने वाली कार आमतौर पर बेहतर हालत में होती है। सर्विस रिकॉर्ड से यह भी पता चल जाता है कि वाहन में कौन-कौन से बड़े रिपेयर या पार्ट्स बदले गए हैं। आजकल कई कंपनियां सर्विस हिस्ट्री ऑनलाइन भी उपलब्ध कराती हैं।

आरटीओ फॉर्म 28, 29 और 30

पुरानी कार खरीदते समय स्वामित्व हस्तांतरण की प्रक्रिया पूरी करना बेहद जरूरी है। इसके लिए फॉर्म 28 (NOC), फॉर्म 29 और फॉर्म 30 की आवश्यकता होती है। ये दस्तावेज वाहन को पुराने मालिक से नए मालिक के नाम ट्रांसफर करने के लिए जरूरी होते हैं। अगर कार पर पहले कभी लोन लिया गया था, तो फॉर्म 32 और 35 की जांच करनी चाहिए। ये दस्तावेज यह सुनिश्चित करते हैं कि वाहन पर किसी बैंक या वित्तीय संस्था का बकाया दावा नहीं है।

रोड टैक्स की स्थिति

यह भी जांच लें कि वाहन का रोड टैक्स पूरी तरह जमा है या नहीं। अगर गाड़ी किसी दूसरे राज्य से खरीदी जा रही है, तो रोड टैक्स से जुड़े नियमों को भी समझना जरूरी है।

PUC सर्टिफिकेट

पॉल्यूशन अंडर कंट्रोल (PUC) सर्टिफिकेट वाहन के प्रदूषण मानकों को दर्शाता है। इसकी वैधता जांचना जरूरी है, क्योंकि बिना वैध PUC के वाहन चलाना नियमों के खिलाफ है।

कार खरीदने से पहले यह भी सुनिश्चित करें कि वाहन पर कोई पेंडिंग चालान, जुर्माना या कानूनी विवाद नहीं है। आजकल यह जानकारी ऑनलाइन पोर्टलों के माध्यम से भी जांची जा सकती है।

Shivani Kotnala
शिवानी कोटनालाauthor

शिवानी कोटनाला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सीनियर कॉपी एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। पत्रकारिता के करियर में 3 साल से ज्यादा के अनुभव के साथ शिवानी ने बिजनेस और टेक से जुड़ी खबरों पर काम किया है। यूटीलिटी, शेयर बाजार, पर्सनल फाइनेंस, बैंकिंग से जुड़ी खबरों पर वह लगातार लिख रही हैं। शिवानी ने डिजिटल के साथ-साथ न्यूज एजेंसी में भी काम किया है।

और पढ़ें
End of Article